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General Science
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आत्मघाती थैली?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लाइसोसोम।
Related Questions
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आनुवंशिकी और जैव विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'हार्डी-वेनबर्ग साम्य' (Hardy-Weinberg equilibrium) के अनुसार, किसी आदर्श जनसंख्या में जीन आवृत्तियाँ (Allele frequencies) पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रहती हैं, यदि उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, अनुवांशिक विचलन और जीन प्रवाह जैसे कारक प्रभाव न डालें।
2. 'अनुवांशिक अपवाह' (Genetic drift) का प्रभाव बड़ी आबादी की तुलना में छोटी आबादी पर अधिक तीव्र और स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
3. 'संस्थापक प्रभाव' (Founder effect) और 'बॉटलनेक प्रभाव' (Bottleneck effect) दोनों ही अनुवांशिक अपवाह के विशिष्ट उदाहरण हैं जो जनसंख्या की आनुवंशिक विविधता को कम करते हैं।
4. लैमार्क के 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of acquired characters) के सिद्धांत को वीजमैन (Weismann) के 'जननद्रव्य की निरंतरता के सिद्धांत' (Theory of continuity of germplasm) द्वारा पूरी तरह से सही ठहराया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक तथा भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सोडियम और पोटेशियम जैसी अत्यंत क्रियाशील धातुएं ठंडे पानी के साथ तीव्र अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस मुक्त करती हैं और यह अभिक्रिया अत्यधिक ऊष्माक्षेपी होती है, जबकि कैल्शियम पानी के साथ कम तीव्र गति से अभिक्रिया करता है और उत्पन्न होने वाली हाइड्रोजन गैस के बुलबुले धातु की सतह से चिपक जाते हैं जिससे कैल्शियम तैरने लगता है।
2. ऐलुमिनियम, जिंक और टिन जैसी धातुएं उभयधर्मी (Amphoteric) ऑक्साइड या हाइड्रॉक्साइड का निर्माण करती हैं, जिसका अर्थ है कि वे अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करके लवण और पानी बनाती हैं।
3. मिश्रधातु 'अमलगम' (Amalgam) में एक अनिवार्य धातु हमेशा पारा (Mercury) होती है, और लोहे की अनभिक्रियाशीलता (Unreactivity) के कारण लोहा पारे के साथ आसानी से अमलगम बना लेता है, यही कारण है कि पारे के भंडारण के लिए लोहे के पात्रों का उपयोग किया जाता है।
4. उत्कृष्ट गैसों के अतिरिक्त, कुछ अधातुएं जैसे सल्फर और फॉस्फोरस अपनी बहुपरमाणुकता दर्शाती हैं, जिसमें सल्फर $S_8$ के रूप में वलय संरचना और श्वेत फॉस्फोरस $P_4$ के रूप में चतुष्फलकीय संरचना बनाता है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विद्युत चुंबकीय प्रेरण और चुम्बकत्व (Magnetism and Electromagnetic Induction) के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी बंद परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) उस परिपथ से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की दर के अनुक्रमानुपाती होता है, और यही नियम ऊर्जा संरक्षण के नियम का पालन करता है।
2. 'लेंज का नियम' (Lenz's law) यह बताता है कि प्रेरित धारा की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिसके कारण वह स्वयं उत्पन्न होती है, और यह परिघटना भौतिक रूप से 'ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत' (Conservation of energy) पर आधारित है।
3. जब किसी चालक को किसी एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में गति कराया जाता है, तो चालक के सिरों पर उत्पन्न प्रेरित विद्युत वाहक बल चालक की लंबाई, चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता और उनके बीच की आपेक्षिक गति के गुणनफल के बराबर होता है, बशर्ते तीनों परस्पर लंबवत हों।
4. स्वप्रेरकत्व (Self-inductance) किसी कुंडली का वह गुण है जिसके कारण वह कुंडली से गुजरने वाली धारा के मान में होने वाले परिवर्तन का विरोध करती है, और इसका मात्रक 'वेबर प्रति ऐम्पियर' या 'हेनरी' होता है, जो चुंबकीय फ्लक्स और धारा के अनुपात को व्यक्त करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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तरंग में माध्यम के कण?
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विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) और चुम्बकत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) का परिमाण उस परिपथ से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय दर के अनुक्रमानुपाती होता है।
2. लेंज का नियम (Lenz's Law) ऊर्जा संरक्षण के नियम का पालन करता है, जिसके अनुसार प्रेरित धारा की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिससे वह स्वयं उत्पन्न होती है।
3. जब किसी लंबी परिनालिका (Solenoid) के भीतर उच्च चुम्बकीय प्रवृत्ति (Magnetic Susceptibility) वाली नरम लोहे की कोर को रखा जाता है, तो परिनालिका के भीतर का चुंबकीय क्षेत्र कमजोर हो जाता है क्योंकि नरम लोहा बाह्य चुंबकीय क्षेत्र को प्रतिकर्षित करता है।
4. स्वप्रेरकत्व (Self-Inductance) किसी कुंडली का वह गुण है जिसके कारण वह कुंडली से गुजरने वाली धारा के परिवर्तन का विरोध करती है, और इसका एसआई मात्रक हेनरी (Henry) होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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