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General Science
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RNA में थाइमिन की जगह?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
यूरेसिल।
Related Questions
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रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण (Acids, Bases and Salts) के वैचारिक परिप्रेक्ष्य में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लुईस अम्ल (Lewis acid) वे रासायनिक स्पीशीज होती हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म (Electron pair) को ग्रहण कर सकती हैं, जबकि लुईस क्षार (Lewis base) इलेक्ट्रॉन युग्म का त्याग कर सकते हैं, जिसके फलस्वरूप इनके मध्य उपसहसंयोजक बंध (Coordinate covalent bond) का निर्माण होता है।
2. ब्रॉन्स्टेड-लोरी संकल्पना के अनुसार, किसी अम्ल का 'संयुग्मी क्षार' (Conjugate base) उस अम्ल द्वारा एक प्रोटॉन ($H^+$) त्यागने के पश्चात शेष बची हुई स्पीशीज होती है, और एक दुर्बल अम्ल का संयुग्मी क्षार हमेशा एक प्रबल क्षार होता है।
3. बहुprotic अम्लों के जलीय विलयन में क्रमिक आयनन स्थिरांकों ($K_{a1}, K_{a2}, K_{a3}$) के मानों में सामान्यतः निरंतर ह्रास ($K_{a1} > K_{a2} > K_{a3}$) देखा जाता है, जिसका मुख्य कारण ऋणावेशित आयन से धनात्मक प्रोटॉन को अलग करने के लिए अधिक स्थिर वैद्युत आकर्षण बल के विरुद्ध अतिरिक्त ऊर्जा की आवश्यकता होना है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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समांग और विषमांग उत्प्रेरण (Homogeneous and Heterogeneous Catalysis) तथा विलयन के अणुसंख्यक गुणों (Colligative properties) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समांग उत्प्रेरण में अभिकारक और उत्प्रेरक दोनों समान भौतिक अवस्था (सामान्यतः द्रव या गैस) में होते हैं, जबकि विषमांग उत्प्रेरण में ठोस उत्प्रेरकों की सतह पर अभिकारकों का अधिशोषी सक्रियण (Adsorptive activation) होता है, जो रासायनिक अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा (Activation energy) को कम कर देता है।
2. वाष्पशील विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर विलयन के वाष्प दाब का आपेक्षिक अवनमन (Relative lowering of vapour pressure) विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, और यह 'राउल्ट का नियम' केवल आदर्श विलयनों द्वारा ही सभी सांद्रता सीमाओं पर सटीकता से पालन किया जाता है।
3. कोलॉइडी विलयनों (Colloidal solutions) में प्रक्षिप्त प्रावस्था (Dispersed phase) के कणों द्वारा आपतित प्रकाश के प्रकीर्णन के कारण उत्पन्न होने वाले 'टिंडल प्रभाव' (Tyndall effect) को देखने के लिए यह आवश्यक है कि प्रक्षिप्त कणों का व्यास आपतित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य की तुलना में बहुत अधिक हो।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं के भीतर विभिन्न कोशिका अंगकों (Organelles) की संरचना, उनके अंतःझिल्ली तंत्र और प्रोटीन लक्ष्यीकरण (Protein targeting) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंतःप्रद्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum) से संश्लेषित होने वाले स्रावी प्रोटीन और झिल्ली प्रोटीन मुख्य रूप से खुरदरी अंतःप्रद्रव्यी जालिका (RER) की सतह पर स्थित राइबोसोम द्वारा बनाए जाते हैं, और इन प्रोटीनों के N-टर्मिनस पर एक विशेष 'सिग्नल पेप्टाइड' होता है जिसे साइटोसॉल में उपस्थित 'सिग्नल रिकॉग्निशन पार्टिकल' (SRP) पहचानता है।
2. लाइसोसोम (Lysosome) पाचक एंजाइमों (हाइड्रोलेसेस) से भरे होते हैं जो अम्लीय pH (लगभग 4.5 से 5.0) पर सर्वाधिक सक्रिय होते हैं, और लाइसोसोमल झिल्ली पर मौजूद प्रोटॉन पंप ($V$-type ATPases) एटीपी के जल-अपघटन का उपयोग करके साइटोसॉल से ल्यूमेन में हाइड्रोजन आयनों ($H^+$) को सक्रिय रूप से पंप करते हैं।
3. परॉक्सिसोम (Peroxisome) एक झिल्ली-बद्ध कोशिका अंगक है जो माइटोकॉन्ड्रिया की तरह अर्ध-स्वायत्त होता है, क्योंकि इसमें अपना स्वयं का वृत्ताकार डीएनए और 70S प्रकार के राइबोसोम पाए जाते हैं, जिसके माध्यम से यह अपने सभी आवश्यक प्रोटीनों का स्व-संश्леषण करता है।
4. गोल्जीकाय (Golgi apparatus) के 'ट्रांस-गोल्जी नेटवर्क' (TGN) से निकलने वाले नए लाइसोसोमीय प्रोटीनों पर 'मैनोज-6-फॉस्फेट' (M6P) टैग जुड़ जाता है, जिसे ट्रांस-गोल्जी झिल्ली पर स्थित M6P रिसेप्टर्सपहचानकर उन्हें क्लोथ्रिन-कोटेड वेसिकल्स के माध्यम से पूर्व-लाइसोसोम डिपो की ओर निर्देशित करते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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कोशिका का पावरहाउस?
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क्वांटम टनलिंग किस प्रभाव के कारण होती है?
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