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General Science
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हार्मोन ग्रंथि?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अंतःस्रावी।
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों, उनके संचरण के माध्यम और रोगकारकों (Pathogens) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ट्रैकोमा' (Trachoma) एक क्रोनिक संक्रामक नेत्र रोग है जो 'क्लैमाइडिया ट्रैकोमैटिस' (Chlamydia trachomatis) नामक जीवाणु के कारण होता है, और यह मुख्य रूप से कॉर्निया तथा कंजंक्टिवा को प्रभावित करके अंधेपन का कारण बन सकता है।
2. 'एन्सेफलाइटिस' (Japanese Encephalitis) एक विषाणु जनित तीव्र मस्तिष्क संक्रमण है, जिसका मुख्य प्राकृतिक संवाहक 'क्यूलेक्स' (Culex) प्रजाति का मच्छर है और यह सुअर तथा पक्षियों के माध्यम से इंसानों में फैलता है।
3. 'फ्लू' (Influenza) और 'कॉमन कोल्ड' दोनों विषाणु जनित श्वसन संक्रमण हैं, किंतु फ्लू 'रिनोवाइरस' (Rhinovirus) के कारण होता है जबकि सामान्य जुकाम 'इन्फ्लूएंजा वायरस' (Orthomyxovirus) के कारण फैलता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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तरंग काल?
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रासायनिक बंधन और अम्लीय-क्षारीय प्रणालियों (Acids, Bases and Salts) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रॉन्स्टेड-लॉरी अवधारणा के अनुसार, अम्ल वे रासायनिक प्रजातियाँ हैं जो प्रोटॉन ($H^+$) दान करने की प्रवृत्ति रखती हैं, तथा किसी प्रबल अम्ल का संयुग्मी क्षार (Conjugate base) हमेशा एक अत्यंत दुर्बल क्षार होता है।
2. लुईस अम्ल वे रासायनिक स्पीशीज हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण कर सकते हैं (इलेक्ट्रॉन-न्यून), जबकि लुईस क्षार वे हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म प्रदान करने की क्षमता रखते हैं, जैसे कि अमोनिया ($NH_3$)।
3. पॉलीप्रोटिक अम्लों (जैसे ऑर्थोफॉस्फोरिक अम्ल $H_3PO_4$) के क्रमिक आयनन स्थिरांकों का मान घटता जाता है, अर्थात प्रथम वियोजन स्थिरांक ($K_{a1}$) का मान द्वितीय वियोजन स्थिरांक ($K_{a2}$) से अधिक होता है।
4. किसी दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार से बने लवण (जैसे सोडियम एसीटेट) का जलीय विलयन जल-अपघटन के कारण अम्लीय प्रकृति का होता है, क्योंकि इसमें ऋणायन का जल-अपघटन होता है जिससे हाइड्रोजन आयन ($H^+$) मुक्त होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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यूकैरियोटिक कोशिकाओं में 'कोशिका चक्र' (Cell Cycle) और 'कोशिका विभाजन' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोशिका चक्र की 'S-चरण' (Synthesis phase) के दौरान डीएनए का प्रतिकृतिरण (Replication) होता है, और यदि किसी द्विगुणित (2n) कोशिका में इस चरण से पहले डीएनए की मात्रा '2C' है, तो इस चरण के पूरा होने पर डीएनए की मात्रा बढ़कर '4C' हो जाती है, जबकि गुणसूत्रों की संख्या समान (2n) बनी रहती है।
2. सूत्री विभाजन (Mitosis) की 'मेटाफेज' (Metaphase) अवस्था में गुणसूत्र मध्य रेखा (Equatorial plate) पर व्यवस्थित हो जाते हैं और इस अवस्था में गुणसूत्रों की आकृति का सबसे अच्छा अध्ययन किया जाता है।
3. अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) के दौरान समजात गुणसूत्रों (Homologous chromosomes) के बीच आनुवंशिक सामग्री का विनिमय 'पैकाटीन' (Pachytene) उप-अवस्था में 'क्रॉसिंग ओवर' के माध्यम से होता है, जो एंजाइम 'रिकॉम्बिनेस' द्वारा उत्प्रेरित होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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प्रकाशिकी (Optics) के सिद्धांतों और लेंस-दर्पण के व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब कोई प्रकाश किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है, तो आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण (Critical angle) से अधिक होने पर पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है, और इस स्थिति में विरल माध्यम में अपवर्तित किरण का वेग शून्य हो जाता है।
2. एक उत्तल लेंस (Convex lens) को जब ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो वह लेंस अपनी प्रकृति बदल लेता है और अवतल लेंस (अपसारी लेंस) की तरह व्यवहार करने लगता है।
3. गोलीय दर्पणों के लिए, यदि वस्तु को अवतल दर्पण के वक्रता केंद्र ($C$) और फोकस ($F$) के बीच रखा जाता है, तो उसका वास्तविक, उल्टा और वस्तु से बड़ा प्रतिबिंब वक्रता केंद्र से परे (परे $C$) बनता है।
4. पूर्ण आंतरिक परावर्तन के दौरान, परावर्तित प्रकाश की कुल तीव्रता आपतित प्रकाश की तीव्रता के 100% के बराबर होती है क्योंकि इस परिघटना में माध्यम द्वारा प्रकाश का कोई अवशोषण या आंशिक अपवर्तन नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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