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RNA में थाइमिन की जगह?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
यूरेसिल।
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मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और विभिन्न हार्मोनल नियंत्रण प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'सोमाटोस्टाटिन' (Somatostatin) हार्मोन अग्र पिट्सुरी ग्रंथि से ग्रोथ हार्मोन (Growth Hormone) के स्रावण को रोकता है, जबकि यह अग्नाशय की लैंगरहैंस द्वीपिकाओं की डेल्टा कोशिकाओं से इंसुलिन और ग्लूकागोन के स्रावण को भी नियंत्रित करता है।
2. एड्रिनल ग्रंथि का वल्कुट (Adrenal Cortex) भाग रेनिन-एंजियोटेंसिन-एल्डोस्टेरोन तंत्र के अंतर्गत 'एल्डोस्टेरोन' हार्मोन का स्रावण करता है, जो वृक्क नलिकाओं में सोडियम और जल के पुनःअवशोषण को बढ़ाता है तथा पोटेशियम और हाइड्रोजन आयनों के उत्सर्जन को प्रेरित करता है।
3. पैराथायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'पैराथर्मोन' (PTH) एक हाइपरकैल्सेमिक हार्मोन है, जो रक्त में कैल्सियम के स्तर को बढ़ाने के लिए अस्थि के अवशोषण (Bone resorption) को प्रेरित करता है और वृक्क द्वारा कैल्सियम के पुन:अवशोषण को कम करता है।
4. पश्च पिट्सुरी (Neurohypophysis) ग्रंथि स्वयं किसी हार्मोन का संश्लेषण नहीं करती है, बल्कि यह हाइपोथैलेमस के न्यूरोसेक्रेटरी कोशिकाओं द्वारा उत्पादित 'ऑक्सीटोसिन' और 'वैसोप्रेसिन' (ADH) हार्मोन का भंडारण और मोचन करती है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों, उनके संचरण के माध्यम, रोगजनकों तथा उनके निदान के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'टिटनेस' (Tetanus) एक जीवाणु जनित संक्रामक रोग है जो क्लॉस्ट्रिडियम टिटेनी (Clostridium tetani) के बीजाणुओं द्वारा होता है, और इसके विषैले एक्सोटॉक्सिन (टिटेनोस्पासमिन) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करके कंकाल पेशियों में दीर्घकालिक अनैच्छिक संकुचन (Spasms) उत्पन्न करते हैं।
2. 'एड्स' (AIDS) का कारक ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (HIV) एक रेट्रोवाइरस है जिसमें आनुवंशिक पदार्थ के रूप में एकल-रज्जुक डीएनए (Single-stranded DNA) पाया जाता है, जो मुख्य रूप से शरीर की $CD4^+$ सहायक टी-कोशिकाओं को संक्रमित करता है।
3. 'कुष्ठ रोग' (Leprosy) जिसे हैनसेन रोग भी कहा जाता है, माइकोबैक्टीरियम लेप्री के कारण होता है, जो एक अंतःकोशिकीय जीवाणु है और मुख्य रूप से परिधीय तंत्रिकाओं, त्वचा तथा ऊपरी श्वसन पथ के ऊतकों को प्रभावित करता है।
4. 'कालाजार' (Kala-azar) या विसरल लीशमैनियासिस एक प्रोटोजोआ जनित रोग है, जिसका संचरण 'सैंडफ्लाई' (बालू मक्खी - Phlebotomus) द्वारा होता है, और यह परजीवी मुख्य रूप से मानव शरीर की यकृत, प्लीहा और अस्थि मज्जा की रेटिकुलोएन्डोथेलियल कोशिकाओं में गुणन करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कार्बनिक रसायन और हाइड्रोकार्बन के वैचारिक पहलुओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्केन्स (Alkanes) संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनमें सभी कार्बन-कार्बन बंध एकल (Single) सहसंयोजक बंध होते हैं, और ये मुख्य रूप से मुक्त मूलक प्रतिस्थापन अभिक्रियाओं (Free radical substitution reactions) में भाग लेते हैं।
