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Geography
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भारत की प्रमुख झीलों, जलप्रपातों और बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'वुलर झील' (Wular Lake) भारत की मीठे पानी की सबसे बड़ी झीलों में से एक है, जिसका मुख्य स्रोत झेलम नदी है, और यह एक विवर्तनिक (Tectonic) गतिविधि के परिणामस्वरूप बनी है।
- 2. 'कुंचिकल जलप्रपात' (Kunchikal Falls), जो वाराही नदी पर कर्नाटक में स्थित है, भारत का सबसे ऊँचा जलप्रपात है, जिसकी कुल ऊँचाई लगभग 455 मीटर है।
- 3. 'भाखड़ा-नांगल परियोजना' सतलुज नदी पर स्थित एक गुरुत्वीय बाँध (Gravity Dam) परियोजना है, जिसके पीछे बनी कृत्रिम झील को 'गोविन्द बल्लभ पंत सागर' के नाम से जाना जाता है।
- 4. 'इडुक्की परियोजना' पेरियार नदी पर केरल राज्य में स्थित एक बहुउद्देशीय जलविद्युत परियोजना है, जो एक संकीर्ण घाटी में बने आर्क (Arch) बाँध के लिए प्रसिद्ध है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि वुलर झील भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झीलों में से एक है, जो विवर्तनिक (tectonic) गतिविधियों के कारण बनी है और इसमें झेलम नदी जल लाती है। कथन 2 सही है क्योंकि कर्नाटक की वाराही नदी पर स्थित कुंचिकल जलप्रपात भारत का सबसे ऊँचा जलप्रपात माना जाता है। कथन 3 गलत है क्योंकि भाखड़ा-नांगल बाँध के पीछे बनी कृत्रिम जलाशय झील का नाम 'गोविन्द सागर' है, जबकि 'गोविन्द बल्लभ पंत सागर' रिहंद बाँध (उत्तर प्रदेश) के पीछे बनी झील का नाम है। कथन 4 सही है क्योंकि इडुक्की परियोजना केरल में पेरियार नदी पर स्थित है और यह एक प्रसिद्ध आर्क बाँध है। आप विकिपीडिया संदर्भ के माध्यम से अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
Related Questions
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पृथ्वी की आंतरिक विवर्तनिक प्रक्रियाओं, भूकंपीय तरंगों और सुनामी की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'सुनामी' (Tsunami) तरंगे उथले समुद्र में प्रवेश करने पर अपनी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) में कमी और वेग में तीव्र गिरावट का अनुभव करती हैं, जिससे उनकी तरंग ऊँचाई (Wave Height) अचानक अत्यधिक बढ़ जाती है।
2. प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं, जो ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) प्रकृति की होती हैं और ये केवल ठोस माध्यमों से ही गमन करती हैं।
3. विवर्तनिक भूकंप (Tectonic Earthquakes) सामान्यतः भ्रंश तलों (Fault Planes) के सहारे ऊर्जा के अचानक विमोचन से उत्पन्न होते हैं, और इनका अधिकेंद्र (Epicenter) हमेशा उस स्थान पर होता है जहाँ से ऊर्जा सबसे पहले निकलती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार महासागरीय तलों पर उत्पन्न होने वाली सुनामी तरंगें गहरे समुद्र में अत्यंत लंबी तरंगदैर्ध्य और उच्च गति रखती हैं, जिसके कारण गहरे महासागर में जहाजों पर यात्रा करने वाले लोगों को इसका गंभीर अहसास होता है और बड़ी तबाही का सामना करना पड़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र और हिमालयी तथा प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ 'पूर्ववर्ती अपवाह' (Antecedent Drainage) का उदाहरण हैं, जो हिमालय के उत्थान से पहले से प्रवाहित हो रही हैं और उन्होंने गहरे गार्ज (Gorges) तथा महाखड्डों का निर्माण किया है, जबकि प्रायद्वीपीय नदियाँ मुख्य रूप से 'परवर्ती' (Consecutive/Subsequent) या 'पुनरुज्जीवित' (Rejuvenated) प्रणालियों के अंतर्गत आती हैं।
2. ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत में 'त्सांगपो' नाम से बहती है और नामचा बारवा के पास यू-टर्न (Gorge) लेकर भारत में प्रवेश करती है, जहाँ इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ दिवांग, लोहित और सुबनसिरी हैं, और यह दुनिया की सबसे बड़ी नदी द्वीप 'माजुली' का निर्माण करती है।
