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General Science
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विटामिन C का स्रोत?

Detailed Explanation

खट्टे फल।
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→ विद्युत धारा, प्रतिरोध और परिपथ के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी चालक का विद्युत प्रतिरोध (Electrical Resistance) उसकी लंबाई के सीधे समानुपाती और उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है, तथा प्रतिरोधकता (Resistivity) का मान चालक की लंबाई और मोटाई पर निर्भर करता है। 2. जब विभिन्न प्रतिरोधकों को समानांतर क्रम (Parallel combination) में जोड़ा जाता है, तो परिपथ का कुल समतुल्य प्रतिरोध सबसे छोटे व्यक्तिगत प्रतिरोध से भी कम होता है, और प्रत्येक प्रतिरोधक के सिरों पर विभवांतर समान रहता है। 3. व्हीटस्टोन सेतु (Wheatstone bridge) एक ऐसी प्रायोगिक व्यवस्था है जिसका उपयोग अज्ञात प्रतिरोध को ज्ञात करने के लिए किया जाता है, और यह संतुलन की स्थिति में तब होता है जब धारामापी (Galvanometer) से कोई धारा प्रवाहित नहीं होती है ($P/Q = R/S$)। 4. अतिचालकता (Superconductivity) के दौरान कुछ विशेष पदार्थों का विद्युत प्रतिरोध शून्य हो जाता है और वे अपने भीतर से चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं को बाहर धकेल देते हैं, जिसे 'मीस्नर प्रभाव' (Meissner effect) कहा जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? → हेप्टेन का सूत्र? → विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) के सिद्धांतों और उससे संबंधित नियमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी बंद परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) का परिमाण उस परिपथ से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय दर के अनुक्रमानुपाती होता है। 2. 'लेंज का नियम' (Lenz's Law) ऊर्जा संरक्षण के नियम का एक प्रत्यक्ष परिणाम है, जिसके अनुसार प्रेरित विद्युत धारा या प्रेरित विद्युत वाहक बल की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिसके कारण वह स्वयं उत्पन्न होती है। 3. 'भंवर धाराएँ' (Eddy Currents) किसी चालक में तब उत्पन्न होती हैं जब उसे परिवर्तित चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है, और इनका उपयोग प्रेरण भट्टी (Induction Furnace) में धातुओं को पिघलाने तथा विद्युत ब्रेक (Magnetic braking) प्रणालियों में प्रभावी रूप से किया जाता है। 4. स्वप्रेरकत्व (Self-inductance) किसी कुंडली का वह गुण है जो उसमें प्रवाहित होने वाली धारा के परिवर्तन का विरोध करता है, और इसका एसआई मात्रक 'हेनरी' ($Henry$) है जो कि $Weber/Ampere$ के तुल्य नहीं होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → पदार्थ के सामान्य गुणों, पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी द्रव का पृष्ठ तनाव (Surface Tension) प्रति इकाई लंबाई पर लगने वाला बल है, जिसका कारण अणुओं के बीच लगने वाला ससंजक बल (Cohesive force) है, और तापमान बढ़ने के साथ द्रव का पृष्ठ तनाव घट जाता है क्योंकि तापमान वृद्धि से अणुओं की तापीय ऊर्जा बढ़ जाती है और अंतर-आणविक आकर्षण बल कमजोर हो जाता है। 2. श्यानता (Viscosity) द्रवों का वह गुण है जिसके कारण वे अपने भीतर विभिन्न परतों के बीच होने वाली相対 गति का विरोध करते हैं, और गैसों की श्यानता तापमान बढ़ने पर घटती है जबकि द्रवों की श्यानता तापमान बढ़ने पर बढ़ती है। 3. आर्किमिडीज का सिद्धांत यह स्पष्ट करता है कि जब किसी वस्तु को किसी द्रव में पूर्णतः या आंशिक रूप से डुबोया जाता है, तो वह वस्तु अपने द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर ऊपर की ओर एक उत्प्लावन बल (Buoyant force) का अनुभव करती है, और इस बल का केंद्र हटाए गए द्रव के आयतन के गुरुत्व केंद्र पर कार्य करता है जिसे 'उत्प्लावन केंद्र' कहा जाता है। 4. केशिकत्व (Capillarity) की घटना पृष्ठ तनाव का एक व्यावहारिक परिणाम है, जिसके कारण काँच की नली में जल ऊपर चढ़ जाता है (क्योंकि जल और काँच के बीच असंजक बल जल के ससंजक बल से अधिक होता है), जबकि पारा नीचे दब जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? → हीरे का चमकना किस घटना का उदाहरण है?
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