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Geography
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भारत की जनगणना 2011 और मानवशास्त्रीय (Anthropological) जनसांख्यिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत की कुल जनसंख्या में अनुसूचित जनजातियों (ST) का कुल प्रतिशत लगभग 8.6% है, और राज्यवार कुल जनसंख्या के अनुपात के आधार पर लक्षद्वीप और मिजोरम में ST आबादी का हिस्सा 90% से अधिक है।
  2. 2. भारत में अनुसूचित जनजातियों की कुल जनसंख्या का राज्यवार абсолюट (निरपेक्ष) वितरण देखने पर, देश की कुल अनुसूचित जनजाति जनसंख्या का सबसे बड़ा हिस्सा मध्य प्रदेश राज्य में निवास करता है, जिसके पश्चात् महाराष्ट्र और ओडिशा का स्थान आता है।
  3. 3. हर्बर्ट रिस्ले (Herbert Risley) और बी.एस. गुहा (B.S. Guha) के शास्त्रीय मानवशास्त्रीय वर्गीकरण के अनुसार, भारत की मुख्य मानवजातियाँ प्रोटो-ऑस्ट्रोलायड, नेग्रिटो, मंगोलियाइड, नॉर्डिक और पश्चिमी ब्रेकीसेफल्स हैं, जिनमें दक्षिण भारत की पियन, चेंचु और कुरुंबा जैसी जनजातियाँ मुख्य रूप से प्रोटो-ऑस्ट्रोलायड प्रजाति से संबंध रखती हैं।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार वर्ष 2011 की जनगणना के अंतिम आंकड़ों के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या में अनुसूचित जातियों (SC) का प्रतिशत लगभग 16.6% है, जिसमें उत्तर प्रदेश राज्य में देश की सर्वाधिक एससी (SC) जनसंख्या निवास करती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में अनुसूचित जनजातियों (ST) की आबादी कुल जनसंख्या का 8.6% है, जहाँ मिजोरम और लक्षद्वीप में इनका प्रतिशत सबसे अधिक (लगभग 94% और 94.8%) है। निरपेक्ष (absolute) संख्या के आधार पर मध्य प्रदेश में सबसे अधिक ST जनसंख्या निवास करती है। बी.एस. गुहा के वर्गीकरण के तहत भारतीय उपमहाद्वीप में प्रमुख मानव प्रजातियों (Races) का समावेश है, और दक्षिण भारत की कई जनजातियाँ प्रोटो-ऑस्ट्रोलायड समूह से जुड़ी हैं। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार देश में अनुसूचित जाति (SC) की कुल आबादी 16.6 प्रतिशत है, जिसमें सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य उत्तर प्रदेश है।
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