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Geography
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वायुमंडल की संरचना, गैसों के वितरण और वैश्विक वायुदाब पेटियों की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वायुमंडल के कुल द्रव्यमान का लगभग 99% हिस्सा पृथ्वी की सतह से केवल 32 किलोमीटर की ऊँचाई तक केंद्रित है, जिसमें नाइट्रोजन और ऑक्सीजन जैसी स्थायी गैसों का अनुपात लगभग स्थिर रहता है।
- 2. 'आयनमंडल' (Ionosphere) में स्थित 'ई-परत' (E-layer) या केनली-हिविसाइड परत (Kennelly-Heaviside layer) लघु रेडियो तरंगों को अवशोषित करती है और केवल लंबी तरंगों को अंतरिक्ष में जाने देती है, जिससे पृथ्वी पर उपग्रह संचार संभव होता है।
- 3. 'उप-ध्रुवीय निम्न वायुदाब पेटियाँ' (Subpolar Low-Pressure Belts) विशुद्ध रूप से तापीय कारणों (Thermal factors) से विकसित होती हैं, क्योंकि यहाँ अत्यधिक ठंड के कारण वायु लगातार नीचे बैठती है और चक्रवातीय दशाओं को जन्म देती है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'उपोष्ण कटिबंधीय उच्च वायुदाब पेटियाँ' (Subtropical High-Pressure Belts) गतिकीय कारणों (Dynamic factors) से निर्मित होती हैं, जो विषुवत वृत्त से ऊपर उठकर ठंडी होने वाली हवाओं के लगभग 30° से 35° अक्षांशों पर नीचे उतरने (Subsidence) के परिणामस्वरुप बनती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि वायुमंडल के कुल द्रव्यमान का लगभग 99% भाग केवल 32 किमी की ऊँचाई तक सीमित है और इस सममंडल (Homosphere) में प्रमुख गैसों (नाइट्रोजन व ऑक्सीजन) का प्रतिशत लगभग एक समान रहता है। कथन 2 गलत है क्योंकि 'आयनमंडल' की 'ई-परत' (केनली-हिविसाइड परत) मध्यम और लंबी रेडियो तरंगों को पृथ्वी पर वापस परावर्तित करती है, न कि उन्हें अवशोषित कर अंतरिक्ष में भेजती है। कथन 3 गलत है क्योंकि उप-ध्रुवीय निम्न वायुदाब पेटियाँ (Subpolar Low-Pressure Belts) तापीय कारणों से नहीं, बल्कि पृथ्वी के घूर्णन और गतिकीय कारणों (Dynamic factors) से उत्पन्न होती हैं जहाँ हवाएँ अपसरित होकर ऊपर उठती हैं। कथन 4 सही है, विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उपोष्ण कटिबंधीय उच्च वायुदाब पेटियाँ पृथ्वी के घूर्णन और वायु के अवतलन (Subsidence) जैसी गतिकीय प्रक्रियाओं के कारण लगभग 30°-35° अक्षांशों पर बनती हैं।
Related Questions
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भारत के भौगोलिक विस्तार, अक्षांशीय-देशांतीय स्थिति तथा मानक समय रेखा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर तथा देशांतीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व तक है, जिसके कारण देश के सबसे पूर्वी और पश्चिमी छोर के स्थानीय समय में लगभग दो घंटे का अंतराल पाया जाता है।
2. भारत का मानक समय (IST) 82.5° पूर्वी देशांतर पर आधारित है, जो ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) से 5.5 घंटे आगे है और यह रेखा देश के कुल 6 राज्यों (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना) से होकर गुजरती है।
3. कर्क रेखा (23°30' उत्तर) भारत को लगभग दो बराबर भागों में विभाजित करती है और यह देश के कुल 8 राज्यों से होकर गुजरती है, जिनमें पश्चिम से पूर्व की ओर सही क्रम: गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की स्थलीय सीमा की लंबाई लगभग 15,106.7 किमी है, जो 7 देशों के साथ लगती है, जिसमें सबसे लंबी सीमा बांग्लादेश के साथ और सबसे छोटी सीमा म्यांमार के साथ साझा होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र और नदियों की विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सिंधु नदी प्रणाली की प्रमुख सहायक नदी 'सतलुज' तिब्बत में मानसरोवर के निकट राकस ताल से निकलती है और यह एक पूर्ववर्ती (Antecedent) नदी का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो शिपकी ला दर्रे से भारत में प्रवेश करती है।
