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General Science
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पूर्ण आंतरिक परावर्तन?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
हीरा चमकना।
Related Questions
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विलयन और उत्प्रेरण (Solutions and Catalysis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राउल्ट का नियम (Raoult's Law) यह बताता है कि किसी वाष्पशील विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर विलयन के वाष्प दाब का आपेक्षिक अवनमन विलेय के मोल प्रभाज के बराबर होता है, जो कि एक अणुसंख्यक गुणधर्म (Colligative property) है।
2. समांग उत्प्रेरण (Homogeneous Catalysis) में उत्प्रेरक और अभिकारक दोनों समान भौतिक अवस्था (जैसे सभी गैस या सभी द्रव) में होते हैं, जबकि विषमांग उत्प्रेरण में उत्प्रेरक ठोस अवस्था में होता है और अभिकारक गैस या द्रव अवस्था में होते हैं।
3. वान 'ट हॉफ गुणांक ($i$) का मान उन विलेय पदार्थों के लिए एक से अधिक होता है जो जलीय विलयन में वियोजित (Dissociation) हो जाते हैं (जैसे NaCl), जबकि संघनित (Association) होने वाले यौगिकों के लिए इसका मान एक से कम होता है।
4. एंजाइम उत्प्रेरण (Enzyme Catalysis) अत्यधिक विशिष्ट प्रकृति के होते हैं और उच्च तापमान पर उनकी उत्प्रेरकीय सक्रियता बढ़ जाती है क्योंकि ऊष्मा मिलने से एंजाइम की त्रि-विमीय संरचना अधिक स्थिर हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आनुवंशिकी और आणविक जीवविज्ञान के संदर्भ में, यूकेरियोटिक जीवों में 'जीन अभिव्यक्ति के नियमन' (Regulation of gene expression) और 'RNA हस्तक्षेप' (RNA interference - RNAi) की प्रक्रियाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आरएनए हस्तक्षेप (RNAi) एक उच्च स्तर पर संरक्षित, पोस्ट-ट्रांसक्रिप्शनल जीन साइलेंसिंग (Post-transcriptional gene silencing) तंत्र है, जो विशिष्ट डबल-stranded RNA (dsRNA) अणुओं द्वारा प्रेरित होता है और यह कोशिकाओं को वायरल संक्रमण तथा ट्रांसपोज़न्स से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
2. 'डाइसर' (Dicer) नामक राइबोन्यूक्लिऐज एंजाइम लंबे dsRNA अणुओं को छोटे टुकड़ों में काटता है, जिन्हें स्मॉल इंटरफेयरिंग आरएनए (siRNA) कहा जाता है, जो बाद में 'RISC' (RNA-induced silencing complex) का हिस्सा बनकर लक्षित mRNA को क्षयित (degrade) कर देते हैं।
3. सूक्ष्म आरएनए (miRNA) और siRNA दोनों की क्रियाविधि पूरी तरह से समान होती है और दोनों ही अपने लक्षित mRNA के साथ 100% क्षार युग्मन (base pairing) करते हैं, जिसके कारण उनके निर्माण में अंतर होने के बावजूद उनका नियंत्रण स्तर और प्रभाव लक्षित कोशिकाओं पर सर्वदा एक जैसा होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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कार्बनिक रसायन और हाइड्रोकार्बन के वैचारिक पहलुओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्केन्स (Alkanes) संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनमें सभी कार्बन-कार्बन बंध एकल (Single) सहसंयोजक बंध होते हैं, और ये मुख्य रूप से मुक्त मूलक प्रतिस्थापन अभिक्रियाओं (Free radical substitution reactions) में भाग लेते हैं।
2. 'मार्कोवनीकॉव नियम' (Markovnikov's Rule) के अनुसार, किसी असममित एल्कीन पर सममित या असममित अभिकर्मक (जैसे HBr) के योग के दौरान, अभिकर्मक का ऋणात्मक भाग उस द्विआबंधी कार्बन परमाणु से जुड़ता है जिस पर हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या अधिक होती है।
