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Geography
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सौर मंडल के बाह्य ग्रहों (Outer Planets/Gas Giants) और आंतरिक ग्रहों (Terrestrial Planets) की संरचना, उनके उपग्रहों तथा खगोलीय विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. आंतरिक ग्रह सूर्य के निकट स्थित हैं और मुख्य रूप से सिलिकेट चट्टानों तथा धातुओं से बने हैं, जिसके कारण इनका घनत्व बाह्य ग्रहों की तुलना में काफी अधिक होता है, और इनमें से शुक्र तथा मंगल ग्रह के कोई भी प्राकृतिक उपग्रह (Natural Satellites) नहीं हैं।
- 2. बाह्य ग्रहों (जैसे बृहस्पति, शनि, अरुण और वरुण) के चारों ओर मीथेन, अमोनिया और जल के कणों से बने वलय (Rings) पाए जाते हैं, तथा इनमें से शनि ग्रह का घनत्व इतना कम है कि यदि इसे पानी के एक विशाल महासागर में डाला जाए तो यह पानी पर तैरने लगेगा।
- 3. क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) मुख्य रूप से मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के बीच स्थित है, जहाँ 'सारेस' (Ceres) इस पेटी का सबसे बड़ा पिंड है जिसे अंतरराष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) द्वारा एक बौने ग्रह के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार हमारे सौर मंडल के सभी ग्रहों में से 'गैनीमेड' (Ganymede) बृहस्पति का सबसे बड़ा उपग्रह है, जो आकार में बुध ग्रह से भी बड़ा है और इसके पास अपना स्वयं का चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) भी मौजूद है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि आंतरिक ग्रहों में पृथ्वी और मंगल के पास प्राकृतिक उपग्रह हैं (मंगल के दो उपग्रह फोबोस और डीमोस हैं), जबकि बुध और शुक्र ग्रह के पास कोई प्राकृतिक उपग्रह नहीं है। कथन 2 सही है, बाह्य ग्रहों के पास वलय प्रणालियाँ हैं और शनि का घनत्व (लगभग 0.687 g/cm³) जल के घनत्व से भी कम है। कथन 3 सही है, क्षुद्रग्रह पेटी मंगल और बृहस्पति के मध्य स्थित है और सारेस इसका सबसे बड़ा बौना ग्रह है। कथन 4 सही है, गैनीमेड सौर मंडल का सबसे बड़ा उपग्रह है और इसमें चुंबकीय क्षेत्र पाया जाता है।
Related Questions
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विवर्तनिक प्लेटों की गतिशीलता, भूकंपीय तरंगों के संचरण और सुनामी की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंगें होती हैं जो ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों में संचरित हो सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) तरंगें होती हैं जो केवल ठोस माध्यम में गति करती हैं और तरल बाह्य क्रोर (Outer Core) में प्रवेश करते समय लुप्त हो जाती हैं।
2. 'सुनामी' (Tsunami) जापानी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ 'बंदरगाह लहरें' होता है, और गहरे समुद्र में इनकी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) बहुत लंबी तथा ऊँचाई बहुत कम होती है, जिसके कारण गहरे समुद्र में गुजरने वाले जहाजों को इसका आभास नहीं होता है।
3. 'रिक्टर पैमाना' (Richter Scale) एक रैखिक (Linear) पैमाना है जो भूकंप द्वारा मुक्त होने वाली कुल ऊर्जा को मापता है, जिसमें पैमाने पर प्रत्येक एक अंक की वृद्धि ऊर्जा में 10 गुना की वृद्धि को प्रदर्शित करती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी की सतह पर भूकंपीय तरंगों का सबसे पहले अनुभव अधिकेंद्र (Epicenter) पर होता है, जो ठीक उद्गम केंद्र (Focus / Hypocenter) के नीचे गहराई में स्थित बिंदु होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र (Drainage System) के संदर्भ में, हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की संरचना, विशेषताओं और उनके जल-प्रवाह तंत्र के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ बारहमासी (Perennial) होती हैं क्योंकि इन्हें जल का पोषण पिघलते हुए हिमनदों (Glaciers) और मानसूनी वर्षा दोनों से प्राप्त होता है, जबकि प्रायद्वीपीय नदियाँ अनित्य (Non-perennial या Seasonal) होती हैं और इनका प्रवाह पूरी तरह से वर्षा के जल पर निर्भर करता है।
