त्वरित लिंक्स
Geography
19 views
भारत के प्रमुख पर्वतीय दर्रों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- 1. ज़ोजिला दर्रा (Zoji La) – जाँस्कर श्रेणी (लद्दाख) – यह दर्रा श्रीनगर को लेह से जोड़ता है और सिंधु नदी की सहायक नदी द्वारा निर्मित है।
- 2. बारालाचा ला दर्रा (Baralacha La) – पीर पंजाल श्रेणी (हिमाचल प्रदेश) – यह दर्रा मनाली को लेह से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है और यहाँ से भागा तथा चंद्र नदियाँ निकलती हैं।
- 3. नीति दर्रा (Niti Pass) – कुमाऊँ हिमालय (उत्तराखंड) – यह भारत को तिब्बत से जोड़ता है और मानसरोवर तथा कैलाश यात्रा के लिए उपयोग किया जाने वाला एक प्रमुख मार्ग है।
- 4. बोमडिला दर्रा (Bomdi La) – अरुणाचल प्रदेश – यह दर्रा तवांग को म्यांमार से जोड़ता है और ब्रह्मपुत्र घाटी से तिब्बत की ओर जाने का मार्ग प्रदान करता है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
युग्म 1 सही है क्योंकि ज़ोजिला दर्रा लद्दाख में जाँस्कर श्रेणी में स्थित है, जो श्रीनगर और लेह के बीच सड़क मार्ग प्रदान करता है। युग्म 2 गलत है क्योंकि बारालाचा ला दर्रा पीर पंजाल श्रेणी में नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश में 'जाँस्कर श्रेणी' (Zanskar Range) पर स्थित है। युग्म 3 सही है क्योंकि नीति दर्रा उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में स्थित है जो भारत को तिब्बत से जोड़ता है और यह प्राचीन काल से व्यापार तथा तीर्थाटन का मार्ग रहा है। युग्म 4 गलत है क्योंकि बोमडिला दर्रा अरुणाचल प्रदेश में स्थित है जो तवांग को तिब्बत के ल્हासा से जोड़ता है, न कि म्यांमार से। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत के ये पर्वतीय दर्रे सामरिक और व्यापारिक दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं।
Related Questions
→
भारत के प्रमुख दर्रों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. चांग ला दर्रा (Chang La) - यह लद्दाख को तिब्बत से जोड़ने वाला एक उच्च पर्वतीय दर्रा है, जो जास्कर श्रेणी में स्थित है और यहाँ विश्व का तीसरा सबसे ऊँचा मोटर योग्य मार्ग है।
2. रोहतांग दर्रा (Rohtang Pass) - यह हिमाचल प्रदेश की पीर पंजाल श्रेणी में स्थित है, जो कुल्लू घाटी को लाहौल और स्पीति घाटियों से जोड़ता है और यहीं से रावी नदी का उद्गम होता है।
3. दिफु दर्रा (Diphu Pass) - यह अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी छोर पर भारत, म्यांमार और चीन की त्रिसंधि (Tri-junction) के समीप स्थित एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पर्वतीय दर्रा है।
4. पालघाट दर्रा (Palakkad Gap) - यह दक्षिणी भारत में नीलगिरी और अन्नामलाई पहाड़ियों के बीच स्थित एक प्रमुख गैप है, जो केरल को तमिलनाडु से जोड़ता है और इसके माध्यम से रेल एवं सड़क मार्ग गुजरते हैं।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
→
विवर्तनिक प्लेट सीमाओं, भूकंपीय छाया क्षेत्रों (Shadow Zones) और सुनामी तरंगों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भूकंपीय छाया क्षेत्र (Seismic Shadow Zone) वह क्षेत्र है जहाँ कोई भी भूकंपीय तरंग दर्ज नहीं की जाती है। P-तरंगों का छाया क्षेत्र 105° से 145° के बीच एक चौड़े बेल्ट के रूप में पाया जाता है, जबकि S-तरंगों का छाया क्षेत्र अधिक विस्तृत होता है क्योंकि यह 105° से आगे के पूरे गोलार्ध (105° से 180°) को कवर करता है, जिसका कारण S-तरंगों का तरल बाहरी कोर से न गुजर पाना है।
2. 'सुनामी' (Tsunami) तरंगें महासागरों के गहरे जल में अत्यधिक लंबी तरंग दैर्ध्य (Wavelength) और कम ऊँचाई वाली होती हैं, जिसके कारण गहरे समुद्र में जहाजों को इसका आभास नहीं होता है, किंतु उथले तटीय क्षेत्रों में पहुँचने पर इनकी तरंग दैर्ध्य और गति बढ़ जाती है जबकि इनकी ऊँचाई में भारी कमी आ जाती है।
3. अभिसारी प्लेट सीमाओं (Convergent Plate Boundaries) पर उत्पन्न होने वाले ज्वालामुखी उद्गार मुख्य रूप से 'स्ट्रोम्बोलियन' या 'वल्कैनियन' प्रकार के अत्यधिक विस्फोटक होते हैं, क्योंकि यहाँ सबडक्टेड प्लेट के पिघलने से बनने वाला मैग्मा उच्च सिलिका युक्त और गाढ़ा (Viscous) होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सुनामी कोई ज्वारीय तरंग नहीं है, बल्कि यह समुद्र के नीचे अचानक होने वाली तीव्र हलचल (जैसे बड़े भूकंप, भूस्खलन या ज्वालामुखी विस्फोट) के कारण विस्थापित होने वाले जल की विशाल राशि से उत्पन्न होने वाली लंबी अवधि की समुद्री लहरें हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
विश्व का सबसे ऊँचा जलप्रपात कौन सा है?
