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पृथ्वी के वायुमंडल के संगठन, विभिन्न परतों और वैश्विक वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वायुमंडल की सबसे निचली परत 'क्षوبमंडल' (Troposphere) में ऊंचाई के साथ तापमान में होने वाली गिरावट की औसत दर को 'सामान्य ह्रास दर' (Normal Lapse Rate) कहा जाता है, जो प्रति 165 मीटर की ऊंचाई पर लगभग 1°C होती है।
- 2. 'समताप मंडल' (Stratosphere) ओजोन गैस की उपस्थिति के कारण जानी जाती है जो पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करती है, और इसी परत के निचले हिस्से में जेट विमानों के उड़ने के लिए आदर्श और शांत मौसमी दशाएं पाई जाती हैं।
- 3. 'आयनमंडल' (Ionosphere) में तापमान ऊंचाई के साथ अत्यधिक तेजी से बढ़ता है क्योंकि यहां गैस के अणु सूर्य की पराबैंगनी और एक्स-रे किरणों को अवशोषित करके आयनित हो जाते हैं, जिससे रेडियो तरंगें पृथ्वी पर परावर्तित होती हैं।
- 4. पृथ्वी पर पाई जाने वाली 'अश्व अक्षांश' (Horse Latitudes) पेटियां उच्च वायुदाब क्षेत्र का उदाहरण हैं, जो भूमध्यरेखीय निम्न दाब पेटी से ऊपर उठी गर्म हवा के उत्तर और दक्षिण की ओर मुड़ने तथा लगभग 30°-35° अक्षांशों पर नीचे बैठने के कारण तापीय रूप से उत्पन्न होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। क्षोभमंडल में ऊंचाई बढ़ने के साथ तापमान में सामान्य ह्रास दर प्रति 165 मीटर पर 1°C (या प्रति 1 किमी पर 6.5°C) होती है। समताप मंडल में ओजोन परत पाई जाती है और यह बादलों तथा मौसमी हलचलों से मुक्त होने के कारण जेट विमान चालन के लिए अनुकूल है। आयनमंडल में गैसें सौर विकिरणों से आयनित होती हैं जिससे रेडियो संचार संभव होता है। कथन 4 गलत है क्योंकि 'अश्व अक्षांश' (30°-30° अक्षांश) गतिक रूप से (Dynamically Induced) उत्पन्न उच्च वायुदाब पेटियां हैं, न कि तापीय रूप से। भूमध्य रेखा पर तापीय रूप से निम्न दाब बनता है। वायुमंडल के विभिन्न स्तरों की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, असंबद्धताओं (Discontinuities) और भूकंपीय तरंगों के संचरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मोहरोविकिक असंबद्धता' (Mohorovicic Discontinuity) क्रस्ट (Crust) और मेंटल (Mantle) के बीच की सीमा रेखा है, जहाँ से प्राथमिक (P) भूकंपीय तरंगों की गति में अचानक तीव्र वृद्धि (लगभग 6 किमी/सेकंड से बढ़कर 8 किमी/सेकंड) हो जाती है।
2. 'गुटेनबर्ग असंबद्धता' (Gutenberg Discontinuity) मेंटल और क्रोड (Core) को पृथक् करती है, और इस गहराई पर द्वितीयक (S) तरंगें पूरी तरह से गायब (अन्तर्धान) हो जाती हैं क्योंकि यह माध्यम तरल अवस्था में परिवर्तित हो जाता है।
3. 'लेहमान असंबद्धता' (Lehmann Discontinuity) बाहरी क्रोड (Outer Core) और आंतरिक क्रोड (Inner Core) के बीच स्थित है, जो तरल बाहरी क्रोड को ठोस आंतरिक क्रोड से अलग करती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी के क्रोड का घनत्व क्रस्ट और मेंटल की तुलना में सर्वाधिक है, तथा इसका मुख्य घटक 'निफे' (Nife - निकल और लोहा) है जो पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण और चुंबकीय क्षेत्र के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय मानसून की उत्पत्ति, तंत्र और वर्षा के स्थानिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण-पश्चिम मानसून की अरब सागर शाखा पश्चिमी घाट के समानांतर आगे बढ़ती है, जिसके कारण पश्चिमी घाट के पवन-मुख ढाल पर भारी वर्षा होती है, जबकि आंतरिक दक्कन का पठार वृष्टिछाया क्षेत्र (Rain-shadow Area) के अंतर्गत आने के कारण अपेक्षाकृत शुष्क रहता है।
2. 'एल नीनो' (El Niño) घटना के दौरान पूर्वी प्रशांत महासागर (पेरू के तट के पास) में समुद्री सतह का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप में वायुदाब और पवन तंत्र में परिवर्तन होता है और सामान्यतः भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून कमजोर हो जाता है।
3. 'मैथ्यू जोर्जेनसेन' और आधुनिक मौसम विज्ञान के अनुसार, तिब्बत के पठार पर ग्रीष्मकाल में तीव्र तापन (Thermal Heating) के कारण निम्न वायुदाब क्षेत्र का विकास होता है, जो दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक हवाओं को भूमध्य रेखा पार करने के बाद दक्षिण-पश्चिमी मानसून के रूप में आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उत्तर-पूर्वी मानसून (शीतकालीन मानसून) से देश के अधिकांश भागों में वर्षा होती है, जिसमें मुख्य रूप से तमिलनाडु और केरल के तटवर्ती क्षेत्रों में शीतकाल के दौरान वर्षा प्राप्त होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वायुमंडल के संगठन, विभिन्न परतों और वैश्विक वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायुमंडल की निचली परत यानी क्षोभमंडल (Troposphere) में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में सामान्य ह्रास दर (Normal Lapse Rate) लगभग 6.5 डिग्री सेल्सियस प्रति किलोमीटर की दर से ह्रास होता है, जिसका मुख्य कारण इस परत में पृथ्वी के धरातल से दीर्घ तरंगीय स्थलीय विकिरण (Terrestrial Radiation) द्वारा नीचे से ऊपर की ओर गर्म होना है।
