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Geography
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भारतीय जलवायु और मानसून के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. दक्षिण-पश्चिम मानसून की 'अरब सागर शाखा' पश्चिमी घाट से टकराकर भारी वर्षा करती है, जिसके कारण पश्चिमी घाट के पूर्वी ढाल पर वृष्टिछाया (Rain Shadow) क्षेत्र का निर्माण होता है जहाँ वर्षा की मात्रा काफी कम हो जाती है।
- 2. 'अक्टूबर की गर्मी' (October Heat) की स्थिति मानसूनी गर्त (Monsoon Trough) के उत्तर की ओर खिसकने और साफ आसमान के कारण उच्च तापमान एवं उच्च आर्द्रता के सह-अस्तित्व से उत्पन्न होती है।
- 3. उत्तर-पूर्वी मानसून (शीतकालीन मानसून) मुख्य रूप से तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों, आंध्र प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों और केरल में वर्षा के लिए उत्तरदायी होता है, क्योंकि यह हवाएँ बंगाल की खाड़ी से नमी ग्रहण करती हैं।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून' की उत्पत्ति में तिब्बत के पठार के तापीय तापन और दक्षिणी गोलार्ध के मस्कैरेन उच्च दाब (Mascarene High) की गतिशीलता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि अरब सागर की मानसूनी शाखा जब पश्चिमी घाट से टकराती है तो इसके पश्चिमी ढाल पर भारी वर्षा होती है, जबकि पूर्वी ढाल वृष्टिछाया क्षेत्र में होने के कारण शुष्क रहता है। कथन 2 गलत है क्योंकि 'अक्टूबर की गर्मी' मानसूनी गर्त के *दक्षिण* की ओर खिसकने और कम दबाव की स्थिति कमजोर होने के कारण उत्पन्न होती है, न कि उत्तर की ओर खिसकने से। कथन 3 सही है क्योंकि उत्तर-पूर्वी मानसून लौटते समय बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर तमिलनाडु और दक्षिण-पूर्वी तट पर वर्षा करता है। कथन 4 सही है, तिब्बत का पठार एक तापीय इंजन के रूप में कार्य करता है और मस्कैरेन उच्च दाब व्यापारिक हवाओं को आकर्षित करता है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारतीय जलवायु मानसूनी प्रकार की है।
Related Questions
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भारत में सिंचाई पद्धतियों, कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) और प्रमुख फसलों के वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सूक्ष्म सिंचाई (Micro-irrigation) के अंतर्गत ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणालियों को शामिल किया जाता है, जो जल उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency) को अधिकतम करती हैं और भूजल स्तर में तेजी से हो रही गिरावट को रोकने के लिए अत्यधिक प्रभावी हैं।
2. भारत का योजना आयोग (वर्तमान में नीति आयोग) देश को कृषि-जलवायु नियोजन के उद्देश्य से कुल 15 प्रमुख कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित करता है, जिसका मुख्य आधार तापमान, मृदा प्रकार, वर्षा और स्थलाकृति जैसी भौगोलिक विशेषताएँ हैं।
3. 'धान की गहनता प्रणाली' (System of Rice Intensification - SRI) पारंपरिक बाढ़ सिंचाई पद्धति की तुलना में अधिक पानी की खपत करती है, क्योंकि इसमें पौधों के विकास के लिए खेत में लगातार जल भराव बनाए रखना अनिवार्य होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में कुल बोए गए क्षेत्र का सबसे बड़ा हिस्सा चावल (Paddy) की कृषि के अंतर्गत आता है, और इसके उत्पादन में पश्चिम बंगाल देश का अग्रणी राज्य है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विवर्तनिक प्लेट सीमाओं, भूकंपीय ऊर्जा मोचन (Seismic Energy Release) और महासागरीय विस्थापन से उत्पन्न होने वाली सुनामी तरंगों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'रिक्टर पैमाना' (Richter Scale) एक लघुगणकीय (Logarithmic) पैमाना है जो भूकंप के दौरान मुक्त होने वाली कुल ऊर्जा को मापता है, जिसमें पैमाने पर प्रत्येक पूर्ण संख्या की वृद्धि पिछले स्तर की तुलना में लगभग 32 गुना अधिक ऊर्जा के मोचन को दर्शाती है।
2. 'सुनामी' (Tsunami) तरंगें उथले समुद्रों में प्रवेश करते समय अपवर्तन (Refraction) और घर्षण प्रभावों के कारण अपनी गति कम कर लेती हैं, किंतु ऊर्जा संरक्षण के नियम के कारण उनकी तरंग ऊँचाई (Amplitude) में अत्यधिक वृद्धि हो जाती है।