→
पृथ्वी के वायुमंडल की विभिन्न परतों, उनकी संरचनात्मक विशेषताओं तथा भूमंडलीय वायुदाब पेटियों (Global Pressure Belts) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायुमंडल के कुल द्रव्यमान का लगभग 99 प्रतिशत हिस्सा केवल शुरुआती 32 किलोमीटर की ऊँचाई के भीतर ही केंद्रित है, जिसमें नाइट्रोजन और ऑक्सीजन जैसी स्थायी गैसों का अनुपात लगभग स्थिर रहता है।
2. 'समताप मंडल' (Stratosphere) के निचले भाग में ओजोन गैस की अधिकता पाई जाती है, जो सूर्य की पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करती है, जिसके कारण इस परत में ऊँचाई के साथ तापमान में वृद्धि होती है और यह वाणिज्यिक विमानों के उड़ान भरने के लिए आदर्श स्थिति प्रदान करती है।
3. विषुवतीय निम्न वायुदाब पेटी (Equatorial Low-Pressure Belt) और ध्रुवीय उच्च वायुदाब पेटी (Polar High-Pressure Belt) दोनों ही तापीय रूप से प्रेरित (Thermally Induced) पेटियाँ हैं, जबकि उपोष्ण कटिबंधीय उच्च और उप-ध्रुवीय निम्न वायुदाब पेटियाँ गतिक रूप से प्रेरित (Dynamically Induced) होती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मध्यमंडल (Mesosphere) वायुमंडल की सबसे ठंडी परत है, जहाँ ऊँचाई के साथ तापमान में तीव्र गिरावट आती है और इस परत के ऊपरी हिस्से (मेसोपॉज) में तापमान गिरकर -100°C तक पहुँच जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत के अपवाह तंत्र (Drainage System) के संदर्भ में, हिमालयी नदियों और प्रायद्वीपीय नदियों की संरचना, उनके जलप्रवाह पैटर्न और भू-आकृतिक विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ अपने उद्गम से लेकर समुद्र तक पहुँचने के क्रम में 'युवावस्था' से 'प्रौढ़ावस्था' और अंत में 'वृद्धावस्था' के सभी चरणों का स्पष्ट प्रदर्शन करती हैं, तथा ये नदियाँ अपने मैदानी भागों में विसर्प (Meanders) बनाने के साथ-साथ मार्ग परिवर्तन (Course Shifting) के लिए भी कुख्यात हैं, जिसका सर्वोत्तम उदाहरण कोसी नदी है।
2. प्रायद्वीपीय नदियाँ 'परिपक्व' (Mature) अपवाह तंत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिनके घाटों की ढाल प्रवणता बहुत कम होती है और ये अपनी तली के कटाव (Vertical Erosion) के बजाय पार्श्व कटाव (Lateral Erosion) को अधिक प्राथमिकता देती हैं, जिसके कारण इनकी घाटियाँ चौड़ी और उथली होती हैं।
3. प्रायद्वीपीय पठार की अधिकांश मुख्य नदियाँ (जैसे महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी) पश्चिम से पूर्व की ओर बहती हैं और बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं, जिसका मुख्य कारण प्रायद्वीपीय पठार का सामान्य ढाल पश्चिम से पूर्व की ओर होना है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, चंबल और बेतवा नदियाँ प्रायद्वीपीय पठार के उत्तर की ओर बहने वाली नदियाँ हैं जो यमुना नदी में मिलती हैं, तथा यह प्रदर्शित करता है कि संपूर्ण प्रायद्वीपीय पठार का ढाल केवल एक दिशा में न होकर स्थानीय उच्चावच के अनुसार भिन्न-भिन्न है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.