त्वरित लिंक्स
Geography
18 views
वायुमंडल में पवन प्रणालियों, आर्द्रता और चक्रवातों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'रोज़बी तरंगें' (Rossby Waves) क्षोभमंडल के ऊपरी स्तरों और समताप मंडल में प्रवाहित होने वाली लंबी और घुमावदार वायुमंडलीय तरंगें हैं, जो पृथ्वी के घूर्णन (कोरियोलिस प्रभाव) के कारण उत्पन्न होती हैं और वैश्विक मौसम के प्रतिरूप को नियंत्रित करती हैं।
- 2. 'वाष्पोसर्जन' (Transpiration) और वाष्पीकरण की संयुक्त प्रक्रिया को 'वाष्पोत्सर्जन' (Evapotranspiration) कहा जाता है, और किसी निश्चित तापमान पर वायु में मौजूद जलवाष्प की मात्रा और उसी तापमान पर संतृप्त वायु की क्षमता के अनुपात को 'सापेक्ष आर्द्रता' (Relative Humidity) कहते हैं।
- 3. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) के विपरीत, शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातों (Extra-tropical Cyclones) का विस्तार बहुत व्यापक होता है, इनकी उत्पत्ति केवल महासागरीय सतह पर होती है और इनके साथ कोई वाताग्र (Front) जुड़ा हुआ नहीं होता है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उष्णकटिबंधीय चक्रवात कोरियोलिस बल के प्रभाव से उत्तरी गोलार्ध में घड़ी की सुई की दिशा (Clockwise) में और दक्षिणी गोलार्ध में घड़ी की सुई के विपरीत (Counter-clockwise) दिशा में चक्कर लगाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि 'रोज़बी तरंगें' (Rossby Waves) पृथ्वी के घूर्णन और कोरियोलिस प्रभाव के कारण क्षोभमंडल और समताप मंडल के ऊपरी स्तरों में प्रवाहित होने वाली बड़ी वायुमंडलीय तरंगें हैं जो मौसम के पैटर्न को प्रभावित करती हैं। कथन 2 भी सही है क्योंकि सापेक्ष आर्द्रता (Relative Humidity) किसी दिए गए तापमान पर वायु में उपस्थित जलवाष्प की मात्रा और उसी तापमान पर वायु की जलवाष्प धारण करने की अधिकतम क्षमता का अनुपात होती है। कथन 3 गलत है क्योंकि शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातों (Extra-tropical Cyclones) की उत्पत्ति स्थल और जल दोनों पर होती है और इनके साथ वाताग्र (Front) जुड़े होते हैं, जबकि उष्णकटिबंधीय चक्रवातों में वाताग्र नहीं होते। कथन 4 गलत है क्योंकि कोरियोलिस बल के प्रभाव के कारण उत्तरी गोलार्ध में उष्णकटिबंधीय चक्रवात घड़ी की सुई के विपरीत (Counter-clockwise या Anticlockwise) और दक्षिणी गोलार्ध में घड़ी की सुई की दिशा (Clockwise) में चक्कर लगाते हैं। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार चक्रवातों की घूर्णन दिशा गोलार्धों के अनुसार भिन्न होती है।
Related Questions
→
भारत के प्रमुख उद्योगों, औद्योगिक गलियारों और परिवहन बुनियादी ढाँचे (राष्ट्रीय राजमार्ग, रेल व जलमार्ग) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा' (DMIC) परियोजना भारत और जापान के सहयोग से विकसित की जा रही एक मेगा अवसंरचना परियोजना है, जो पश्चिमी समर्पित मालवहन गलियारे (Western DFC) के दोनों ओर लगभग 150 किलोमीटर के प्रभाव क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्रों का विकास करती है।
2. 'राष्ट्रीय जलमार्ग-1' (NW-1) हल्दिया से प्रयागराज तक गंगा-भागीरथी-हूगली नदी प्रणाली पर स्थित देश का सबसे लंबा राष्ट्रीय जलमार्ग है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 1,620 किलोमीटर है।
3. भारत में 'स्वर्ण चतुर्भुज' (Golden Quadrilateral) परियोजना के अंतर्गत देश के चार महानगरों (दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता) को जोड़ने वाले छह/चार लेन वाले एक्सप्रेसवे का निर्माण किया गया है, जिसका प्रबंधन और रख-रखाव राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की पहली आधुनिक सूती वस्त्र मिल की स्थापना वर्ष 1818 में कोलकाता के पास फोर्ट ग्लास्टर में की गई थी, जो व्यावसायिक रूप से असफल हो गई थी, जबकि देश में आधुनिक सूती कपड़ा उद्योग की वास्तविक और सफल शुरुआत 1854 में मुंबई (बम्बई) में 'कोटा पार्सटन स्पिनिंग एंड वीविंग कंपनी' की स्थापना के साथ हुई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत में सिंचाई के प्रमुख साधनों, कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic zones) और फसल प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत के कुल शुद्ध सिंचित क्षेत्र में 'नलकूप और अन्य कुओं' (Tube wells and wells) का हिस्सा सर्वाधिक है, जिसमें उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्य अग्रणी हैं, जबकि नहर सिंचाई का दूसरा सबसे बड़ा भाग उत्तर भारत के जलोढ़ मैदानों में पाया जाता है।
