BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Geography
22 views

महासागरीय जलधाराओं और उनके प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'बेंगुएला जलधारा' (Benguela Current) दक्षिणी अटलांटिक महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जो दक्षिण अफ्रीका के पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर प्रवाहित होती है और इसके प्रभाव से कालाहारी मरुस्थल के निर्माण में सहायता मिलती है।
  2. 2. 'क्युरोशियो जलधारा' (Kuroshio Current) प्रशांत महासागर की एक गर्म जलधारा है, जिसे 'जापान की काली धारा' भी कहा जाता है और यह उत्तरी अमेरिका के पश्चिमी तट के तापमान को नियंत्रित करती है।
  3. 3. 'फॉकलैंड जलधारा' (Falkland Current) दक्षिणी अटलांटिक महासागर में प्रवाहित होने वाली एक ठंडी जलधारा है, जो दक्षिण अमेरिका के पूर्वी तट के सहारे उत्तर की ओर बहती है और ब्राजील की गर्म जलधारा से मिलती है।
  4. 4. 'केनारी जलधारा' (Canary Current) उत्तरी अटलांटिक महासागर की एक गर्म जलधारा है, जो यूरोप के पश्चिमी तट से होते हुए उत्तर की ओर प्रवाहित होती है और भूमध्यसागरीय जलवायु को प्रभावित करती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि बेंगुएला जलधारा (Benguela Current) दक्षिणी अटलांटिक महासागर की एक प्रमुख ठंडी जलधारा है जो अफ्रीका के दक्षिण-पश्चिमी तट पर बहती है और इसके शुष्क प्रभाव से तटीय क्षेत्रों में वर्षा की कमी होती है। कथन 2 गलत है क्योंकि क्युरोशियो जलधारा प्रशांत महासागर की गर्म जलधारा है जो एशिया के पूर्वी तट (जापान) के पास बहती है, न कि उत्तरी अमेरिका के पश्चिमी तट पर। कथन 3 सही है क्योंकि फॉकलैंड जलधारा दक्षिण अमेरिका के पूर्वी तट पर बहने वाली एक ठंडी जलधारा है जो ब्राजील की गर्म धारा से मिलकर रिच फिशिंग ग्राउंड बनाती है। कथन 4 गलत है क्योंकि केनारी जलधारा (Canary Current) उत्तरी अटलांटिक महासागर की एक ठंडी जलधारा है, न कि गर्म जलधारा। अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

→ वायुमंडल की संरचना, विभिन्न परतों और वैश्विक वायुदाब पेटियों (Pressure Belts) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. क्षوبमंडल (Troposphere) में ऊँचाई के साथ तापमान में होने वाली गिरावट की सामान्य दर (Normal Lapse Rate) लगभग 6.5°C प्रति 1000 मीटर होती है, और इस परत में मौसम संबंधी सभी परिघटनाएँ (जैसे बादल, वर्षा, चक्रवात) घटित होती हैं क्योंकि यहाँ वायुमंडल का अधिकांश जलवाष्प और धूलकण केंद्रित होते हैं। 2. समताप मंडल (Stratosphere) ओजोन गैस की उपस्थिति के कारण गर्म होता है, जो पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करती है, और इसी परत के निचले हिस्से में आदर्श उड़ान परिस्थितियों के कारण जेट विमानों के उड़ने के लिए सबसे अनुकूल दशाएँ पाई जाती हैं। 3. 'अश्व अक्षांश' (Horse Latitudes) 30° से 35° उत्तर और दक्षिण अक्षांशों के मध्य उपोष्णकटिबंधीय उच्च वायुदाब पेटियों के अंतर्गत स्थित क्षेत्र हैं, जहाँ अवरोही (Descending) हवाओं के कारण आसमान साफ रहता है और शांत व स्थिर पवन दशाएँ मिलती हैं। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार विषुवतीय निम्न वायुदाब पेटी (डोलड्रम) को 'अतः उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र' (ITCZ) भी कहा जाता है, जो उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक पवनों के मिलने का स्थान है तथा सूर्य की आभासी गति के साथ उत्तर और दक्षिण की ओर विस्थापित होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भारत की जलवायु और मानसून की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ग्रीष्मकाल के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानों में अत्यधिक ताप के कारण 'मानसूनी गर्त' (Monsoon Trough) का निर्माण होता है, जो अंतःउष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) का ही उत्तर की ओर खिसका हुआ रूप है। 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार तिब्बत का पठार ग्रीष्मकाल में एक विशाल 'ऊष्मीय इंजन' (Thermal Low/High) के रूप में कार्य करता है, जो वायुमंडल के क्षोभमंडलीय स्तर पर प्रति-चक्रवातीय (Anticyclonic) दशाओं को उत्पन्न कर दक्षिण-पश्चिम मानसून की धारा को आकर्षित करने में सहायक होता है। 3. 