BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Geography
15 views

पृथ्वी की आंतरिक संरचना, भूपर्पटी (Crust) के रासायनिक संघटन और चट्टानों (शैल) के चक्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) में भार के अनुसार ऑक्सीजन (Oxygen) के बाद दूसरा सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला तत्व सिलिकॉन (Silicon) है, जबकि संपूर्ण पृथ्वी के क्रोड (Core) और मेंटल को मिलाकर सबसे अधिक मात्रा में लोहा (Iron) पाया जाता है।
  2. 2. रूपांतरित या कायांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) अत्यधिक ताप, दाब या रासायनिक रूप से सक्रिय तरल पदार्थों के प्रभाव से अपने मूल रूप या खनिज संरचना में परिवर्तन करके बनती हैं, और इस प्रक्रिया में चूना पत्थर (Limestone) का संगमरमर (Marble) में परिवर्तित होना क्षेत्रीय कायांतरण (Regional Metamorphism) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
  3. 3. बेसाल्टिक मैग्मा के अत्यधिक क्षारीय और धीमी गति से ठंडा होने के कारण ग्रेनाइट चट्टानों का निर्माण होता है, जो मुख्य रूप से महासागरीय पर्पटी (Oceanic Crust) का मुख्य घटक हैं और इनमें सिलिका की मात्रा 65% से अधिक होती है।
  4. 4. पैटोजेनिक या अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks) परतदार होती हैं, जिनका निर्माण निक्षेपण और संपीड़न की प्रक्रियाओं द्वारा होता है, और इन चट्टानों में जीवाश्मों (Fossils) का पाया जाना इनकी एक प्रमुख विशेषता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि पृथ्वी की भूपर्पटी में भार के अनुसार सर्वाधिक प्रचुर तत्व ऑक्सीजन (लगभग 46.6%) है, उसके बाद सिलिकॉन (लगभग 27.7%) आता है। संपूर्ण पृथ्वी के द्रव्यमान के दृष्टिकोण से लोहा (Iron) सबसे अधिक मात्रा में पाया जाता है। कथन 2 सही है क्योंकि अत्यधिक ताप और दाब के कारण चूना पत्थर (Limestone) अपनी काया बदलकर संगमरमर (Marble) में परिवर्तित हो जाता है, जो कि क्षेत्रीय कायांतरण का उदाहरण है। कथन 3 गलत है क्योंकि ग्रेनाइट एक अम्लीय (Acidic) आग्नेय चट्टान है जिसमें सिलिका की मात्रा 65% से अधिक होती है, और यह मुख्य रूप से महाद्वीपीय पर्पटी (Continental Crust) का निर्माण करती है, जबकि महासागरीय पर्पटी मुख्य रूप से बेसाल्ट से बनी होती है। कथन 4 सही है क्योंकि अवसादी चट्टानें परतदार होती हैं और इनमें जीवाश्म पाए जाते हैं। पृथ्वी की आंतरिक बनावट और भू-गर्भिक इतिहास को समझने के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Share:

Related Questions

→ भारत के प्रमुख उद्योगों और परिवहन बुनियादी ढाँचे (रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग और जलमार्ग) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत का पहला नियोजित और मशीन चालित सूती वस्त्र कारखाना वर्ष 1854 में 'बॉम्बे स्पिनिंग एंड वीविंग कंपनी' के रूप में स्थापित किया गया था, जबकि देश का सबसे पहला आधुनिक सूती मिल कवासीजी डावर द्वारा कलकत्ता के पास घूसरी में लगाया गया था। 2. भारतीय रेल नेटवर्क को प्रशासनिक सुविधा की दृष्टि से 18 क्षेत्रीय जोनों में विभाजित किया गया है, और 'कोंकण रेलवे' (Konkan Railway) जो महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक राज्यों से गुजरती है, 'बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर' (BOT) मॉडल पर आधारित भारतीय रेल का एक प्रमुख निगम है। 3. राष्ट्रीय जलमार्ग-2 (NW-2) असम में ब्रह्मपुत्र नदी पर सदिया से धुबरी के बीच स्थित है, जो देश के अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन नेटवर्क का हिस्सा है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → भारत की जनगणना 2011 और जनजातीय जनसांख्यिकी (Tribal Demography) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) की कुल जनसंख्या देश की कुल जनसंख्या का लगभग 8.6 प्रतिशत है, जिसमें मध्य प्रदेश राज्य में देश की कुल अनुसूचित जनजाति जनसंख्या का सबसे बड़ा निरपेक्ष (Absolute) भाग निवास करता है। 2. मिजोरम और लक्षद्वीप दोनों ही ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ कुल जनसंख्या में अनुसूचित जनजातियों का प्रतिशत 90 प्रतिशत से अधिक है, जबकि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पुदुचेरी में अनुसूचित जनजातियों की आबादी शून्य दर्ज की गई है। 3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की सबसे बड़ी जनजातीय समूह 'भील' (Bhil) है, जिसके बाद दूसरा सबसे बड़ा जनजातीय समूह 'गोंड' (Gond) आता है, जो मुख्य रूप से मध्य भारत के पठारी क्षेत्रों में केंद्रित हैं। 4. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पाई जाने वाली ओंगे, जारवा, सेंटिनालीज और अंडमानी जनजातियाँ 'विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह' (PVTGs) की श्रेणी में आती हैं, जिनकी जनसांख्यिकी प्रवृत्ति में तीव्र वृद्धि दर्ज की जा रही है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भूकंपीय तरंगों, ज्वालामुखी उद्गार की क्रियाशीलता और सुनामी की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंगें होती हैं जो ध्वनि तरंगों की तरह ठोस, तरल और गैस—तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) तरंगें होती हैं जो केवल ठोस माध्यमों में ही गमन कर सकती हैं। 2. प्रशांत महासागर की परिधि को 'अग्नि वलय' (Ring of Fire) कहा जाता है, जहाँ दुनिया के अधिकांश सक्रिय ज्वालामुखी और भूकंप केंद्रित हैं, और इसका मुख्य कारण अभिसारी (Convergent) और विसर्चनी (Divergent) प्लेट सीमाओं का जटिल विवर्तनिक अंतःक्रिया है। 3. सुनामी तरंगें महासागरों में अत्यधिक लंबी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) और कम आयाम (Amplitude) वाली होती हैं, जिसके कारण गहरे समुद्र में जहाजों को इसका आभास नहीं होता, परंतु तट के पास उथले पानी में पहुँचने पर इनकी गति मंद हो जाती है और आयाम (ऊँचाई) में अत्यधिक वृद्धि हो जाती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भूकंप का 'अधिकरण' (Epicenter) वह बिंदु होता है जो ठीक उद्गम केंद्र (Focus/Hypocenter) के नीचे पृथ्वी के आंतरिक भाग में स्थित होता है जहाँ से सबसे पहले भूकंपीय ऊर्जा मुक्त होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भारतीय मानसून की क्रियाविधि, अल नीनो-दक्षिणी दोलन (ENSO) तथा हिन्द महासागर द्विध्रुव (IOD) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'अल नीनो' (El Niño) घटना के दौरान प्रशांत महासागर के पूर्वी और मध्य विषुवतरेखीय क्षेत्रों में समुद्री सतह का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है, जिससे Walker Circulation कमजोर होता है और भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वर्षा में अक्सर कमी (सूखे की स्थिति) दर्ज की जाती है। 2. 'धनात्मक हिन्द महासागर द्विध्रुव' (Positive IOD) पश्चिमी हिन्द महासागर (पूर्वी अफ्रीका के पास) को पूर्वी हिन्द महासागर (इंडोनेशिया के पास) की तुलना में अधिक गर्म कर देता है, जो भारत में मानसूनी हवाओं को और अधिक मजबूत करता है और अल नीनो के नकारात्मक प्रभावों को आंशिक रूप से संतुलित या निष्प्रभावी कर सकता है। 3. मैडन-जूलियन ऑसिलेशन (MJO) एक वैश्विक स्तर पर पूर्व की ओर बढ़ने वाला वायुमंडलीय तरंगीय क्षोभ है, जिसके सक्रिय चरण के दौरान यदि यह हिन्द महासागर के ऊपर से गुजरता है, तो यह भारतीय उपमहाद्वीप में मानसूनी वर्षा की सक्रियता और झमाझम बारिश (Burst of Monsoon) को अनुकूल रूप से बढ़ावा देता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मानसून का प्रस्फोट (Burst of Monsoon) मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी मानसून की वापसी के समय होता है, जिसके दौरान अरब सागर की शाखा सीधे राजस्थान के मरुस्थल से टकराकर पूरे देश में एक साथ भारी वर्षा कराती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → वायुमंडल के संगठन, विभिन्न परतों की विशेषताओं और वैश्विक वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वायुमंडल में नाइट्रोजन (लगभग 78.08%) और ऑक्सीजन (लगभग 20.95%) मिलकर कुल वायुमंडल का लगभग 99% हिस्सा बनाते हैं, जबकि आर्गन तीसरी सबसे प्रचुर मात्रा में पाई जाने वाली स्थायी गैस है। 2. 'क्षोभमंडल' (Troposphere) में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में सामान्य ह्रास दर (Normal Lapse Rate) के कारण प्रति 165 मीटर की ऊँचाई पर 1°C की दर से तापमान घटता है, और इस परत में सभी प्रकार की मौसमी घटनाएँ घटित होती हैं। 3. 'उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ' (Subtropical High-Pressure Belts) पृथ्वी के घूर्णन और विषुवतीय क्षेत्र से उठकर ध्रुवों की ओर जाने वाली हवाओं के अवतलन (Subsidence) के कारण बनती हैं, इसलिए ये विशुद्ध रूप से तापीय रूप से प्रेरित (Thermally induced) पेटियाँ कहलाती हैं। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार आयनमंडल (Ionosphere) थर्मोस्फीयर का एक भाग है जो रेडियो तरंगों को पृथ्वी पर वापस परावर्तित करके बेतार संचार को संभव बनाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.