2. 'धान' (Rice) एक उष्णकटिबंधीय खरीफ फसल है, जिसके लिए उच्च तापमान (25°C से ऊपर), उच्च आर्द्रता और 100 सेमी से अधिक वार्षिक वर्षा की आवश्यकता होती है, किंतु भारत के पूर्वी तटीय डेल्टा क्षेत्रों और पंजाब-हरियाणा जैसे कम वर्षा वाले राज्यों में इसे नहरों और नलकूपों की भारी सिंचाई के माध्यम से सफलतापूर्वक उगाया जाता है।
3. 'ड्रिप सिंचाई' (Drip Irrigation) और 'फव्वारा सिंचाई' (Sprinkler Irrigation) जैसी सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियाँ न केवल जल उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency) को अधिकतम करती हैं, बल्कि मृदा के क्षारीय होने और भूजल स्तर के अत्यधिक दोहन को भी पूरी तरह से रोक देती हैं।
4. मिश्रित कृषि (Mixed Farming) के अंतर्गत फसलों के उत्पादन के साथ-साथ पशुपालन और कुक्कुट पालन को भी एक साथ अपनाया जाता है, जो भारतीय किसानों के लिए जोखिम को कम करने और वर्ष भर आय सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में, हिमालयी नदियों और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ पूर्ववर्ती (Antecedent) अपवाह का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती हैं, जिसका अर्थ है कि ये नदियाँ हिमालय के उत्थान से पहले से बह रही थीं और इन्होंने अपने मार्ग में गहरे महाखड्डों (Gorges) का निर्माण करते हुए अपनी घाटियों को गहरा किया है।
2. प्रायद्वीपीय नदियाँ अपने विकास के परिपक्व चरण में हैं, जिनकी घाटियाँ चौड़ी और उथली होती हैं, तथा ये नदियाँ अपने मार्गों में तीव्र अपरदन के कारण विसर्पण (Meandering) जैसी विशेषताओं को कभी भी प्रदर्शित नहीं करती हैं।
3. कोसी नदी, जो अपनी मार्ग बदलने की प्रवृत्ति के लिए कुख्यात है, हिमालयी नदी तंत्र का हिस्सा है और यह नेपाल से निकलकर गंगा में मिलने से पहले अत्यधिक मात्रा में अवसाद (Silt) का निक्षेपण करती है।
4. प्रायद्वीपीय भारत की अधिकांश प्रमुख नदियाँ (जैसे गोदावरी, कृष्णा और कावेरी) पश्चिम घाट से निकलकर पूर्व की ओर बहती हुई बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं और मुहानों पर सुंदर डेल्टा का निर्माण करती हैं, जबकि नर्मदा और तापी नदियाँ भ्रंश घाटियों से होते हुए अरब सागर में ज्वारनदमुख (Estuaries) बनाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
पृथ्वी की वायुमंडलीय पवन प्रणालियों, आर्द्रता के प्रकार और चक्रवातों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'रोज़बी तरंगें' (Rossby Waves) क्षोभमंडल के ऊपरी स्तरों और समताप मंडल में प्रवाहित होने वाली लंबी वायुमंडलीय तरंगें हैं, जो पृथ्वी के घूर्णन (कोरिऑलिस प्रभाव) और तापमान प्रवणता के कारण जेट स्ट्रीम के मार्ग में विशाल वक्रों (Meanders) के रूप में उत्पन्न होती हैं।
2. 'पर्वतीय वर्षा' (Orographic Rainfall) तब होती है जब आर्द्र पवनें किसी पर्वतीय अवरोध से टकराकर ऊपर उठती हैं, जिसके फलस्वरूप पवन-मुख ढाल (Windward Slope) पर भारी वर्षा होती है, जबकि विपरीत दिशा का वृष्टिछाया क्षेत्र (Rain-shadow Area) शुष्क रहता है।
3. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) के केंद्र में 'चक्रवात की आँख' (Eye of the Cyclone) स्थित होती है, जो उच्च दाब (High Pressure) का क्षेत्र होती है जहाँ हवाएँ तेजी से नीचे बैठती हैं और आसमान अत्यंत साफ व शांत होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातों (Temperate Cyclones) का निर्माण ध्रुवीय वाताग्र (Polar Front) के सहारे गर्म और ठंडी वायु राशियों के अभिसरण से होता है, जिनका मार्ग सामान्यतः पश्चिम से पूर्व की ओर पछुआ हवाओं द्वारा निर्देशित होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत की जनगणना 2011 और जनसंख्या वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या में ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत लगभग 68.8% है, जबकि सर्वाधिक ग्रामीण जनसंख्या प्रतिशत वाला राज्य हिमाचल प्रदेश है।
2. भारत में जनसंख्या का घनत्व (Population Density) लगातार बढ़ रहा है और 2011 की जनगणना के अनुसार देश का औसत जनसंख्या घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर दर्ज किया गया, जिसमें बिहार राज्य 1106 व्यक्तियों के साथ पहले स्थान पर है।
3. भारत की कुल जनसंख्या में अनुसूचित जातियों (Scheduled Castes) का अनुपात लगभग 16.6% है, और राज्यों के संदर्भ में पंजाब राज्य में कुल जनसंख्या के प्रतिशत के आधार पर अनुसूचित जातियों का अनुपात सबसे अधिक पाया जाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या में दशकीय वृद्धि दर (Decadal Growth Rate) 2001-2011 के दौरान 17.7% दर्ज की गई, जो कि पिछले दशकों की तुलना में गिरावट की प्रवृत्ति को दर्शाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.