3. प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी 'गोदावरी' (जिसे 'दक्षिण गंगा' भी कहा जाता है) का उद्गम महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर (नासिक) से होता है, और यह बेनगंगा, पेनगंगा, वर्धा और प्राणहिता जैसी सहायक नदियों के साथ मिलकर बंगाल की खाड़ी में गिरती है, जबकि कृष्णा नदी इससे भी लंबी प्रायद्वीपीय नदी है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार नर्मदा और तापी नदियाँ प्रायद्वीपीय भारत की प्रमुख नदियाँ हैं जो पश्चिम की ओर बहते हुए अरब सागर में गिरती हैं और डेल्टा के स्थान पर ऐश्चुअरी (Estuary) या ज्वारनदमुख का निर्माण करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की मृदा (मिट्टी) के वर्गीकरण, उनके रासायनिक गुणों और भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में पाई जाने वाली 'लैटेराइट मृदा' (Laterite Soil) उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में निक्षालन (Leaching) की प्रक्रिया के परिणामस्वरूप विकसित होती है, जिसमें सिलिका का निक्षालन हो जाता है और पृष्ठ भाग पर आयरन एवं एल्युमिनियम के ऑक्साइड प्रचुर मात्रा में बच जाते हैं, जिससे यह चाय और काजू की खेती के लिए उपयुक्त होती है।
2. 'काली मृदा' (Black Soil), जिसे रेगुर मृदा भी कहा जाता है, का निर्माण ज्वालामुखी उदगार से निकले बेसाल्टिक लावा के विखंडन से हुआ है, और इसमें नमी धारण करने की क्षमता (Water Retention Capacity) अत्यधिक उच्च होती है, लेकिन इसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और ह्यूमस की कमी पाई जाती है।
3. 'क्षारीय और लवणीय मृदा' (Saline and Alkaline Soils), जिसे 'रेह', 'उसर' या 'कल्लर' भी कहा जाता है, मुख्य रूप से शुष्क और अर्ध-शुष्क जलवायु तथा नहरों द्वारा अत्यधिक सिंचाई वाले क्षेत्रों में केशिका क्रिया (Capillary Action) के कारण मिट्टी की सतह पर सोडियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम के लवणों के जमा होने से बनती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की 'जलोढ़ मृदा' (Alluvial Soil) देश के कुल क्षेत्रफल का लगभग 43% भाग पर विस्तृत है और यह देश की सबसे उपजाऊ मिट्टी है, जिसे आयु के आधार पर 'खादर' (नवीन जलोढ़) और 'बांगर' (प्राचीन जलोढ़) में विभाजित किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, घनत्व भिन्नता और विवर्तनिक प्रक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गुटेनबर्ग असंबद्धता (Gutenberg Discontinuity) निचले मेंटल और बाहरी क्रोड के बीच की सीमा पर स्थित है, जहाँ से प्राथमिक भूकंपीय तरंगों (P-waves) की गति में अचानक भारी गिरावट आती है और द्वितीयक तरंगें (S-waves) पूरी तरह से विलुप्त हो जाती हैं।
2. महाद्वीपीय क्रस्ट की औसत घनत्व संरचना महासागरीय क्रस्ट की तुलना में अधिक होती है, क्योंकि महाद्वीपीय क्रस्ट मुख्य रूप से भारी फेरोमैग्नेशियन खनिजों (बेसाल्ट) से बनी है, जबकि महासागरीय क्रस्ट हल्के सिलिका और एल्युमिनियम (सियाल) से निर्मित है।
3. विल्सन चक्र (Wilson Cycle) महासागरों के खुलने और बंद होने तथा महाद्वीपीय विखंडन एवं संकलन की निरंतर चलने वाली प्रक्रिया को दर्शाता है, जो प्लेट विवर्तनिकी के अंतर्गत शैल चक्र और क्रस्ट के पुनर्चक्रण से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है।
4. पृथ्वी की आंतरिक ऊष्मा का मुख्य स्रोत रेडियोधर्मी तत्वों (जैसे यूरेनियम, थोरियम और पोटैशियम) का क्षय है, जो मुख्यतः क्रस्ट और मेंटल में केंद्रित हैं और यही ऊष्मा मेंटल में संवहन धाराओं (Convection Currents) को संचालित करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत की प्रमुख झीलों, जलप्रपातों और बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'वुलर झील' (Wular Lake) भारत की मीठे पानी की सबसे बड़ी झीलों में से एक है, जो एक विवर्तनिक (Tectonic) गतिविधि के परिणामस्वरूप बनी है और इस झील से होकर झेलम नदी प्रवाहित होती है।
2. 'कुंचिकल जलप्रपात' (Kunchikal Falls) भारत का सबसे ऊँचा जलप्रपात है, जो कर्नाटक के शिमोगा जिले में वाराही नदी (Varahi River) पर स्थित है।
3. 'सरदार सरोवर परियोजना' नर्मदा नदी पर बनाई गई एक बहुउद्देशीय परियोजना है, जिसका लाभ मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र कुल चार राज्यों को मिलता है।
4. 'लोकटक झील' पूर्वोत्तर भारत की मीठे पानी की सबसे बड़ी झील है, जिसमें तैरते हुए अद्वितीय वनस्पति और मृदा के द्वीप पाए जाते हैं जिन्हें 'फुम्दिम' (Phumdis) कहा जाता है और इसी झील में केइबुमलामजाओ राष्ट्रीय उद्यान अवस्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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