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Geography
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विश्व की प्रमुख नदियों और उनके किनारे बसे नगरों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- 1. सीन नदी (Seine River) — पेरिस (Paris) और रौन (Rouen)
- 2. रौन नदी (Rhone River) — ल्योन (Lyon) और मार्सिले (Marseille)
- 3. एल्बे नदी (Elbe River) — बर्लिन (Berlin) और हैम्बर्ग (Hamburg)
- 4.
टिगरिस नदी (Tigris River) — बगदाद (Baghdad) और मोसुल (Mosul) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
युग्म 1 सही है क्योंकि सीन नदी के तट पर फ्रांस की राजधानी पेरिस और रोएन (Rouen) नगर स्थित हैं। युग्म 2 सही है क्योंकि रौन नदी के तट पर ल्योन तथा इसके मुहाने के निकट मार्सिले (Marseille) जैसे महत्वपूर्ण शहर अवस्थित हैं। युग्म 3 गलत है क्योंकि एल्बे नदी के तट पर 'हैम्बर्ग' (Hamburg) स्थित है, जबकि 'बर्लिन' शहर स्प्री (Spree) नदी के किनारे बसा है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार टिगरिस (दजला) नदी के किनारे इराक की राजधानी बगदाद और मोसुल शहर बसे हुए हैं, अतः युग्म 4 भी सही है।
Related Questions
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण, उनकी भूवैज्ञानिक संरचना और उत्पादन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में पाए जाने वाले कुल धात्विक और अधात्विक खनिजों में से 'धारवाड़ क्रम' (Dharwar system) की चट्टानें सबसे अधिक समृद्ध हैं, जो मुख्य रूप से कर्नाटक के शिमोगा, चित्रदुर्ग और बेल्लारी क्षेत्रों में फैली हुई हैं तथा यहीं देश के अधिकांश लौह अयस्क, मैंगनीज और तांबा के भंडार पाए जाते हैं।
2. 'कुडप्पा क्रम' की चट्टानें मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश के कुडप्पा बेसिन में विकसित हैं, जिनमें धातु-रहित खनिज जैसे कि चूना पत्थर, एस्बेस्टस, संगमरमर, और स्टेटाइट प्रचुर मात्रा में मिलते हैं, किंतु इनमें उच्च श्रेणी के धात्विक खनिजों का लगभग पूर्ण अभाव होता है।
3. भारत में 'बॉक्साइट' (Bauxite), जो एल्युमिनियम का मुख्य अयस्क है, के उत्पादन में ओडिशा राज्य का स्थान प्रथम है, और यहाँ के पंचपतमाली (कोरापुट) क्षेत्र में देश का सबसे बड़ा बॉक्साइट भंडार स्थित है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में अभ्रक (Mica) के उत्पादन में आंध्र प्रदेश शीर्ष स्थान पर है, जबकि अभ्रक की 'रूबी माइका' (Ruby Mica) किस्म का प्रमुख उत्पादन झारखंड के कोडरमा-हजारीबाग पेटी से होता है जिसे विश्व स्तर पर 'मिका बेल्ट' के रूप में जाना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की मृदा प्रणालियों, उनके रासायनिक संघटन और भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'लाल और पीली मृदा' (Red and Yellow Soils) का विकास मुख्य रूप से प्राचीन रवेदार और रूपांतरित चट्टानों पर कम वर्षा वाले क्षेत्रों में होता है, जहाँ इस मृदा का लाल रंग फेरिक ऑक्साइड (Ferric Oxide) की उपस्थिति के कारण होता है, जबकि जलयोजन (Hydration) के बाद यह पीले रंग में परिवर्तित हो जाती है।
2. 'लवण मृदा' (Saline Soils), जिसे स्थानीय रूप से 'रेर', 'उह्र', 'कल्लर' या 'ूसर' भी कहा जाता है, में सोडियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम के लवणों की मात्रा अत्यधिक होती है, और यह मुख्य रूप से शुष्क व अर्ध-शुष्क जलवायु तथा जल-निकासी (Drainage) की गंभीर समस्या वाले क्षेत्रों में विकसित होती है।