2. 'मार्कोवनीकॉव नियम' (Markovnikov's Rule) के अनुसार, किसी असममित एल्कीन पर सममित या असममित अभिकर्मक (जैसे HBr) के योग के दौरान, अभिकर्मक का ऋणात्मक भाग उस द्विआबंधी कार्बन परमाणु से जुड़ता है जिस पर हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या अधिक होती है।
3. 'एसेटिलीन' (Acetylene) या एथाइन एक ऐल्काइन है, जिसे जब लाल तप्त लोहे की नली में 873 K तापमान पर प्रवाहित किया जाता है, तो यह चक्रीय बहुलकीकरण (Cyclic polymerization) के माध्यम से बेंजीन का निर्माण करता है।
4. पेट्रोलियम शोधन के दौरान 'ऑकोटेन संख्या' (Octane Number) पेट्रोल की 'अपस्फोटन-रोधी' (Anti-knocking) क्षमता का माप होती है, जिसमें उच्च ऑक्टेन संख्या वाला ईंधन (जैसे आइसो-ऑक्टेन) निम्न ऑक्टेन संख्या वाले ईंधन (जैसे एन-हेप्टेन) की तुलना में इंजन में बेहतर प्रदर्शन करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हॉर्मोन्स के जैविक प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल पर अनिवार्य रूप से निर्भर होते हैं, और इनमें वास्तविक संवहनी ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) पूरी तरह अनुपस्थित होते हैं।
2. C4 पौधों में प्रकाश संश्लेषण की 'हच-स्लैग मार्ग' (Hatch-Slack Pathway) प्रक्रिया के दौरान $CO_2$ का प्राथमिक स्थिरीकरण पर्णमध्योतक (Mesophyll) कोशिकाओं में 'फॉस्फेनोपाइरुवेट कार्बोक्सिलेस' (PEPcase) एंजाइम द्वारा होता है, जिससे 4-कार्बन यौगिक ऑक्सोएसेटिक अम्ल (OAA) बनता है।
3. जिबरेलिन ($GA_3$) एक अम्लीय पादप हॉर्मोन है जो तने की लंबाई में वृद्धि को प्रेरित करता है, आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में पर्णवृंत दीर्गीकरण में सहायता करता है, और साथ ही यह बीज प्रसुप्ति को तोड़कर अंकुरण को प्रेरित करने के साथ पौधों में 'शीर्ष प्रमुखता' (Apical dominance) का मुख्य कारक होता है।
4. साइटोकिनीन (जैसे काइनेटिन और ज़ीटीन) मुख्य रूप से जड़ों के अग्रभाग में संश्लेषित होते हैं, और यह कोशिका विभाजन को उत्तेजित करते हैं तथा पत्तियों में जीर्णता (Senescence) को विलंबित करने का कार्य करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों (Periodic Properties) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्या (Atomic Radius) सामान्यतः घटती है, क्योंकि प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective Nuclear Charge) में वृद्धि होती है, जिससे बाह्यतम इलेक्ट्रॉन नाभिक की ओर अधिक तीव्रता से आकर्षित होते हैं।
2. इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का ऋणात्मक मान हैलोजन समूहों में सबसे अधिक होता है, और आवर्त सारणी में फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का ऋणात्मक मान क्लोरीन की तुलना में सबसे अधिक होता है।
3. आयनन एन्थैल्पी (Ionisation Enthalpy) का मान किसी भी आवर्त में न्यूनतम क्षार धातुओं (Alkali Metals) के लिए और अधिकतम उत्कृष्ट गैसों (Noble Gases) के लिए होता है।
4. तत्वों के धात्विक गुण (Metallic Character) वर्ग में नीचे की ओर जाने पर बढ़ते हैं क्योंकि आयनन ऊर्जा के मान कम होने से इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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