3. अभिसारी (Convergent) प्लेट सीमाओं पर स्थित 'सबडक्शन जोन' (Subduction Zone) में जब महासागरीय और महाद्वीपीय प्लेटें आपस में टकराती हैं, तो महासागरीय प्लेट के नीचे धंसने के दौरान घर्षण से अचानक ऊर्जा मुक्त होने पर सबसे विनाशकारी मेगा-थ्रस्ट (Mega-thrust) भूकंप और सुनामी उत्पन्न होती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार खुले महासागर में सुनामी तरंगों की तरंगदैर्ध्य (Wavelength) सैकड़ों किलोमीटर लंबी हो सकती है, लेकिन इनकी जल की सतह पर ऊँचाई सामान्यतः एक मीटर से भी कम होती है, जिसके कारण गहरे समुद्र में गुजरने वाले जहाजों को इनका आभास नहीं होता।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र के अंतर्गत हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की तुलनात्मक विशेषताओं और उनके जलविभाजक (Water divides) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ बारहमासी (Perennial) होती हैं क्योंकि इन्हें जल वर्षा के साथ-साथ पिघलते हुए हिमनदों (Glaciers) से भी प्राप्त होता है, जबकि प्रायद्वीपीय नदियाँ मुख्य रूप से अनित्य (Non-perennial या Seasonal) होती हैं और इनका प्रवाह पूरी तरह से मानसूनी वर्षा पर निर्भर करता है।
2. प्रायद्वीपीय भारत में जलविभाजक का निर्धारण मुख्य रूप से पश्चिमी घाट (Western Ghats) द्वारा किया जाता है, जो एक उत्तर-दक्षिण दिशा में स्थित उच्च कगार है और यहाँ से अधिकांश बड़ी नदियाँ निकलकर पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं, जबकि कुछ छोटी नदियाँ पश्चिम की ओर बहकर अरब सागर में मिलती हैं।
3. सिंधु नदी तंत्र की प्रमुख सहायक नदी 'सतलुज' और ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र की प्रमुख सहायक नदी 'ब्रह्मपुत्र' स्वयं पूर्ववर्ती (Antecedent) नदियों के उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जो महान हिमालय को काटकर गहरे गार्ज का निर्माण करती हैं और भारत में प्रवेश करने से पहले तिब्बत के पठार से लंबी दूरी तय करती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रायद्वीपीय पठार की नदियाँ एक परिपक्व (Mature) अवस्था को प्राप्त कर चुकी हैं, जिसके कारण इनके तल ढाल बहुत कम हो जाते हैं और ये अपने मुहाने पर बड़े-बड़े डेल्टाओं का निर्माण करती हैं, जबकि नर्मदा और ताप्ती नदियाँ अपने मुहाने पर मुहाना (Estuary) बनाती हैं क्योंकि वे भ्रंश घाटियों से प्रवाहित होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख उद्योगों, औद्योगिक क्षेत्रों और परिवहन नेटवर्क (राष्ट्रीय राजमार्ग, रेल और जलमार्ग) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मुंबई-पुणे औद्योगिक प्रदेश' भारत के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों में सूती वस्त्र उद्योग, पेट्रोकेमिकल और इंजीनियरिंग उद्योगों का प्रमुख केंद्र है, जिसकी शुरुआत इस क्षेत्र में कपास की स्थानीय उपलब्धता और मुंबई बंदरगाह की सुलभता के कारण हुई थी।
2. भारत का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क (National Highways) देश के कुल सड़क यातायात का लगभग 40% हिस्सा वहन करता है, जबकि इनका निर्माण और रखरखाव भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जाता है जो कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधीन आता है।
3. राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) जो कि गंगा-भागीरथी-हूगली नदी प्रणाली पर हल्दिया से प्रयागराज के बीच स्थित है, भारत का सबसे लंबा आंतरिक जलमार्ग है और इसकी कुल लंबाई लगभग 1,620 किलोमीटर है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार स्वतंत्रता के पश्चात भारत में स्थापित पहला लौह एवं इस्पात कारखाना 'टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी' (TISCO) था, जिसे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के रूप में वर्ष 1907 में साक्षी (जमशेदपुर) में स्थापित किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के भौगोलिक विस्तार, अक्षांशीय-देशांती स्थिति और मानक समय रेखा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के मध्य है, जिसके कारण देश के सबसे दक्षिणी और सबसे उत्तरी बिंदु के बीच लगभग 30° का अक्षांशीय विस्तार पाया जाता है, और इसके परिणामस्वरूप कन्याकुमारी और कश्मीर के बीच स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे का अंतर उत्पन्न होता है।
2. भारत का मानक समय (IST) 82.5° पूर्वी देशांतर रेखा पर आधारित है, जो उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के पास से गुजरती है और यह ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) से 5 घंटे आगे है, तथा यह देशांतर रेखा कुल 5 राज्यों (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश) से होकर गुजरती है।
3. कर्क रेखा (23.5° उत्तर) भारत के लगभग मध्य से होकर गुजरती है और यह कुल 8 राज्यों (गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम) से गुजरती है, जिसमें झारखंड की राजधानी रांची इस रेखा के सबसे निकट स्थित राजधानी शहर है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 32,87,263 वर्ग किलोमीटर है, जो विश्व के कुल स्थलीय क्षेत्रफल का लगभग 2.4% हिस्सा है, और यह क्षेत्रफल की दृष्टि से विश्व का सातवां सबसे बड़ा देश है।
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