2. प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी 'गोदावरी' महाराष्ट्र के नासिक जिले के त्र्यंबकेश्वर से निकलती है, और इसका अपवाह तंत्र महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा राज्यों में विस्तृत है, जिसे दक्षिण गंगा भी कहा जाता है।
3. 'चंबल नदी', जो यमुना की सबसे बड़ी सहायक नदी है, मध्य प्रदेश के महू के पास जानापाव पहाड़ियों से निकलती है और यह अपने मार्ग में अत्यधिक अवनालिका अपरदन (Gully Erosion) तथा बीहड़ (Ravines) के निर्माण के लिए कुख्यात है।
4. ब्रह्मपुत्र नदी, जिसे तिब्बत में 'त्सांगपो' कहा जाता है, नामचा बारवा के पास एक तीखा मोड़ (Syntaxial Bend) लेते हुए भारत के अरुणाचल प्रदेश में 'सियांग' या 'दिहांग' के नाम से प्रवेश करती है, और इसके बेसिन में माजुली विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत में जनसंख्या घनत्व (Population Density) की दृष्टि से सबसे घनी आबादी वाला राज्य कौन सा है?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना और चट्टानों (शैल) के रूपांतरण चक्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पृथ्वी की क्रस्ट (Crust) में ऑक्सीजन और सिलिकॉन के बाद सर्वाधिक मात्रा में पाया जाने वाला तीसरा प्रमुख तत्व 'एल्युमिनियम' (Aluminum) है, जो मुख्य रूप से सियाल (SIAL) परत का मुख्य घटक है।
2. 'बेसाल्ट' और 'ग्रेब्रो' दोनों ही आग्नेय चट्टानें हैं, किंतु बेसाल्ट एक बाह्य (Extrusive) आग्नेय चट्टान है जो तीव्र शीतलन के कारण सूक्ष्म दानेदार संरचना वाली होती है, जबकि ग्रेब्रो एक आंतरिक (Intrusive) आग्नेय चट्टान है जिसका शीतलन धीमी गति से होने के कारण बड़े क्रिस्टल बनते हैं।
3. कायांतरित चट्टानों (Metamorphic Rocks) में 'पर्णन' (Foliation) या पट्टित संरचना की उपस्थिति तब सुनिश्चित होती है जब अत्यधिक विवर्तनिक दबाव के कारण खनिज कण एक समानांतर रेखा या पट्टियों के रूप में पुनर्संगठित हो जाते हैं, जिसका एक उत्कृष्ट उदाहरण 'स्लेट' और 'शिष्ट' हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार चूना पत्थर (Limestone) के कायांतरण से 'संगमरमर' (Marble) का निर्माण होता है, जो एक गैर-पर्णयुक्त (Non-foliated) कायांतरित चट्टान का प्रमुख उदाहरण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख हिमालयी और प्रायद्वीपीय दर्रों (Passes) तथा उनकी अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'जोजी ला' (Zoji La) दर्रा जांसकर श्रेणी में स्थित है, जो श्रीनगर को लेह से जोड़ता है और इसका निर्माण सिंधु नदी की एक सहायक नदी द्वारा अपरदन क्रिया के फलस्वरूप हुआ है।
2. 'शिपकी ला' (Shipki La) दर्रा हिमाचल प्रदेश में सतलुज नदी घाटी के पास स्थित है, जो भारत को तिब्बत (चीन) से जोड़ता है और इसी दर्रे से सतलुज नदी भारत में प्रवेश करती है।
3. 'पालघाट दर्रा' (Palakkad Gap) नीलगिरी और अन्नामलाई पहाड़ियों के बीच स्थित एक प्रमुख प्रायद्वीपीय अंतराल है, जो कोच्चि को चेन्नई से जोड़ने वाले सड़क और रेलमार्ग को सुगम बनाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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