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त्वरित लिंक्स

General Science
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ग्रहों की गति का नियम?

Detailed Explanation

केप्लर।
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→ प्रकाशिकी (Optics) में गोलीय दर्पणों और अपवर्तन के परिप्रेक्ष्य में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तल दर्पण की फोकस दूरी (Focal length) धनात्मक होती है, जबकि अवतल दर्पण की फोकस दूरी ऋणात्मक होती है, और किसी भी वास्तविक वस्तु के लिए उत्तल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब सदैव आभासी, सीधा तथा वस्तु के आकार से छोटा होता है। 2. जब प्रकाश किरण किसी सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण से अधिक हो जाता है, तब अपवर्तन कोण 90 डिग्री से अधिक हो जाता है और किरण वापस उसी माध्यम में लौट आती है जिसे प्रकाश का विकिपीडिया संदर्भ कहते हैं। 3. लेंस निर्माता सूत्र (Lens Maker's Formula) के अनुसार, लेंस की फोकस दूरी लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक और दोनों पृष्ठों की वक्रता त्रिज्याओं पर निर्भर करती है, तथा यदि किसी उत्तल लेंस को ऐसे द्रव में डुबोया जाए जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ से अधिक हो, तो उसकी फोकस दूरी ऋणात्मक हो जाती है और लेंस की अभिसारी प्रकृति अपसारी में बदल जाती है। 4. एक संयुक्त सूक्ष्मदर्शी (Compound Microscope) की आवर्धन क्षमता को बढ़ाने के लिए अभिदृश्यक (Objective) लेंस और नेत्रिका (Eyepiece) दोनों की फोकस दूरी बहुत अधिक होनी चाहिए ताकि अंतिम प्रतिबिंब अनंत पर स्पष्ट बन सके। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → मानव शरीर में पोषण और उपापचय (Metabolism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विटामिन B3 (नियासिन या निकोटिनिक अम्ल) का पूर्वगामी अमीनो अम्ल 'ट्रिप्टोफैन' है, जिसकी पर्याप्त मात्रा होने पर मानव यकृत में ट्रिप्टोफैन से नियासिन का संश्लेषण हो सकता है, और इसकी गंभीर कमी से 'पेलॅग्रा' (Pellagra) रोग होता है जिसे 'चार D' (डर्मेटाइटिस, डायरिया, डिमेंशिया और डेथ) लक्षणों से पहचाना जाता है। 2. ग्लाइकोजेनोलिसिस (Glycogenolysis) वह प्रक्रिया है जिसमें यकृत और पेशियों में संचित ग्लाइकोजन का जलअपघटन होकर ग्लूकोज-1-फास्फेट बनता है, जिसे प्रेरित करने का मुख्य कार्य इंसुलिन हॉर्मोन का होता है। 3. रेशेदार प्रोटीन (Fibrous proteins), जैसे कि किरेटिन और कोलेजन, जल में अघुलनशील होते हैं और इनकी polypeptide श्रृंखलाएँ हाइड्रोजन बंध तथा डिस्ल्फ़ाइड बंधों द्वारा एक मजबूत तंतुवत संरचना बनाती हैं, जो शरीर में संरक्षणात्मक और संरचनात्मक भूमिका निभाती हैं। 4. विटामिन K (फाइलोक्विнон) एक वसा-विलेय विटामिन है जो यकृत में प्रोथ्रॉम्बिन और अन्य रक्त का थक्का जमाने वाले कारकों के संश्लेषण के लिए कार्बोक्सिलेशन प्रक्रिया में एक आवश्यक सह-कारक (Cofactor) के रूप में कार्य करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → कोशिका का शक्ति केंद्र किसे कहते हैं? → मानव शरीर में 'ब्लड-ब्रेन बैरियर' (Blood-Brain Barrier - BBB) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह मस्तिष्क की केशिकाओं (Capillaries) की एंडोथेलियल कोशिकाओं के बीच पाए जाने वाले 'टाइट जंक्शन' (Tight Junctions) द्वारा निर्मित होता है, जो रक्त से मस्तिष्क के ऊतकों में हानिकारक पदार्थों के प्रवेश को रोकता है। 2. लिपिड-घुलनशील (Lipid-soluble) अणु जैसे ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड इस बैरियर को आसानी से पार कर लेते हैं, जबकि अधिकांश जल-घुलनशील (Water-soluble) अणु इसके पार नहीं जा सकते हैं। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → मानव शरीर के पाचन, श्वसन और तंत्रिका तंत्र की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आमाशय में जठर रस (Gastric juice) के भीतर मौजूद 'पेप्सिनोजन' एक निष्क्रिय एंजाइम है, जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($HCl$) की उपस्थिति में सक्रिय पेप्सिन में बदल जाता है और यह प्रोटीन को प्रोटीज तथा पेप्टोन में जलसघटित करता है। 2. फुफ्फुसीय वेंटिलेशन (Pulmonary ventilation) के दौरान, जब बाहरी अंतःश्वसन पेशियां (बाहरी इंटरकोस्टल मांसपेशियाँ और डायाफ्राम) संकुचित होती हैं, तो वक्ष गुहा का आयतन बढ़ जाता है जिसके परिणामस्वरूप फेफड़ों के भीतर का अंतःफुफ्फुसीय दबाव वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो जाता है। 3. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के न्यूरॉन्स में 'मिएलिन आच्छद' (Myelin sheath) का निर्माण परिधीय तंत्रिका तंत्र में श्वान कोशिकाओं द्वारा तथा केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में ऑलिगोडेंड्रोसाइट्स द्वारा होता है, जो तंत्रिका आवेगों के संचरण की गति को साल्टेटरी संवहन के माध्यम से तीव्र करता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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