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Geography
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भारत के प्रमुख पर्वतीय दर्रों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'काराकोराम् दर्रा' (Karakoram Pass) भारत और चीन (क्सिनजियांग) के बीच लद्दाख क्षेत्र में अक्साई चीन के उत्तर में स्थित एक अत्यंत ऊँचा सामरिक दर्रा है, जिससे प्राचीन सिल्क रूट गुजरता था।
- 2. 'ज़ोजिला दर्रा' (Zoji La) जाँस्कर श्रेणी में स्थित है, जो श्रीनगर को लेह (लद्दाख) से जोड़ता है और सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण यह मार्ग बंद रहता है।
- 3. 'माना दर्रा' (Mana Pass) उत्तराखंड राज्य में कुमाऊँ क्षेत्र को तिब्बत से जोड़ता है, जो दुनिया के सबसे ऊंचे मोटर योग्य दर्रों में से एक है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'पालघाट दर्रा' (Palghat Gap) पश्चिमी घाट में नीलगिरी और अन्नामलाई पहाड़ियों के बीच स्थित एक प्रमुख दर्रा है, जो तमिलनाडु (कोयंबटूर) को केरल (कोच्चि/पालक्काड़) से जोड़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। 1. काराकोरम दर्रा लद्दाख में भारत और चीन के बीच काराकोरम श्रेणी पर स्थित है और ऐतिहासिक सिल्क रूट का हिस्सा है। 2. ज़ोजिला दर्रा जाँस्कर श्रेणी में स्थित है जो श्रीनगर और लेह के बीच सड़क मार्ग प्रदान करता है। 3. माना दर्रा (या डूंगरी ला) उत्तराखंड में स्थित है और यह भारत-तिब्बत सीमा पर दुनिया के सबसे ऊंचे वाहन चलाने योग्य दर्रों में शामिल है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पालघाट दर्रा (पालक्काड़ गैप) पश्चिमी घाट की पहाड़ियों (नीलगिरी और अन्नामलाई) के बीच एक चौड़ा दर्रा है, जो दक्षिण भारत के राज्यों केरल और तमिलनाडु के बीच रेल और सड़क संपर्क को सुगम बनाता है।
Related Questions
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) के वितरण, उनके तापमान और उनके क्षेत्रीय प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'पेरू जलधारा' (Peru Current), जिसे हम्बोल्ट जलधारा भी कहा जाता है, दक्षिण प्रशांत महासागर की एक ठंडी जलधारा है जो दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर प्रवाहित होती है और यह अटाकामा मरुस्थल के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाती है।
2. 'अलास्का जलधारा' (Alaska Current) उत्तरी प्रशांत महासागर की एक गर्म जलधारा है, जो उत्तरी अमेरिका के उत्तर-पश्चिमी तट के सहारे प्रवाहित होती है और इसके प्रभाव से उच्च अक्षांशों पर स्थित होने के बावजूद इस क्षेत्र के बंदरगाह सर्दियों में जमे नहीं रहते।
3. 'लैब्राडोर जलधारा' (Labrador Current) आर्कटिक महासागर से दक्षिण की ओर बहने वाली एक गर्म जलधारा है, जो न्यूफाउंडलैंड के तट के पास गल्फ स्ट्रीम से मिलकर दुनिया के सबसे बड़े मतस्य क्षेत्रों (Grand Banks) का निर्माण करती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'नॉरवेरियन जलधारा' (Norwegian Current) उत्तर अटलांटिक प्रवाह की एक गर्म शाखा है जो नॉर्वे के पश्चिमी तट के उत्तर की ओर बहती है और उच्च अक्षांशों पर भी वहाँ की जलवायु को अपेक्षाकृत हल्का रखती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के भौगोलिक विस्तार, अक्षांशीय तथा देशांतर रेखाओं की स्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत का मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के बीच है, और इस प्रकार इसका अक्षांशीय विस्तार लगभग 29° का है, जिसके कारण कन्याकुमारी और कश्मीर के बीच स्थानीय समय में लगभग दो घंटे का अंतर पाया जाता है।
2. भारत के मानक याम्योत्तर (82°30' पूर्व देशांतर) को देश की केंद्रीय देशांतर रेखा माना जाता है, जो उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश कुल पाँच राज्यों से होकर गुजरती है।
3. कर्क रेखा (23°30' उत्तर अक्षांश) भारत को लगभग दो बराबर भागों में विभाजित करती है और यह देश के कुल 8 राज्यों—गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम—से होकर गुजरती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का देशांतरीय विस्तार लगभग 29° (68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व) है, जिसके कारण देश के सबसे पश्चिमी बिंदु (गुहार मोती) और सबसे पूर्वी बिंदु (किबिथु) के सूर्योदय के समय में वास्तविक रूप से लगभग दो घंटे (120 मिनट) का अंतराल होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के वन संरक्षण, राष्ट्रीय उद्यानों, वन्यजीव अभ्यारण্যের जैव-भौगोलिक वर्गीकरण तथा इनसे जुड़ी महत्वपूर्ण प्रजातियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत के वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (Wildlife Protection Act, 1972) की धारा 35 के अंतर्गत किसी क्षेत्र को 'राष्ट्रीय उद्यान' (National Park) के रूप में घोषित किया जाता है, जहाँ सभी प्रकार की मानवीय गतिविधियाँ, पशुओं की चराई और निजी भूमि के अधिकार पूर्णतः प्रतिबंधित होते हैं, सिवाय इसके कि राज्य सरकार के मुख्य वन्यजीव वार्डन की अनुमति से विशेष संरक्षण कार्यों हेतु प्रवेश मिल सके।
