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Geography
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भारत की मृदा प्रणालियों के वर्गीकरण, उनके खनिज संगठन और भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'शुष्क और मरुस्थलीय मृदा' (Arid and Desert Soils) मुख्य रूप से पश्चिमी राजस्थान में पाई जाती है, जहाँ उच्च तापमान और तीव्र वाष्पीकरण के कारण मृदा में ह्यूमस और नमी की मात्रा नगण्य होती है, तथा इसमें कैल्शस (Calcium Carbonate) की अधिकता के कारण नीचे की परतों में 'कंकड़' की परत का निर्माण होता है।
- 2. 'पीठीय और जैविक मृदा' (Peaty and Marshy Soils) उन क्षेत्रों में विकसित होती है जहाँ भारी वर्षा और उच्च आर्द्रता के कारण बड़े पैमाने पर वनस्पति सड़ती-गलती है, और इस मृदा में ह्यूमस की मात्रा 40 से 50 प्रतिशत तक हो सकती है, जो मुख्य रूप से केरल के कोट्टायम और अलप्पुझा जिलों में 'कारी' (Kari) मृदा के रूप में पाई जाती है।
- 3. 'लाल मृदा' का विकास प्राचीन रवेदार (Crystalline) और कायांतरित चट्टानों पर होता है, जिसमें फेरिक ऑक्साइड्स की उपस्थिति के कारण इसका रंग लाल होता है, और यह मृदा दक्कन पठार के पूर्वी और दक्षिणी भागों में तथा ओडिशा एवं छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में प्रचुरता से पाई जाती है, जिसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और ह्यूमस की पर्याप्त अधिकता होती है।
- 4. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने देश की मृदाओं को उनकी आनुवंशिक विशेषताओं और गुणों के आधार पर कुल आठ प्रमुख समूहों में वर्गीकृत किया है, जिसमें क्षेत्रफल की दृष्टि से 'जलोढ़ मृदा' (Alluvial Soils) का विस्तार सबसे अधिक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि शुष्क और मरुस्थलीय मृदा पश्चिमी राजस्थान में पाई जाती है जहाँ वाष्पीकरण अधिक होने से नमी और ह्यूमस कम होते हैं, तथा नीचे कैल्शियम कार्बोनेट की अधिकता से कंकड़ की परत बनती है। कथन 2 सही है क्योंकि पीठीय और जैविक मृदा उच्च आर्द्रता वाले क्षेत्रों में वनस्पति के सड़ने से बनती है, और केरल में इसे 'कारी' मृदा कहा जाता है जिसमें ह्यूमस बहुत अधिक होता है। कथन 3 गलत है क्योंकि लाल मृदा में फेरिक ऑक्साइड के कारण रंग लाल तो होता है, लेकिन इस मृदा में नाइट्रोजन, फास्फोरस और ह्यूमस की भारी कमी होती है, पर्याप्त अधिकता नहीं। कथन 4 सही है क्योंकि ICAR ने भारत की मृदाओं को 8 प्रमुख समूहों में बांटा है और देश में सबसे बड़ा क्षेत्रफल जलोढ़ मृदा का है। इस विषय के विस्तृत अध्ययन के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
Related Questions
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना और चट्टानों के चक्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दुर्बलतामंडल (Asthenosphere) ऊपरी मेंटल का अत्यधिक चिपचिपा और आंशिक रूप से पिघला हुआ (Plastic state) भाग है, जो विवर्तनिक प्लेटों के क्षैतिज संचलन के लिए मुख्य यांत्रिक आधार प्रदान करता है।
2. रूपांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) मूल रूप से केवल आग्नेय चट्टानों के अत्यधिक ताप और दाब के प्रभाव से अपनी खनिज संरचना बदलने पर बनती हैं, इसमें अवसादी चट्टानों की कोई भूमिका नहीं होती है।
3. बेसाल्टिक मैग्मा के पृथ्वी की सतह के नीचे और ऊपर जमने से क्रमशः 'डोलराइट' जैसी अंतर्भेदी (Intrusive) और बेसाल्ट जैसी बहिर्भेदी (Extrusive) आग्नेय चट्टानों का निर्माण होता है।
4. मोहरोविकिक असांतत्य (Mohorovicic Discontinuity) क्रस्ट और ऊपरी मेंटल के बीच स्थित है, जहाँ प्राथमिक (P) भूकंपीय तरंगों की गति में अचानक गिरावट दर्ज की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत की जनगणना 2011 और मानवशास्त्रीय (Anthropological) जनसांख्यिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत की कुल जनसंख्या में अनुसूचित जनजातियों (ST) का कुल प्रतिशत लगभग 8.6% है, और राज्यवार कुल जनसंख्या के अनुपात के आधार पर लक्षद्वीप और मिजोरम में ST आबादी का हिस्सा 90% से अधिक है।