3. 'एसेटिलीन' (Acetylene) या एथाइन एक ऐल्काइन है, जिसे जब लाल तप्त लोहे की नली में 873 K तापमान पर प्रवाहित किया जाता है, तो यह चक्रीय बहुलकीकरण (Cyclic polymerization) के माध्यम से बेंजीन का निर्माण करता है।
4. पेट्रोलियम शोधन के दौरान 'ऑकोटेन संख्या' (Octane Number) पेट्रोल की 'अपस्फोटन-रोधी' (Anti-knocking) क्षमता का माप होती है, जिसमें उच्च ऑक्टेन संख्या वाला ईंधन (जैसे आइसो-ऑक्टेन) निम्न ऑक्टेन संख्या वाले ईंधन (जैसे एन-हेप्टेन) की तुलना में इंजन में बेहतर प्रदर्शन करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर के पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आमाशय (Stomach) के जठर म्यूकोसा (Gastric mucosa) में पाई जाने वाली पैरीटाल या ऑक्सिंटिक कोशिकाएँ (Parietal cells) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($HCl$) और 'कैसल का आंतरिक कारक' (Castle's intrinsic factor) का स्रावण करती हैं, जो विटामिन $B_{12}$ के अवशोषण के लिए अनिवार्य है।
2. मानव हृदय की विद्युत गतिविधि के दौरान, निलय सिस्टोल (Ventricular systole) की शुरुआत में 'एट्रियोवेंट्रिकुलर नोड' (AV Node) से उत्पन्न होने वाला आवेग 'हिज के बंडल' (Bundle of His) और 'पुर्किंजे तंतुओं' (Purkinje fibres) के माध्यम से पूरे निलय की पेशियों में तेजी से फैलता है, जिससे दोनों निलय एक साथ संकुचित होते हैं।
3. श्वसन तंत्र के नियमन में, फुफ्फुसीय उच्छवास (Pulmonary ventilation) के दौरान जब फेफड़ों की दीवारें अत्यधिक खिंच जाती हैं, तो 'हेरिंग-ब्रूअर प्रतिवर्त' (Hering-Breuer reflex) के तहत वेगस तंत्रिका (Vagus nerve) के माध्यम से श्वसन केंद्र को प्रेरणाएँ भेजी जाती हैं, जो प्रेरणा (Inspiration) को रोककर उच्छवास को प्रेरित करती हैं।
4. स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (Autonomic Nervous System) के अंतर्गत, परानुकंपी (Parasympathetic) तंत्रिका तंत्र यकृत से ग्लूकोज के विमोचन को प्रेरित करता है, पुतली को फैलाता है (Mydriasis), और कंकाल पेशियों की रक्त वाहिकाओं को संकुचित करता है ताकि आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आनुवंशिकी और जैव विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हार्डी-वेनबर्ग साम्यावस्था (Hardy-Weinberg equilibrium) के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संप्रजनन करने वाली आबादी में एलील आवृत्तियाँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर और नियत रहती हैं, बशर्ते कि उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, जीन प्रवाह और आनुवंशिक विचलन जैसी विकासवादी शक्तियाँ कार्य न कर रही हों।
2. 'अनुवंशिक अपवाह' (Genetic drift) बड़े पैमाने की आबादी की तुलना में छोटी आबादी में अधिक प्रभावशाली ढंग से काम करता है, जिसके कारण बिना किसी अनुकूलन के लाभ के भी यादृच्छिक रूप से एलील आवृत्तियों में तेजी से परिवर्तन हो सकता है।
3. लामार्कवाद के 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of acquired characters) के सिद्धांत को वीिज़मैन के 'जननप्लाज्म की निरंतरता' (Continuity of germplasm) के प्रयोगों द्वारा पूरी तरह से सही सिद्ध कर दिया गया था, जिसमें उन्होंने चूहों की कई पीढ़ियों तक पूँछ काटने के बाद भी पाया कि अगली पीढ़ी में पूँछ गायब हो गई थी।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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