2. समताप मंडल (Stratosphere) के निचले भाग में ओजोन गैस की प्रचुरता पाई जाती है जो पराबैंगनी किरणों का अवशोषण करती है, जिसके कारण इस परत में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में वृद्धि होने लगती है और यही कारण है कि यह परत मौसम संबंधी उथल-पुथल से मुक्त होने के कारण जेट विमानों की उड़ान के लिए आदर्श दशा प्रदान करती है।
3. भूमध्य रेखीय निम्न वायुदाब पेटी (Equatorial Low Pressure Belt) मुख्य रूप से एक तापीय रूप से प्रेरित (Thermally Induced) पेटी है, जहाँ अत्यधिक सूर्यताप के कारण हवाएँ गर्म होकर ऊपर उठती हैं (संवहन धाराएँ), जबकि उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High Pressure Belts) गतिक रूप से प्रेरित (Dynamically Induced) पेटियाँ हैं जो पृथ्वी के घूर्णन के कारण विषुवत वृत्त से उठने वाली हवाओं के अवतलन (Subsidence) से बनती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मध्यमंडल (Mesosphere) वायुमंडल की सबसे ठंडी परत है जहाँ ऊँचाई के साथ तापमान पुनः गिरने लगता है और इसकी ऊपरी सीमा पर यानी मेसोपॉज में तापमान लगभग -90 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भूकंपीय तरंगों की संचलन प्रकृति, छाया क्षेत्रों (Shadow Zones) की ज्यामिति और सुनामी की तरंग गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'S-तरंगें' (Secondary Waves) केवल ठोस माध्यमों में संचरित हो सकती हैं, और इसी गुण के कारण पृथ्वी के बाहरी क्रोड (Outer Core) के तरल माध्यम में प्रवेश करते ही ये पूरी तरह विलुप्त हो जाती हैं, जिससे 105° से 145° के बीच का क्षेत्र S-तरंगों का विशाल छाया क्षेत्र बन जाता है।
2. 'P-तरंगों' (Primary Waves) का छाया क्षेत्र S-तरंगों की तुलना में काफी छोटा होता है, क्योंकि ये तरल क्रोड से अपवर्तित (Refracted) होकर गुजर सकती हैं, जिसके परिणामस्वरूप 105° से 145° के बीच का संपूर्ण वलय दोनों ही तरंगों के लिए 'मृत क्षेत्र' (Zone of Silence) के रूप में दर्ज किया जाता है।
3. 'सुनामी तरंगें' गहरे महासागरों में अत्यंत लंबी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) और कम ऊँचाई वाली छिछली जल तरंगों के समान होती हैं, जिनकी गति उथले तटीय क्षेत्रों में पहुँचने पर जल की गहराई कम होने के कारण घट जाती है, जबकि उनकी तरंग ऊँचाई (Amplitude) में अचानक भारी वृद्धि हो जाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रशांत महासागर के परिधीय क्षेत्रों में स्थित 'रिंग ऑफ फायर' (Ring of Fire) मुख्य रूप से अभिसारी (Convergent) और रूपांतर भ्रंश (Transform Fault) प्लेट सीमाओं का एक ऐसा नेटवर्क है जहाँ विश्व के लगभग 90% भूकंप और 75% सक्रिय ज्वालामुखी केंद्रित हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की प्रमुख बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं, जलप्रपातों और झीलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दामोदर घाटी निगम (DVC) भारत की पहली बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना है, जिसे अमेरिका की 'टेनेसी वैली अथॉरिटी' (TVA) की तर्ज पर वर्ष 1948 में स्थापित किया गया था, और इसके अंतर्गत निर्मित 'मैथन बाँध' व 'बरार बाँध' बराकर नदी पर स्थित हैं।
2. ओडिशा राज्य में महानदी पर निर्मित 'हीराकुंड बाँध' विश्व का सबसे लंबा मुख्य मिट्टी (Earthen) बाँध है, जिसके पीछे बनी विशाल जलाशय झील का नाम 'गोबिंद सागर झील' है।
3. पूर्वोत्तर भारत (मणिपुर) में स्थित 'लोकटक झील' अपनी तैरती हुई फुमड़ी (Phumdis) और उस पर स्थित 'केइबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान' के लिए विश्व प्रसिद्ध है, जो संगाई (बरमिंग) हिरण का एकमात्र प्राकृतिक आवास है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार केरल राज्य में स्थित 'वेम्बनाड झील' भारत की सबसे लंबी झील है, जिससे होकर वार्षिक 'नेहरू ट्रॉफी वल्लम काली' (नौका दौड़) का आयोजन किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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