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General Science
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किसी ब्लैक होल का 'इवेंट होराइजन' क्या है?

Detailed Explanation

यह वह सीमा है जहाँ से पलायन वेग प्रकाश से भी अधिक हो जाता है।
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Related Questions

→ सोनार (SONAR) किस सिद्धांत पर आधारित है? → मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ABO रक्त समूह प्रणाली में लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर उपस्थित ग्लाइकोप्रोटीन (एंटीजन A और B) के प्रकार के आधार पर रक्त समूह निर्धारित होते हैं, और यदि किसी व्यक्ति के प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B दोनों प्राकृतिक एंटीबॉडी उपस्थित हैं, तो उसका रक्त समूह 'O' होता है। 2. 'बॉम्बे रक्त समूह' ($O_h$ फेनोटाइप) से ग्रस्त व्यक्तियों की लाल रक्त कोशिकाओं पर 'H एंटीजन' अनुपस्थित होता है, जिसके कारण वे किसी भी सामान्य ABO रक्त समूह (A, B, AB, O) से रक्त प्राप्त नहीं कर सकते हैं, क्योंकि उनके प्लाज्मा में H एंटीजन के विरुद्ध भी एंटीबॉडी पाई जाती है। 3. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फेटेलिस (Erythroblastosis fetalis) की गंभीर स्थिति पहली गर्भावस्था में ही Rh-ऋणात्मक माता और Rh-धनात्मक भ्रूण के बीच प्लेसेंटा के माध्यम से IgG एंटीबॉडी के तीव्र संचरण के कारण उत्पन्न हो जाती है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) की आनुवंशिकी तथा अनुकूलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ABO रक्त समूह प्रणाली में लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर उपस्थित एंटीजन (एग्लूटिनोजन) के प्रकार के आधार पर रक्त समूह निर्धारित होते हैं, और जिस व्यक्ति के प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B दोनों प्राकृतिक एंटीबॉडी उपस्थित होते हैं, उसका रक्त समूह 'AB' होता है। 2. 'बॉम्बे रक्त समूह' ($O_h$ फेनोटाइप) से ग्रस्त व्यक्तियों की लाल रक्त कोशिकाओं पर 'H एंटीजन' अनुपस्थित होता है, जिसके कारण वे किसी भी सामान्य ABO रक्त समूह (A, B, AB, O) से रक्त प्राप्त नहीं कर सकते हैं, क्योंकि उनके प्लाज्मा में H एंटीजन के विरुद्ध भी एंटीबॉडी पाई जाती है। 3. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फेटेलिस (Erythroblastosis fetalis) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब एक Rh-ऋणात्मक (Rh-) माता अपने गर्भ में Rh-धनात्मक (Rh+) भ्रूण को धारण करती है, जिससे पहली गर्भावस्था में ही भ्रूण की गंभीर क्षति या मृत्यु हो जाती है क्योंकि मातृ एंटीबॉडी प्लेसेंटा को बहुत तेजी से पार करती हैं। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और पेट्रोकेमिकल प्रक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. एल्काइन्स (Alkynes) असंतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनका सामान्य सूत्र $C_n H_{2n-2}$ होता है, और इनमें कार्बन-कार्बन परमाणुओं के मध्य कम से कम एक त्रिक बंध पाया जाता है, जो संकरण (sp hybridization) के कारण इन्हें एल्कीन्स और एल्केन्स की तुलना में अधिक अम्लीय प्रकृति प्रदान करता है। 2. 'सीटेन संख्या' (Cetane Number) डीजल ईंधन की प्रज्वलन गुणवत्ता का माप है, जिसमें उच्च सीटेन संख्या वाले ईंधन (जैसे एन-हेक्ساडेकेन, मान 100) नॉकिंग का अधिक प्रतिरोध करते हैं और कम विलंब अवधि (Ignition delay) प्रदर्शित करते हैं। 3. आंशिक आसवन (Fractional Distillation) प्रक्रिया के दौरान पेट्रोलियम के विभिन्न घटकों को उनके क्वथनांकों के अंतर के आधार पर अलग किया जाता है, जिसमें सबसे कम क्वथनांक वाले घटक (जैसे पेट्रोल और नेप्था) टॉवर के सबसे ऊपरी हिस्से में संघनित होकर प्राप्त होते हैं। 4. उत्प्रेरकी क्रैकिंग (Catalytic Cracking) प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य भारी उच्च क्वथनांक वाले गैस ऑयल अंशों को कम आणविक भार वाले उच्च गुणवत्ता वाले गैसोलीन में तोड़ना है, और इस प्रक्रिया में उपयोग किए जाने वाले उत्प्रेरक मुख्य रूप से सिलिका-एलुमिना जिओलाइट्स होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → तरलों के यांत्रिकी गुणों और उनके व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी द्रव का पृष्ठ तनाव (Surface tension) अणुओं के बीच प्रभावी संसंजक बलों (Cohesive forces) के कारण उत्पन्न होता है, और जब किसी द्रव में कोई अल्प विलेय अशुद्धि मिलाई जाती है, तो सामान्यतः द्रव का पृष्ठ तनाव घट जाता है, जबकि तापमान क्रांतिक ताप (Critical temperature) तक पहुँचने पर शून्य हो जाता है। 2. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity) द्रवों में आंतरिक घर्षण का माप है, और गैसों की श्यानता तापमान में वृद्धि के साथ बढ़ती है, जबकि द्रवों की श्यानता तापमान में वृद्धि के साथ घटती है क्योंकि द्रवों में संसंजक बल तापमान बढ़ने पर कमजोर हो जाते हैं। 3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, उत्प्लावन बल (Buoyant force) का परिमाण विस्थापित तरल के भार के बराबर होता है, और यह बल हमेशा डूबे हुए भाग के द्रव्यमान केंद्र (Centre of mass) पर कार्य करता है, न कि विस्थापित तरल के गुरुत्व केंद्र पर। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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