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Geography
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भूकंपीय तरंगों के संचरण, ज्वालामुखी के प्रकार और सुनामी की भौतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं जो ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गमन कर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) तरंगें हैं जो केवल ठोस माध्यमों से ही गुजर सकती हैं।
  2. 2. शील्ड ज्वालामुखी (Shield Volcanoes) मुख्य रूप से कम श्यानता (Low viscosity) वाले बेसाल्टिक लावा के शांत प्रवाह से बनते हैं, जिसके कारण ये अत्यधिक विस्फोटक होते हैं और इनसे पाइरोक्लास्टिक मलबा बड़े पैमाने पर निकलता है।
  3. 3. सुनामी तरंगें गहरे समुद्र में अत्यंत लंबी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) और बहुत कम आयाम (Amplitude) वाली होती हैं, जिसके कारण गहरे समुद्र में गुजरने वाले जहाजों को इसका आभास नहीं होता, किंतु तट के पास उथले पानी में पहुँचने पर इनकी गति मंद हो जाती है और तरंग की ऊँचाई (आयाम) में अत्यधिक वृद्धि हो जाती है।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार महासागरीय तलों पर अचानक होने वाले तीव्र विवर्तनिक विस्थापन या भूस्खलन के कारण पानी का भारी मात्रा में विस्थापन होता है, जो महासागरीय बेसिन में विनाशकारी सुनामी लहरों को जन्म देता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि प्राथमिक (P) तरंगें अनुदैर्ध्य होती हैं और सभी माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक (S) तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं और केवल ठोस माध्यमों में ही चल सकती हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि शील्ड ज्वालामुखी कम श्यानता वाले बेसाल्टिक लावा के शांत प्रवाह से बनते हैं और ये सामान्यतः कम विस्फोटक (कम विनाशकारी विस्फोट वाले) होते हैं, न कि अत्यधिक विस्फोटक। कथन 3 सही है क्योंकि गहरे समुद्र में सुनामी की तरंगदैर्ध्य बहुत लंबी और आयाम कम होता है, और तट के पास उथले पानी में आने पर उनकी गति कम हो जाती है जबकि उनका आयाम (ऊँचाई) बढ़ जाता है। कथन 4 सही है, जैसा कि विकिपीडिया संदर्भ में उल्लेखित है कि समुद्री तलों पर विवर्तनिक हलचलों से जल के विस्थापन द्वारा सुनामी उत्पन्न होती है। अतः विकल्प (a) सही उत्तर है।
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