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General Science
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शुद्ध अर्धचालक का प्रतिरोध तापमान बढ़ाने पर क्या होता है?

Detailed Explanation

अर्धचालक में मुक्त इलेक्ट्रॉन बढ़ जाते हैं, प्रतिरोध घटता है।
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परमाणु भौतिकी और क्वांटम यांत्रिकी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'डी ब्रॉग्ली परिकल्पना' के अनुसार, प्रत्येक गतिमान द्रव्य कण (जैसे इलेक्ट्रॉन) के साथ एक तरंग जुड़ी होती है, जिसे पदार्थ तरंग (Matter wave) कहते हैं, और इस तरंग की तरंगदैर्ध्य कण के संवेग के व्युत्क्रमानुपाती होती है। 2. हाइजेनबर्ग के 'अनिश्चितता का सिद्धांत' के अनुसार, किसी सूक्ष्म कण की स्थिति और उसके संवेग का एक साथ पूर्णतः यथार्थ निर्धारण करना असंभव है, और यदि स्थिति के मापन में अनिश्चितता शून्य कर दी जाए, तो संवेग के मापन में अनिश्चितता अनंत हो जाएगी। 3. प्रकाश-विद्युत प्रभाव (Photoelectric effect) की व्याख्या आइंस्टीन द्वारा प्लांक के क्वांटम सिद्धांत के आधार पर की गई थी, जिसके अनुसार आपतित प्रकाश की तीव्रता बढ़ाने से उत्सर्जित फोटो-इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा में वृद्धि होती है, भले ही प्रकाश की आवृत्ति देहली आवृत्ति से कम क्यों न हो। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और हॉर्मोन नियंत्रण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पश्च पीयूष ग्रंथि (Neurohypophysis) स्वयं किसी भी हॉर्मोन का संश्लेषण नहीं करती है, बल्कि यह हाइपोथैलेमस द्वारा उत्पादित 'ऑक्सीटोसिन' और 'वैसोप्रेसिन' (ADH) हॉर्मोन का भंडारण और विमोचन करती है। 2. पैराथाइरॉइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'पैराथर्मोन' (PTH) एक हाइपरकैल्सेमिक हॉर्मोन है, जो रक्त में कैल्शियम आयनों के स्तर को बढ़ाने के लिए अस्थि-अवशोषण (Bone resorption) को प्रेरित करता है और वृक्कों द्वारा कैल्शियम के पुनअवशोषण को भी बढ़ाता है। 3. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal Gland) का कॉर्टेक्स भाग 'ऐल्डोस्टेरॉन' मिनरलोकॉर्टिकॉइड स्रावित करता है, जो वृक्क नलिकाओं में सोडियम और जल के पुनअवशोषण को विनियमित करके रक्तचाप और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मुख्य भूमिका निभाता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? विलयन के अणुसंख्यक गुणों (Colligative properties) और उत्प्रेरण (Catalysis) की क्रियाविधि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर विलयन के वाष्प दाब में होने वाला आपेक्षिक अवनमन (Relative lowering of vapour pressure) विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, और यह एक अणुसंख्यक गुण है जो विलेय कणों की संख्या पर निर्भर करता है, न कि उनकी प्रकृति पर। 2. 'वांट हॉफ गुणांक' ($i$) का मान यदि किसी वैद्युत अपघट्य के जलीय विलयन में संगुणन (Association) होता है, तो 1 से कम होता है, जबकि पूर्ण वियोजन की स्थिति में यह उत्पन्न होने वाले कुल आयनों की संख्या के बराबर होता है। 3. एन्जाइम उत्प्रेरण (Enzyme catalysis) में प्रयुक्त होने वाले जैव-उत्प्रेरक अत्यधिक विशिष्ट होते हैं और वे रासायनिक अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा (Activation energy) को बढ़ा देते हैं, जिससे अभिक्रिया की दर तीव्र हो जाती है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) के संदर्भ में, निम्नलिखित हार्मोन्स और उनके मुख्य कार्यों पर विचार कीजिए: 1. अग्न्याशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं (Islets of Langerhans) की बीटा कोशिकाओं से स्रावित 'इंसुलिन' यकृत और पेशीय कोशिकाओं में ग्लूकोज को ग्लाइकोजेन के रूप में संग्रहित करने की प्रक्रिया यानी 'ग्लाइकोजेनेसिस' को प्रेरित करता है। 2. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal Gland) का वल्कल भाग (Cortex) 'एल्डोस्टेरोन' का स्रावण करता है, जो वृक्क नलिकाओं से सोडियम आयनों और जल के पुनravsorption (पुनः अवशोषण) को बढ़ावा देता है तथा पोटेशियम आयनों के उत्सर्जन को नियंत्रित करता है। 3. पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland) के पश्च भाग (Neurohypophysis) से संश्लेषित और स्रावित होने वाला 'मेलाटोनिन' हार्मोन शरीर की सर्काडियन रिदम (24-घंटे की जैविक घड़ी) और निद्रा-जागृति चक्र को मुख्य रूप से नियंत्रित करता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? प्रकाशिकी (Optics) के सिद्धांतों और लेंस-दर्पण के व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जब प्रकाश की किरण किसी सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण (Critical Angle) से अधिक हो जाता है, तो किरण का पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है, जिसके लिए यह आवश्यक है कि प्रकाश सघन से विरल माध्यम की ओर ही जाए। 2. एक उत्तल लेंस (Convex lens) को जब ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो वह लेंस अपनी अभिसारी (Converging) प्रकृति को छोड़कर अपसारी (Diverging) लेंस की तरह व्यवहार करने लगता है। 3. अवतल दर्पण (Concave mirror) द्वारा बनने वाला प्रतिबिंब हमेशा आभासी, सीधा और वस्तु के आकार से छोटा होता है, चाहे वस्तु को मुख्य अक्ष पर किसी भी स्थिति में क्यों न रखा जाए। 4. गोलीय दर्पण की फोकस दूरी ($f$) उसकी वक्रता त्रिज्या ($R$) की आधी होती है, और यह संबंध दर्पण के दर्पण सूत्र तथा सभी प्रकार के दर्पणों (गोलीय और परवलयिक) के लिए आपतन कोण के किसी भी बड़े मान हेतु पूर्णतः सटीक और सार्वभौमिक रूप से लागू होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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