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Geography
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भारत के वन प्रकार, राष्ट्रीय उद्यानों और जैव विविधता संरक्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत में उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन (Tropical Evergreen Forests) मुख्य रूप से पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढालों, उत्तर-पूर्व क्षेत्र की पहाड़ियों और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में पाए जाते हैं, जहाँ वार्षिक वर्षा 200 सेमी से अधिक और औसत तापमान 22°C से अधिक होता है।
- 2. मध्य प्रदेश राज्य में स्थित 'कान्हा राष्ट्रीय उद्यान' (Kanha National Park) देश का पहला बाघ आरक्षित क्षेत्र (Tiger Reserve) है, जिसने आधिकारिक रूप से 'भूरसिंह द बारासिंगा' (Barasingha) को अपना शुभंकर (Mascot) घोषित किया है।
- 3. 'नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व' उत्तराखंड राज्य में स्थित है, जो यूनेस्को की विश्व नेटवर्क बायोस्फीयर रिजर्व सूची में शामिल है, और इसके कोर जोन में मुख्य रूप से अल्पाइन और टंड्रा तुल्य वनस्पति तथा हिम तेंदुए (Snow Leopard) का प्राकृतिक आवास पाया जाता है।
- 4. काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान ब्रह्मपुत्र नदी के बाढ़ के मैदानों में स्थित है, जो एक सींग वाले गैंडे (Great Indian One-horned Rhinoceros) की वैश्विक आबादी का सबसे बड़ा घर है और यह उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वनों का मुख्य केंद्र है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन उन क्षेत्रों में पाए जाते हैं जहाँ 200 सेमी से अधिक वर्षा होती है, जैसे पश्चिमी घाट, उत्तर-पूर्व भारत और अंडमान-निकोबार। कथन 2 सही है; मध्य प्रदेश का कान्हा राष्ट्रीय उद्यान भारत का पहला टाइगर रिजर्व है जिसने 'भूरसिंह द बारासिंगा' को अपना आधिकारिक शुभंकर बनाया था। कथन 3 सही है क्योंकि नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व (उत्तराखंड) यूनेस्को की सूची में शामिल है और यहाँ हिम तेंदुआ तथा अल्पाइन वनस्पति पाई जाती है। कथन 4 गलत है क्योंकि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान मुख्य रूप से अर्ध-सदाबहार वनों, एलीफेंट ग्रास (हाथी घास) और नम पर्णपाती वनों के अंतर्गत आता है, न कि केवल उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वनों के।
Related Questions
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, भूकंपीय असंबद्धताओं (Discontinuities) तथा शैलों के चक्र और उनके प्रकार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गुटेनबर्ग असंबद्धता (Gutenberg Discontinuity) निचले मेंटल और बाह्य क्रोड के बीच की सीमा पर स्थित है, जहाँ प्राथमिक भूकंपीय तरंगों (P-waves) की गति में अचानक भारी गिरावट आती है और द्वितीयक तरंगें (S-waves) पूरी तरह से विलुप्त हो जाती हैं।
2. आग्नेय शैलों (Igneous Rocks) को 'प्राथमिक शैल' (Primary Rocks) भी कहा जाता है क्योंकि पृथ्वी के ठंडे होने पर सबसे पहले इन्हीं का निर्माण हुआ था, और इन शैलों में प्राचीन जीवों के जीवाश्म (Fossils) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
3. कायांतरण (Metamorphism) की प्रक्रिया के तहत चूना पत्थर (Limestone) का अत्यधिक ताप व दाब के कारण कायांतरण होकर 'संगमरमर' (Marble) में परिवर्तन होता है, जो एक अप्रभावी या अ-पातीय (Non-foliated) कायांतरित शैल का उत्कृष्ट उदाहरण है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मोहरोविकिक असंबद्धता (Mohorovičić Discontinuity) क्रस्ट और मेंटल के बीच की सीमा का निर्धारण करती है, जहाँ भूकंपीय तरंगों की गति में अचानक वृद्धि दर्ज की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख विनिर्माण उद्योगों, लौह-इस्पात संयंत्रों और परिवहन-संचार प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. स्वतंत्रता के पश्चात् भारत की दूसरी पंचवर्षीय योजना के दौरान स्थापित 'भिलाई इस्पात संयंत्र' (छत्तीसगढ़) को पूर्व सोवियत संघ के तकनीकी और आर्थिक सहयोग से स्थापित किया गया था, जो मुख्य रूप से रेलवे ट्रैक और भारी संरचनात्मक स्टील्स के उत्पादन के लिए जाना जाता है।
2. 'राष्ट्रीय जलमार्ग-1' (NW-1) गंगा-भागीरथी-हुगली नदी प्रणाली पर प्रयागराज से हल्दिया के बीच लगभग 1,620 किलोमीटर की लंबाई में स्थित है, जो देश का सबसे लंबा अंतर्देशीय जलमार्ग है।
