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Geography
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भारत के अपवाह तंत्र और नदियों की विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. सिंधु नदी प्रणाली की प्रमुख सहायक नदी 'सतलुज' तिब्बत में मानसरोवर के निकट राकस ताल से निकलती है और यह एक पूर्ववर्ती (Antecedent) नदी का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो शिपकी ला दर्रे से भारत में प्रवेश करती है।
  2. 2. प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी 'गोदावरी' महाराष्ट्र के नासिक जिले के त्र्यंबकेश्वर से निकलती है, और इसका अपवाह तंत्र महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा राज्यों में विस्तृत है, जिसे दक्षिण गंगा भी कहा जाता है।
  3. 3. 'चंबल नदी', जो यमुना की सबसे बड़ी सहायक नदी है, मध्य प्रदेश के महू के पास जानापाव पहाड़ियों से निकलती है और यह अपने मार्ग में अत्यधिक अवनालिका अपरदन (Gully Erosion) तथा बीहड़ (Ravines) के निर्माण के लिए कुख्यात है।
  4. 4. ब्रह्मपुत्र नदी, जिसे तिब्बत में 'त्सांगपो' कहा जाता है, नामचा बारवा के पास एक तीखा मोड़ (Syntaxial Bend) लेते हुए भारत के अरुणाचल प्रदेश में 'सियांग' या 'दिहांग' के नाम से प्रवेश करती है, और इसके बेसिन में माजुली विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप स्थित है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। सतलुज नदी तिब्बत में राकस ताल से निकलती है और एक पूर्ववर्ती नदी के रूप में शिपकी ला दर्रे से भारत में प्रवेश करती है। गोदावरी प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी है, जिसका अपवाह क्षेत्र महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा तक विस्तृत है। चंबल नदी जानापाव पहाड़ियों से निकलकर अपने अवनालिका अपरदन और बीहड़ों के लिए जानी जाती है। ब्रह्मपुत्र नदी (विकिपीडिया संदर्भ) तिब्बत से 'त्सांगपो' के रूप में बहते हुए नामचा बारवा के पास सिंटेक्सियल बेंड बनाते हुए भारत में प्रवेश करती है और इसके अपवाह क्षेत्र में ही माजुली द्वीप स्थित है।
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