3. 'पीटमय और दलदली मृदा' (Peaty and Marshy Soils) देश के भारी वर्षा और उच्च आर्द्रता वाले क्षेत्रों में मृत जैविक पदार्थों के बड़े पैमाने पर जमा होने से बनती है, जिसमें ह्यूमस और घुलनशील लवणों की कमी होती है तथा यह मृदा अत्यधिक क्षारीय प्रकृति की होती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने भारत की मिट्टी को उसकी जनन, प्रकृति और उर्वरता के आधार पर कुल आठ प्रमुख वर्गों में वर्गीकृत किया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्पत्ति और भारत में वर्षा के स्थानिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीष्मकाल में उत्तर-पश्चिम भारत और पाकिस्तान के तटीय क्षेत्रों में अत्यधिक तापमान के कारण विकसित होने वाला कम वायुदाब का क्षेत्र (मानसून गर्त) दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक हवाओं को भूमध्य रेखा पार करने के बाद दक्षिण-पश्चिम दिशा में मुड़ने के लिए आकर्षित करता है, जो कोरिolis बल का प्रत्यक्ष परिणाम है।
2. अरब सागर की शाखा भारत के पश्चिमी घाट से टकराकर अत्यधिक ओरोग्राफिक (पर्वतीय) वर्षा कराती है, जिसके कारण पश्चिमी घाट के पवन-विमुख ढाल (Leeward side) पर स्थित बेंगलुरु और पुणे जैसे क्षेत्र 'वृष्टिछाया क्षेत्र' (Rain shadow area) के अंतर्गत आते हैं और वहाँ बहुत कम वर्षा होती है।
3. बंगाल की खाड़ी की एक शाखा अरावली पर्वतमाला के लगभग समानांतर उत्तर की ओर निकल जाती है, जिसके कारण राजस्थान के पश्चिमी भाग में अरावली से कोई बड़ी बाधा न मिलने के कारण इस शाखा से मानसूनी वर्षा बहुत कम या नगण्य होती है।
4. भारत में वर्षा का स्थानिक वितरण मुख्य रूप से उच्चावच और मानसूनी हवाओं की दिशा पर निर्भर करता है, जिसके तहत मेघालय के मावसिनराम में विश्व की सबसे अधिक औसत वार्षिक वर्षा दर्ज की जाती है, जो खासी पहाड़ियों की कीप जैसी आकृति (Funnel-shaped topography) के कारण होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विश्व की प्रमुख नदियों और उनके किनारे बसे नगरों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. कायरो (Cairo): यह मिस्र की राजधानी है जो 'नील नदी' (Nile River) के तट पर स्थित है।
2. बुडापेस्ट (Budapest): यह हंगरी की राजधानी है जो 'डैन्यूब नदी' (Danube River) के दोनों तटों पर बसी हुई है।
3. पेरिस (Paris): यह फ्रांस की राजधानी है जो 'सीन नदी' (Seine River) के किनारे स्थित है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार रोम (Rome) इटली की राजधानी है जो 'पो नदी' (Po River) के तट पर स्थित है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-कौन से युग्म सही सुमेलित हैं?
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महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय नितल के उच्चावच में 'महाद्वीपीय मग्नतट' (Continental Shelf) सबसे उथला भाग होता है, जिसकी औसत गहराई 200 मीटर तक होती है और यह क्षेत्र विश्व के कुल महासागरीय क्षेत्र का लगभग 7.5% भाग होने के बावजूद सबसे अधिक प्रचुर मत्स्यन क्षेत्रों (Fishing Grounds) और खनिज संसाधनों से समृद्ध होता है।
2. दीर्घ ज्वार (Spring Tide) की स्थिति पूर्णिमा और अमावस्या के दिनों में उत्पन्न होती है, जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में (स्युति/Syzygy की स्थिति में) होते हैं, जिससे तीनों के सम्मिलित गुरुत्वाकर्षण बल के कारण समुद्र में सबसे ऊँचे ज्वार आते हैं।
3. 'मलक्का जलसंधि' (Strait of Malacca) हिंद महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ती है और यह जलमार्ग मलय प्रायद्वीप को इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप से अलग करता है, जो वैश्विक समुद्री व्यापार और तेल परिवहन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार लघु ज्वार (Neap Tide) प्रत्येक माह की सप्तमी या अष्टमी को उस समय आता है जब सूर्य और चंद्रमा पृथ्वी के केंद्र पर समकोण (Right Angle) बनाते हैं, जिससे दोनों के ज्वार-उत्पादक बल एक-दूसरे के प्रभावों को आंशिक रूप से संतुलित कर देते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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