त्वरित लिंक्स
General Science
19 views
चेचक का टीका?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जेनर।
Related Questions
→
प्रकाश का रंग किस पर निर्भर है?
→
मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और विभिन्न हॉर्मोनों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'गोनाडोट्रोपिन-रिलीजिंग हॉर्मोन' (GnRH) अग्र पीयूष ग्रंथि को उद्दीपित करता है ताकि वह ल्यूटिनाइजिंग हॉर्मोन (LH) और फॉलिकल-स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन (FSH) का स्रावण करे।
2. अधिवृक्क मज्जा (Adrenal Medulla) सिम्पैथेटिक तंत्रिका तंत्र के नियंत्रण में 'एपिनफ्राइन' और 'नॉरएपिनफ्राइन' हॉर्मोन का स्रावण करती है, जिन्हें 'आपातकालीन हॉर्मोन' या 'फ्लाइट या फाइट हॉर्मोन' भी कहा जाता है।
3. पैराथाइराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'पैराथाइराइड हॉर्मोन' (PTH) एक हाइपोकैल्सीमिक हॉर्मोन है, जो रक्त में कैल्सियम के स्तर को घटाने का कार्य करता है।
4. पीनियल ग्रंथि द्वारा स्रावित 'मेलाटोनिन' हॉर्मोन शरीर की दैनिक लय (Circadian Rhythm) जैसे कि नींद-जागने के चक्र और शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
रासायनिक बंधन (Chemical Bonding) तथा अम्ल, क्षार और लवण (Acids, Bases and Salts) के वैचारिक पहलुओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लुईस अम्ल (Lewis Acid) वे रासायनिक स्पीशीज होते हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करने की प्रवृत्ति रखते हैं (इलेक्ट्रॉन-युग्म ग्राही), जबकि लुईस क्षार (Lewis Base) इलेक्ट्रॉन-युग्म दाता होते हैं।
2. जब किसी दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार का उदासीनीकरण किया जाता है, तो बनने वाले लवण का जलीय विलयन जल-अपघटन (Hydrolysis) के कारण क्षारीय प्रकृति का होता है और उसका pH मान 7 से अधिक होता है।
3. आयनिक बंध (Ionic Bond) का निर्माण मुख्य रूप से तब होता है जब एक परमाणु से दूसरे परमाणु में इलेक्ट्रॉनों का पूर्ण स्थानांतरण होता है, और यह दिशात्मक (Directional) प्रकृति का होता है जिसके कारण आयनिक यौगिक निश्चित ज्यामितीय आकृतियाँ बनाते हैं।
4. 'बफर विलयन' (Buffer Solution) वे विलयन होते हैं जो अपने अंदर थोड़ा सा अम्ल या क्षार मिलाने पर अपने pH मान में परिवर्तन का विरोध करते हैं, जैसे कि एसिटिक अम्ल ($CH_3COOH$) और सोडियम एसिटेट ($CH_3COONa$) का मिश्रण एक अम्लीय बफर का उदाहरण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
ऊष्मागतिकी (Thermodynamics) और तापमापी के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम (Zeroth Law of Thermodynamics) ताप की संकल्पना को परिभाषित करता है, जिसके अनुसार यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ अलग-अलग तापीय साम्य (Thermal Equilibrium) में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्य में होंगे।
2. प्लैटिनम प्रतिरोध तापमापी (Platinum Resistance Thermometer) का कार्य सिद्धांत इस तथ्य पर आधारित है कि धातुओं का विद्युत प्रतिरोध तापमान में वृद्धि के साथ रैखिक रूप से घटता है।
3. रुद्धोष्म प्रक्रम (Adiabatic Process) के दौरान निकाय और परिवेश के बीच ऊष्मा का कोई आदान-प्रदान नहीं होता ($dQ = 0$), और इस प्रक्रम में पॉइजन का समीकरण ($PV^gamma = \text{नियतांक}$) लागू होता है, जहाँ $\gamma$ दाब और आयतन की विशिष्ट ऊष्माओं का अनुपात है।
4. जल का त्रिक बिंदु (Triple Point of Water) वह विशिष्ट तापमान और दाब की स्थिति है जिस पर बर्फ, द्रव जल और जलवाष्प सह-अस्तित्व में होते हैं, और केल्विन पैमाने पर इसका मान 273.16 K होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
आनुवंशिकी और जैव विकास (Genetics and Evolution) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हार्डी-वीनबर्ग संतुलन (Hardy-Weinberg equilibrium) के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संगमित होने वाली आबादी में एलील आवृत्तियां (Allele frequencies) पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रहती हैं, बशर्ते आबादी में उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, जीन प्रवाह और आनुवंशिक विचलन (Genetic drift) का प्रभाव न हो।
2. 'अनुवंशिक अपवाह' (Genetic drift) विशेष रूप से छोटी आबादी में होने वाली एक यादृच्छिक घटना है, जो 'फाउंडर इफेक्ट' (Founder effect) और 'बॉटलनेक इफेक्ट' (Bottleneck effect) के माध्यम से आबादी में आनुवंशिक विविधता को कम कर सकती है।
3. लैमार्कवाद (Lamarckism) के अनुसार, जीवों द्वारा जीवनकाल में अर्जित किए जाने वाले लक्षण (Acquired characters) अगली पीढ़ी को वंशागत नहीं होते हैं, क्योंकि वीजद्रव्य (Germplasm) की निरंतरता का सिद्धांत वीजद्रव्य और कायिक द्रव्य को पृथक् मानता है।
4. समजात अंग (Homologous organs) वे अंग होते हैं जिनकी उत्पत्ति और मूल संरचना समान होती है किंतु उनके कार्य भिन्न हो सकते हैं, और यह अभिसारी विकास (Convergent evolution) का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.