'अल नीनो' (El Nino) घटना के सक्रिय होने पर भारतीय तटों के पास पेरू की ठंडी जलधारा का प्रभाव अत्यधिक प्रबल हो जाता है, जिससे भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून की वर्षा में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की जाती है। 4. मैसेन लाइन (Madden-Julian Oscillation - MJO) और हिन्द महासागर द्विध्रुव (Indian Ocean Dipole - IOD) जैसी महासागरीय-वायुमंडलीय परिघटनाएँ भी भारतीय मानसून की तीव्रता और वर्षा के स्थानिक वितरण को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण, उनकी उत्पत्ति और विशिष्ट भंडारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत में कोयले के कुल भंडार का लगभग 98 प्रतिशत हिस्सा गोंडवाना क्रम की चट्टानों में पाया जाता है, जो मुख्य रूप से दामोदर, सोन, महानदी और गोदावरी नदी घाटियों में संकेंद्रित हैं और इनमें उच्च कोटि का कोकिंग व नॉन-कोकिंग बिटुमिनस कोयला प्रचुर मात्रा में मिलता है। 2. देश में लिग्नाइट कोयला (भूरा कोयला) के प्रमुख भंडार मुख्य रूप से प्रायद्वीपीय भारत के बाहर टर्शरी युग की चट्टानों में मिलते हैं, जिसमें तमिलनाडु का नेवेली (Neyveli) क्षेत्र भारत का सबसे बड़ा लिग्नाइट उत्पादक क्षेत्र है, जबकि राजस्थान, गुजरात और जम्मू-कश्मीर में भी इसके छोटे भंडार मौजूद हैं। 3. भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए आवश्यक थोरियम का विशाल भंडार केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में 'मोनाज़ाइट बालू' (Monazite Sand) के रूप में प्रचुरता से उपलब्ध है, जिसका निष्कर्षण मोनाज़ाइट अयस्क से किया जाता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के अधिकांश उत्पादक भंडार टर्शरी युग की अपतटीय (Offshore) और भू-आवेष्ठित तलछटी बेसिनों में स्थित हैं, जिसमें 'मुंबई हाई' भारत का सबसे बड़ा अपतटीय तेल क्षेत्र है जो खंभात बेसिन के अंतर्गत आता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → विश्व के महाद्वीपों, देशों, उनकी राजधानियों और सीमाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'डूरंड रेखा' (Durand Line) मुख्य रूप से पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान के बीच की सीमा निर्धारित करती है, जिसका निर्धारण ब्रिटिश भारत के विदेश सचिव सर मोर्टिमर डूरंड द्वारा वर्ष 1893 में किया गया था। 2. 'दक्षिण अमेरिका महाद्वीप' में स्थित 'पराग्वे' और 'बोलीविया' दोनों देश पूर्णतः भू-आवेष्ठित (Landlocked) देश हैं, तथा बोलीविया की संवैधानिक राजधानी 'सुक्रे' (Sucre) और प्रशासनिक राजधानी 'ला पाज' (La Paz) है। 3. 'यूक्रेन' की सीमा रूस, बेलारूस, पोलैंड, स्लोवाकिया, हंगरी, रोमानिया और मोल्दोवा कुल सात देशों के साथ लगती है, तथा इसकी राजधानी 'कीएव' (Kyiv) 'नीपर नदी' (Dnieper River) के तट पर स्थित है। 4. अफ्रीकी महाद्वीप का 'हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका' (Horn of Africa) क्षेत्र चार देशों—सोमालिया, इथियोपिया, इरिट्रिया और जिबूती से मिलकर बनता है, और इस संपूर्ण क्षेत्र की सीमाएँ भूमध्य सागर से स्पर्श करती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) के वितरण, उनकी उत्पत्ति के कारकों और उनके क्षेत्रीय प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'फोकलैंड जलधारा' (Falkland Current) दक्षिण अटलांटिक महासागर में प्रवाहित होने वाली एक ठंडी जलधारा है, जो अंटार्कटिका के ठंडे जल को उत्तर की ओर लाते हुए दक्षिण अमेरिका के पूर्वी तट (अर्जेन्टीना के तट) के सहारे प्रवाहित होती है। 2. उत्तरी गोलार्ध के उच्च अक्षांशों में 'अलास्का जलधारा' (Alaska Current) एक ठंडी जलधारा का प्रमुख उदाहरण है, जो उत्तरी अमेरिका के पश्चिमी तट पर उत्तर की ओर बहते हुए वहाँ के तटीय तापमान को अत्यधिक हिमाच्छादित कर देती है। 3. 'पश्चिमी ऑस्ट्रेलेई जलधारा' (West Australian Current) हिंद महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जो ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी तट के सहारे दक्षिण से उत्तर की ओर प्रवाहित होती है और इस क्षेत्र में शुष्क जलवायु तथा मरुस्थलीकरण के विकास में सहायक होती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार महासागरीय जलधाराओं की दिशा में मौصमी परिवर्तन (Seasonal Reversal) मुख्य रूप से उत्तरी हिंद महासागर में मानसूनी हवाओं के प्रभाव के कारण स्पष्ट रूप से देखा जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.