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General Science
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डीएनए रेप्लीकेशन के दौरान लीडिंग स्ट्रैंड (Leading Strand) पर संश्लेषण किस दिशा में होता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
डीएनए का संश्लेषण हमेशा 5 prime से 3 prime दिशा में ही होता है।
Related Questions
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भौतिक राशियों और उनके मापन की प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एसआई (SI) पद्धति में सात मूल राशियाँ और दो पूरक राशियाँ हैं; जिनमें पूरक राशियों के अंतर्गत 'समकोण' (Plane angle) का मात्रक 'रेडियन' तथा 'घन कोण' (Solid angle) का मात्रक 'स्टेरेडियन' है, और ये दोनों ही विरहित (Dimensionless) राशियाँ हैं।
2. एक 'प्रकाश वर्ष' (Light-year) वह दूरी है जो निर्वात में प्रकाश द्वारा एक सौर वर्ष में तय की जाती है, और इसका मान लगभग $9.46 imes 10^{15}$ मीटर होता है।
3. पारसेक (Parsec) खगोलीय दूरियों को मापने की सबसे बड़ी व्यावहारिक इकाई है, जिसका मान लगभग $3.26$ प्रकाश वर्ष होता है, और यह उस चाप की लंबाई पर आधारित है जो पृथ्वी की कक्षा की औसत त्रिज्या के बराबर चाप बनाती है।
4. सीजीएस (CGS) पद्धति में कार्य या ऊर्जा का निरपेक्ष मात्रक 'अर्ग' (Erg) होता है, और 1 जूल (Joule) ठीक $10^7$ अर्ग के बराबर होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर के विभिन्न शारीरिक तंत्रों (पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र) की सूक्ष्म क्रियाप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आमाशय के पाइलोरिक क्षेत्र से स्रावित होने वाला 'गैस्ट्रिन' (Gastrin) हॉर्मोन मुख्य रूप से जठर ग्रंथियों को उद्दीपित कर हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($HCl$) और पेप्सिनोजेन के स्रावण को प्रेरित करता है, जबकि 'सीक्रेटिन' हॉर्मोन छोटी आंत के अग्रभाग (ड्यूडेनम) से स्रावित होकर अग्नाशय द्वारा बाईकार्बोनेट-समृद्ध रस के स्रावण को नियंत्रित करता है।
2. फुफ्फुस परिसंचरण (Pulmonary circulation) के दौरान, दायां निलय (Right ventricle) डीऑक्सीजनेटेड रक्त को फुफ्फुस धमनी के माध्यम से फेफड़ों में भेजता है, जहाँ गैसीय विनिमय के बाद ऑक्सीजनेटेड रक्त चार फुफ्फुस शिराओं (Pulmonary veins) के माध्यम से बाएं आलिंद (Left atrium) में प्रवेश करता है।
3. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में 'माइलिन आच्छद' (Myelin sheath) का निर्माण परिधीय तंत्रिका तंत्र में 'श्वान कोशिकाओं' (Schwann cells) द्वारा और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में 'ओलिगोडेंड्रोसाइट्स' (Oligodendrocytes) द्वारा होता है, जो तंत्रिका आवेगों के साल्टेटरी चालन (Saltatory conduction) को संभव बनाकर उनकी चाल को तीव्र करते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव शरीर के परिसंचरण तंत्र, श्वसन और तंत्रिका तंत्र के समन्वित कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. केरोटिड सायनस (Carotid sinus) और महाधमनी चाप (Aortic arch) में स्थित रससंवेदी (Chemoreceptors) मुख्य रूप से रक्त में $CO_2$ और $H^+$ आयनों की सांद्रता में वृद्धि तथा $O_2$ की अत्यधिक कमी का संवेदन करके मेडुला ऑब्लॉंगेटा स्थित श्वसन केंद्र को उद्दीपित करते हैं।