3. भारत में 'स्वर्णिम चतुर्भुज' (Golden Quadrilateral) परियोजना के अंतर्गत देश के चार महानगरों (दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता) को जोड़ने वाले लगभग 5,846 किलोमीटर लंबे छह-लेन वाले राष्ट्रीय राजमार्गों का नेटवर्क विकसित किया गया है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का पहला सूती वस्त्र मिल 1818 में कोलकाता के पास फोर्ट ग्लोस्टर में स्थापित किया गया था, जो व्यावसायिक रूप से असफल रहा था, जबकि आधुनिक सूती कपड़ा उद्योग की वास्तविक शुरुआत 1854 में मुंबई में कावासजी डावर द्वारा स्थापित 'बॉम्बे स्पिनिंग एंड वीविंग कंपनी' से हुई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वायुमंडल की संरचना, गैसों के वितरण और वैश्विक वायुदाब पेटियों की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायुमंडल के कुल द्रव्यमान का लगभग 99% हिस्सा पृथ्वी की सतह से केवल 32 किलोमीटर की ऊँचाई तक केंद्रित है, जिसमें नाइट्रोजन और ऑक्सीजन जैसी स्थायी गैसों का अनुपात लगभग स्थिर रहता है।
2. 'आयनमंडल' (Ionosphere) में स्थित 'ई-परत' (E-layer) या केनली-हिविसाइड परत (Kennelly-Heaviside layer) लघु रेडियो तरंगों को अवशोषित करती है और केवल लंबी तरंगों को अंतरिक्ष में जाने देती है, जिससे पृथ्वी पर उपग्रह संचार संभव होता है।
3. 'उप-ध्रुवीय निम्न वायुदाब पेटियाँ' (Subpolar Low-Pressure Belts) विशुद्ध रूप से तापीय कारणों (Thermal factors) से विकसित होती हैं, क्योंकि यहाँ अत्यधिक ठंड के कारण वायु लगातार नीचे बैठती है और चक्रवातीय दशाओं को जन्म देती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'उपोष्ण कटिबंधीय उच्च वायुदाब पेटियाँ' (Subtropical High-Pressure Belts) गतिकीय कारणों (Dynamic factors) से निर्मित होती हैं, जो विषुवत वृत्त से ऊपर उठकर ठंडी होने वाली हवाओं के लगभग 30° से 35° अक्षांशों पर नीचे उतरने (Subsidence) के परिणामस्वरुप बनती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की जलवायु और मानसून की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीष्मकाल के दौरान उत्तर-पश्चिमी भारत के मैदानी भागों में अत्यधिक तापमान के कारण विकसित होने वाला 'मानसून गर्त' (Monsoon Trough) वास्तव में अंतः उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) का ही उत्तर की ओर खिसका हुआ रूप है।
2. 'अल-निनो' (El Niño) घटना के दौरान दक्षिण अमेरिकी तट पर पेरू के पास ठंडे पानी का उभार (Upwelling) अत्यधिक तीव्र हो जाता है, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप में मानसूनी हवाओं की तीव्रता और वर्षा में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
3. 'मैडियन-जुलियन दोलन' (MJO - Madden-Julian Oscillation) एक पूर्व की ओर बढ़ने वाली उष्णकटिबंधीय बादलों और पवनों की प्रणाली है, जिसका सक्रिय चरण (Active Phase) हिंद महासागर के ऊपर आने पर भारतीय मानसून वर्षा को अनुकूल रूप से प्रभावित करता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार ग्रीष्मकालीन मानसून के समय तिब्बत का पठार अत्यधिक गर्म हो जाता है, जिससे वहाँ एक शक्तिशाली उच्च वायुदाब क्षेत्र बनता है जो मानसूनी हवाओं को भारत की ओर आकर्षित करने में मुख्य भूमिका निभाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत में सिंचाई तकनीकों, कृषि पद्धतियों और प्रमुख फसलों की भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'सूक्ष्म सिंचाई' (Micro-irrigation) के अंतर्गत ड्रिप और फव्वारा (Sprinkler) सिंचाई पद्धतियाँ आती हैं, जो सतही सिंचाई की तुलना में जल उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency) को अत्यधिक बढ़ाती हैं और भूजल के अति-दोहन को रोकने में मदद करती हैं।
2. 'धान' (Rice) एक उष्णकटिबंधीय खरीफ फसल है जिसके लिए उच्च तापमान, उच्च आर्द्रता और जल-भराव की आवश्यकता होती है, और भारत में रोपण विधि (Transplanting) से इसकी खेती बड़े पैमाने पर की जाती है।
3. 'सकल बोया गया क्षेत्र' (Gross Cropped Area) और 'शुद्ध बोए गए क्षेत्र' (Net Sown Area) के बीच का अंतर 'फसल गहनता' (Cropping Intensity) को दर्शाता है, जो यह बताता है कि एक कृषि वर्ष में किसी निश्चित भूमि पर कितनी बार फसलें उगाई जाती हैं।
4. 'जायद' की फसलें मुख्य रूप से खरीफ और रabi के बीच ग्रीष्मकालीन अल्प अवधि में उगाई जाती हैं, जिनमें तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसी फसलें शामिल हैं, जिन्हें पकने के लिए कम तापमान और उच्च आर्द्रता की आवश्यकता होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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