2. भारत में अनुसूचित जनजातियों की कुल जनसंख्या का राज्यवार абсолюट (निरपेक्ष) वितरण देखने पर, देश की कुल अनुसूचित जनजाति जनसंख्या का सबसे बड़ा हिस्सा मध्य प्रदेश राज्य में निवास करता है, जिसके पश्चात् महाराष्ट्र और ओडिशा का स्थान आता है।
3. हर्बर्ट रिस्ले (Herbert Risley) और बी.एस. गुहा (B.S. Guha) के शास्त्रीय मानवशास्त्रीय वर्गीकरण के अनुसार, भारत की मुख्य मानवजातियाँ प्रोटो-ऑस्ट्रोलायड, नेग्रिटो, मंगोलियाइड, नॉर्डिक और पश्चिमी ब्रेकीसेफल्स हैं, जिनमें दक्षिण भारत की पियन, चेंचु और कुरुंबा जैसी जनजातियाँ मुख्य रूप से प्रोटो-ऑस्ट्रोलायड प्रजाति से संबंध रखती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार वर्ष 2011 की जनगणना के अंतिम आंकड़ों के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या में अनुसूचित जातियों (SC) का प्रतिशत लगभग 16.6% है, जिसमें उत्तर प्रदेश राज्य में देश की सर्वाधिक एससी (SC) जनसंख्या निवास करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय मग्नतट (Continental Shelf) महाद्वीपों का डूबा हुआ विस्तारित भाग होता है, जिसकी औसत ढाल मंद (1° से भी कम) होती है और यहाँ सूर्य का प्रकाश प्रचुर मात्रा में पहुँचने के कारण ये क्षेत्र विश्व के सबसे समृद्ध मतस्यन (Fishing) क्षेत्र माने जाते हैं।
2. 'बृहद ज्वार' (Spring Tide) की स्थिति पूर्णिमा और अमावस्या दोनों के दौरान उत्पन्न होती है, क्योंकि इस समय सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में (सिजिगी/Syzygy की स्थिति में) होते हैं, जिससे उनके गुरुत्वाकर्षण बल मिलकर कार्य करते हैं।
3. 'मलक्का जलसंधि' (Strait of Malacca) प्रशांत महासागर को हिन्द महासागर से जोड़ती है और यह मलय प्रायद्वीप को इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप से अलग करती है, जो वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए अत्यधिक रणनीतिक महत्व रखती है।
4. हॉर्मूज जलसंधि फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ती है, तथा यह ईरान को संयुक्त अरब अमीरात और ओमान के मुसम्दाम प्रायद्वीप से अलग करती है, जिसे 'विश्व का तेल गलियारा' भी कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की प्रमुख झीलों, जलप्रपातों और बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लोकटक झील (मणिपुर) पूर्वोत्तर भारत की मीठे पानी की सबसे बड़ी झील है, जिसमें तैरते हुए अनूठे वनस्पति और मृदा के द्वीप पाए जाते हैं जिन्हें 'फुम्दि' (Phumdis) कहा जाता है, और इसी झील पर 'केइबुल् लामजाओ' नामक विश्व का एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान स्थित है।
2. 'कुंचिकल जलप्रपात' (Kunchikal Falls), जो शिरावती नदी पर कर्नाटक में स्थित है, भारत का सबसे ऊँचा जलप्रपात है, जिसकी कुल ऊँचाई लगभग 455 मीटर है।
3. दामोदर घाटी निगम (DVC) भारत की पहली बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना है, जिसकी स्थापना वर्ष 1948 में अमेरिकी 'टेनेसी वैली अथॉरिटी' (TVA) के मॉडल के आधार पर की गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में, हिमालयी नदियों और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ पूर्ववर्ती (Antecedent) अपवाह का उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जिसका अर्थ है कि ये नदियाँ हिमालय के उत्थान से पहले भी प्रवाहित होती थीं और उन्होंने उत्थान के साथ-साथ गहरी घाटियों (गॉर्ज) का निर्माण किया।
2. प्रायद्वीपीय नदियाँ मुख्य रूप से 'वृक्षाकार' (Dendritic) अपवाह पैटर्न का पालन करती हैं और इनकी घाटियाँ चौड़ी तथा परिपक्व (Mature) होती हैं, क्योंकि ये अपने बेस बेस लेवल (Base level) को प्राप्त कर चुकी हैं और इनकी ढाल प्रवणता बहुत कम होती है।
3. नर्मदा और तापी नदियाँ प्रायद्वीपीय भारत की प्रमुख नदियाँ होने के बावजूद डेल्टा का निर्माण करती हैं, क्योंकि वे पश्चिम की ओर बहते हुए खंभात की खाड़ी में विलीन होने से पहले अत्यधिक अवसाद का निक्षेपण करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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