2. जब मस्तिष्क को रक्त की आपूर्ति अचानक कम हो जाती है या रक्तचाप गिर जाता है, तो वासोमोटर केंद्र (Vasomotor center) द्वारा सहानुभूति तंत्रिका तंत्र (Sympathetic nervous system) की सक्रियता बढ़ जाती है, जिससे परिधीय रक्त वाहिकाओं में वासोडिलेशन (Vasodilation) होता है और रक्तचाप सामान्य हो जाता है।
3. कोरोनरी धमनी का अचानक अवरुद्ध हो जाना या मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (Myocardial infarction) हृदय की पेशियों को ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित करता है, जिसके परिणामस्वरूप इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG) में ST खंड का उठना या गिरना और T-तरंग का व्युत्क्रम देखा जाता है।
4. फुफ्फुसीय शितिलन (Pulmonary ventilation) के दौरान, जब डायफ्राम और बाह्य अंतरपर्शुक पेशियाँ (External intercostal muscles) संकुचित होती हैं, तो वक्ष गुहा का आयतन बढ़ जाता है और इंट्रापल्मोनरी दाब वायुमंडलीय दाब से कम हो जाता है, जिससे हवा फेफड़ों के भीतर प्रवाहित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के रासायनिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में क्षारीय धातुओं (alkali metals) से हैलोजन की ओर बढ़ने पर, परमाणुओं की इलेक्ट्रॉन बंधुता (Electron Affinity) का मान सामान्यतः अधिक ऋणात्मक होता जाता है, क्योंकि प्रभावी नाभिकीय आवेश में वृद्धि के कारण बाह्यतम कोश में इलेक्ट्रॉन का जुड़ना अधिक ऊर्जाक्षेपी (exothermic) हो जाता है।
2. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide contraction) के कारण, 4d और 5d श्रेणी की संक्रमण धातुओं (जैसे ज़िरकोनियम और हाफ्नियम) की परमाणु त्रिज्याएँ लगभग समान हो जाती हैं, जिससे उनके रासायनिक गुणों में अत्यधिक समानता देखने को मिलती है।
3. आधुनिक आवर्त सारणी में 'विकर्ण संबंध' (Diagonal relationship) मुख्य रूप से दूसरे और तीसरे आवर्त के तत्वों (जैसे लीथियम और मैग्नीशियम) के बीच प्रदर्शित होता है, जिसका कारण आयनिक त्रिज्या और आवेश-से-त्रिज्या अनुपात (Charge-to-size ratio) का लगभग समान होना है।
4. उत्कृष्ट गैसों (Noble gases) की प्रथम आयनन एन्थैल्पी (First Ionisation Enthalpy) का मान उनके आवर्त में न्यूनतम होता है, क्योंकि उनके अष्टक (Octet) पूर्ण होने के कारण वे आसानी से इलेक्ट्रॉन त्यागने के लिए प्रवृत्त होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और हॉर्मोन नियमन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अग्न्याशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं (Islets of Langerhans) में स्थित अल्फा कोशिकाएँ 'ग््लूकागॉन' (Glucagon) हॉर्मोन का स्रावण करती हैं, जो एक हाइपरग्लाइसेमिक (Hyperglycemic) कारक है और यकृत में ग्लाइकोजेनोलिसिस तथा ग्लूकोनियोजेनेसिस को प्रेरित करके रक्त में ग्लूकोज के स्तर को बढ़ाता है।
2. थायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'कैल्सीटोनिन' (Calcitonin) एक पेप्टाइड हॉर्मोन है जो रक्त में कैल्शियम और फॉस्फेट के स्तर को कम करने का कार्य करता है, और यह पैराथाइरॉइड हॉर्मोन (PTH) के विपरीत प्रभाव प्रदर्शित करता है।
3. अधिवृक्क मज्जा (Adrenal Medulla) द्वारा 'एपिनेफ्रिन' और 'नॉरएपिनेफ्रिन' कैटेकोलामाइन्स का स्रावण किया जाता है, जिन्हें 'आपातकालीन हॉर्मोन' या 'लड़ो या भागो' (Fight or Flight) हॉर्मोन कहा जाता है, जो हृदय की धड़कन, श्वसन दर और पुतलियों के फैलाव को त्वरित रूप से बढ़ाते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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