2. 'भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट' (ISFR) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 7% हिस्सा 'पूर्वोत्तर भारत' (North-East India) के राज्यों के अंतर्गत आता है, परंतु देश के कुल वन आवरण का लगभग एक-चौथाई (25% से अधिक) हिस्सा अकेले पूर्वोत्तर राज्यों में ही केंद्रित है, जो इस क्षेत्र की उच्च वन घनत्व को दर्शाता है।
3. मध्य प्रदेश राज्य में स्थित 'कौनो राष्ट्रीय उद्यान' (Kuno National Park) में अफ्रीकी चीतों के पुनर्लौटन (Cheetah Introduction Project) के तहत जिन चीतों को लाया गया है, उन्हें मुख्य रूप से 'खुले घास के मैदान और कांटेदार झाड़ियों' (Open Grasslands and Thorn Woodlands) वाले बायोम में बसाया गया है, क्योंकि चीते घने जंगलों की तुलना में इस प्रकार के खुले आवास में शिकार करने के लिए अनुकूलित होते हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत को वन्यजीव और वनस्पति के संरक्षण के लिए कुल 10 जैव-भौगोलिक क्षेत्रों (Biogeographic Zones) और 25 जैव-भौगोलिक प्रांतों (Biogeographic Provinces) में विभाजित किया गया है, जिसमें 'दक्कन प्रायद्वीप' (Deccan Peninsula) सबसे बड़ा जैव-भौगोलिक क्षेत्र है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में हिमालयी नदियों और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ अपने उद्गम से लेकर मुहाने तक विसर्पण (Meandering) जैसी युवावस्था की स्थलाकृतियों का निर्माण करती हुई मैदानों में विशाल डेल्टा बनाती हैं, जबकि अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियाँ परिपक्व अवस्था में पहुँचकर अपने मार्ग में केवल ऐश्वरी (Estuary) का निर्माण करती हैं।
2. 'पूर्ववर्ती अपवाह' (Antecedent Drainage) का एक उत्कृष्ट उदाहरण हिमालयी नदियाँ (जैसे- सिंधु, सतलज और ब्रह्मपुत्र) हैं, जो हिमालय के उत्थान से पहले से बह रही थीं और उन्होंने पहाड़ों को काटकर गार्ज (Gorges) का निर्माण किया है।
3. प्रायद्वीपीय नदियों का प्रवाह मुख्य रूप से ढाल की दिशा (पश्चिम से पूर्व की ओर, नर्मदा और ताप्ती को छोड़कर) पर निर्भर करता है, और ये नदियाँ अपनी घाटियों की 'आधार तल' (Base Level) को प्राप्त कर चुकी हैं, जिसके कारण ये मौसमी (Non-perennial) होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत की जनगणना 2011 के जनसांख्यिकीय संकेतकों और मानवजातीय (Racial) विन्यास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बी.एस. गुहा (B.S. Guha) के भारत के नस्लीय वर्गीकरण के अनुसार, 'नेग्रिटो' (Negrito) प्रजाति के अवशेष भारत की मुख्य भूमि पर लगभग समाप्त हो चुके हैं, लेकिन ये आज भी केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक की पहाड़ियों में निवास करने वाली कुछेक जनजातियों (जैसे कादर और पaliyans) तथा अंडमान द्वीप समूह के मूल आदिवासियों में देखे जा सकते हैं।
2. वर्ष 2011 की जनगणना के अंतिम आँकड़ों के अनुसार, भारत में 'दैनिक और दीर्घकालिक प्रवासन' के संदर्भ में कुल प्रवासियों की संख्या में महिलाओं का प्रतिशत पुरुषों की तुलना में अत्यधिक है, जिसका मुख्य कारण विवाह के पश्चात महिलाओं का अपने पैतृक निवास से ससुराल की ओर प्रस्थान करना है।
3. भारत की कुल जनसंख्या में 'अनुसूचित जनजाति' (Scheduled Tribes) का हिस्सा लगभग 8.6% है, और वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 'मिजोरम' राज्य में उसकी कुल जनसंख्या के सापेक्ष अनुसूचित जनजाति का प्रतिशत (लगभग 94.4%) देश के सभी राज्यों में सबसे अधिक है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, वर्ष 2011 की जनगणना के दौरान भारत का कुल जनसंख्या घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर दर्ज किया गया था, जिसमें 'बिहार' राज्य 1106 व्यक्तियों प्रति वर्ग किमी के साथ राज्यों में सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाला राज्य था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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