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General Science
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pH 7 से कम?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अम्लीय।
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न रोगों, उनके संचरण के माध्यम और उनके उपचार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'लेप्रोसी' (कुष्ठ रोग) जो कि 'माइकोबैक्टीरियम लेप्री' नामक जीवाणु के कारण होता है, मुख्य रूप से केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है और इसके उपचार के लिए 'बहु-औषधि चिकित्सा' (MDT) का उपयोग किया जाता है।
2. 'रेबीज' (Hydrophobia) एक विषाणुजनित रोग है जो तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है और इसमें संक्रमण के बाद केंद्रीय तंत्रिका तंत्र तक वायरस के पहुँचने से रोकने के लिए प्रति-रेबीज सीरम और टीका लगाया जाता है।
3. 'फाइलेरियासिस' (हाथीपांव) एक परजीवी जनित रोग है जो 'वुचेरिया बैंक्रॉफ्टी' कृमि के कारण होता है, और यह मुख्य रूप से लसीका वाहिकाओं (Lymphatic vessels) को अवरुद्ध करके अंगों में सूजन उत्पन्न करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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एलपीजी (LPG) और सीएनजी (CNG) जैसे ईंधन तथा उनके रासायनिक घटकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है, जिसे उच्च दबाव में आसानी से द्रवीकृत किया जाता है, और सुरक्षा की दृष्टि से इसमें गंध के लिए 'एथिल मर्कैप्टन' ($C_2H_5SH$) मिलाया जाता है।
2. संपीडित प्राकृतिक गैस (CNG) में मुख्य घटक मीथेन होता है, जो वायु की तुलना में हल्का होता है और इसके दहन से कार्बन मोनोऑक्साइड तथा सल्फर डाइऑक्साइड का उत्सर्जन न्यूनतम होता है, जिससे यह पर्यावरण अनुकूल ईंधन माना जाता है।
3. 'सीटेन संख्या' (Cetane Number) डीजल ईंधन की दहन गुणवत्ता और उसके 'अपस्फोटन-रोधी' (Anti-knocking) गुणों का माप होती है, जिसमें उच्च सीटेन संख्या वाला ईंधन इंजन में तेजी से और सुचारू रूप से प्रज्वलित होता है।
4. पेट्रोलियम शोधन के दौरान भंजक आसवन (Cracking) प्रक्रिया का उपयोग उच्च आणविक द्रव्यमान वाले भारी हाइड्रोकार्बन को कम आणविक द्रव्यमान वाले उपयोगी गैसोलीन में तोड़ने के लिए किया जाता है, जिसमें उच्च तापमान और उत्प्रेरक का उपयोग होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्रकाशिकी और लेंस-दर्पण के व्यावहारिक अनुप्रयोगों तथा उनके प्रकाशीय गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब किसी उत्तल लेंस को ऐसे पारदर्शी द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की अभिसारी (Converging) प्रकृति समाप्त हो जाती है और वह एक अपसारी (Diverging) लेंस की भाँति व्यवहार करने लगता है।
2. पानी के अंदर स्थित वायु का बुलबुला प्रकाश की किरणों को अभिसरित (Converge) करता है, क्योंकि पानी का अपवर्तनांक वायु की तुलना में अधिक होता है, जिससे बुलबुला एक उत्तल लेंस की तरह कार्य करता है।
3. गोलीय दर्पणों के लिए, यदि वस्तु की वास्तविक दूरी $u$ और प्रतिबिंब की दूरी $v$ है, तो उत्तल दर्पण और अवतल दर्पण दोनों के लिए रेखीय आवर्धन ($m$) का सामान्य सूत्र $m = \frac{f}{f - u}$ होता है, जहाँ $f$ दर्पण की फोकस दूरी है।
4. पूर्ण आंतरिक परावर्तन की परिघटना के लिए प्रकाश की किरण का सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाना अनिवार्य है, और आपतन कोण का मान माध्यम के क्रांतिक कोण से अधिक होना चाहिए, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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नाभिकीय भौतिकी और रेडियोएक्टिव क्षय (Radioactive Decay) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'अल्फा क्षय' (Alpha decay) के दौरान जनक नाभिक से एक हीलियम नाभिक (${_2^4He^{2+}}$) उत्सर्जित होता है, जिससे द्रव्यमान संख्या में 4 की और परमाणु क्रमांक में 2 की कमी आ जाती है, और यह प्रक्रिया क्वांटम टनलिंग (Quantum tunnelling) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
2. 'बीटा-माइनस क्षय' ($eta^-$ decay) के दौरान नाभिक के भीतर एक न्यूट्रॉन प्रोटॉन में परिवर्तित होता है, जिसके परिणामस्वरूप एक इलेक्ट्रॉन और एक 'इलेक्ट्रॉन एंटीन्यूट्रिनो' ($ar{
u}_e$) का उत्सर्जन होता है, जिससे परमाणु क्रमांक में 1 की वृद्धि हो जाती है किंतु द्रव्यमान संख्या अपरिवर्तित रहती है।
3. 'गामा क्षय' (Gamma decay) एक ऐसा रेडियोएक्टिव प्रक्रम है जिसमें उच्च ऊर्जा या उत्तेजित अवस्था में मौजूद नाभिक द्वारा फोटॉन का उत्सर्जन किया जाता है, जिससे नाभिक की द्रव्यमान संख्या और परमाणु क्रमांक दोनों में परिवर्तन होता है और नया रासायनिक तत्व प्राप्त होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्मों और उत्प्रेरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर उसके वाष्प दाब में होने वाला आपेक्षिक अवनमन विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, जो राउल्ट के नियम का सीधा परिणाम है।
2. वेंट-हॉफ कारक ($i$) का मान उन विलेय पदार्थों के लिए हमेशा एक से अधिक होता है जो जलीय विलयन में पूर्ण रूप से संघनित (Association) हो जाते हैं, क्योंकि अणुओं के जुड़ने से कणों की कुल संख्या बढ़ जाती है।
3. जिओलाइट्स (Zeolites) त्रि-विमीय सिलिकेट नेटवर्क संरचना वाले सूक्ष्मछिद्रित उत्प्रेरक हैं जो 'आकार-वरण उत्प्रेरण' (Shape-selective Catalysis) प्रदर्शित करते हैं, क्योंकि इनकी उत्प्रेरकीय सक्रियता अभिकारकों और उत्पादों के अणुओं के आकार तथा छिद्रों के आकार पर निर्भर करती है।
4. समांग उत्प्रेरण में उत्प्रेरक और अभिकारक भिन्न-भिन्न भौतिक अवस्थाओं में होते हैं, जबकि विषमांग उत्प्रेरण में वे एक ही भौतिक अवस्था में उपस्थित होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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