2. प्रायद्वीपीय भारत की अधिकांश प्रमुख नदियाँ (जैसे गोदावरी, कृष्णा, कावेरी और महानदी) पश्चिम घाट से निकलकर पूर्व की ओर बहती हुई बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं और अपने मुहाने पर विशाल डेल्टा का निर्माण करती हैं, जबकि नर्मदा और ताप्ती नदियाँ भ्रंश घाटियों (Rift Valleys) से होते हुए पश्चिम की ओर बहकर अरब सागर में Estuary (एश्वरी) बनाती हैं।
3. हिमालयी नदियों का ढाल मध्य और निचले मैदानी भागों में अत्यधिक तीव्र और सर्पिलाकार होता है, जिसके कारण ये अपने मार्ग में तीव्र गति से कटाव करती हैं और विसर्पण (Meandering) की प्रवृत्ति प्रायद्वीपीय नदियों की तुलना में बहुत कम दिखाती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रायद्वीपीय भारत की नदियाँ एक परिपक्व अवस्था में पहुँच चुकी हैं, जिनका ढाल प्रवणता (Gradient) बहुत कम और स्थिर है, और ये अपने लंबे इतिहास में अपने आधार तल (Base level) को प्राप्त कर चुकी हैं, जिससे इनमें लंबवत अपरदन (Vertical erosion) के स्थान पर क्षैतिज अपरदन (Lateral erosion) अधिक होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वायुमंडल में पवन प्रणालियों, आर्द्रता और चक्रवातों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'रोज़बी तरंगें' (Rossby Waves) क्षोभमंडल के ऊपरी स्तरों और समताप मंडल में प्रवाहित होने वाली लंबी और घुमावदार वायुमंडलीय तरंगें हैं, जो पृथ्वी के घूर्णन (कोरियोलिस प्रभाव) के कारण उत्पन्न होती हैं और वैश्विक मौसम के प्रतिरूप को नियंत्रित करती हैं।
2. 'वाष्पोसर्जन' (Transpiration) और वाष्पीकरण की संयुक्त प्रक्रिया को 'वाष्पोत्सर्जन' (Evapotranspiration) कहा जाता है, और किसी निश्चित तापमान पर वायु में मौजूद जलवाष्प की मात्रा और उसी तापमान पर संतृप्त वायु की क्षमता के अनुपात को 'सापेक्ष आर्द्रता' (Relative Humidity) कहते हैं।
3. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) के विपरीत, शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातों (Extra-tropical Cyclones) का विस्तार बहुत व्यापक होता है, इनकी उत्पत्ति केवल महासागरीय सतह पर होती है और इनके साथ कोई वाताग्र (Front) जुड़ा हुआ नहीं होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उष्णकटिबंधीय चक्रवात कोरियोलिस बल के प्रभाव से उत्तरी गोलार्ध में घड़ी की सुई की दिशा (Clockwise) में और दक्षिणी गोलार्ध में घड़ी की सुई के विपरीत (Counter-clockwise) दिशा में चक्कर लगाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक परतों (Layers), घनत्व भिन्नता और विभिन्न चट्टानों के रासायनिक व खनिज गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पृथ्वी की क्रपटी (Crust) का औसत घनत्व लगभग 2.7 से 3.0 ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर होता है, जबकि संपूर्ण पृथ्वी का औसत घनत्व लगभग 5.5 ग्राम/सेमी³ है, जो यह दर्शाता है कि जैसे-जैसे हम केंद्र की ओर बढ़ते हैं, भारी और उच्च घनत्व वाले तत्वों (जैसे निकेल और लोहा) की सांद्रता बढ़ती जाती है।
2. आग्नेय चट्टानों (Igneous Rocks) में सिलिका की मात्रा के आधार पर उन्हें 'अम्लीय' (Acidic, जैसे ग्रेनाइट) और 'क्षारीय' (Basic, जैसे गैब्रॉ और बेसाल्ट) श्रेणियों में विभाजित किया जाता है, जहाँ अम्लीय चट्टानों में सिलिका की मात्रा 65% से अधिक होती है और इनका घनत्व कम होता है।
3. 'डायमंड' (हीरा) और 'ग्रेफाइट' कार्बन के अपरूप हैं, जिनका निर्माण पृथ्वी की पपड़ी या ऊपरी मेंटल के अत्यधिक उच्च दाब और तापमान की परिस्थितियों में कार्बनयुक्त खनिज पदार्थों के रूपांतरण से होता है, जो आग्नेय और कायांतरित दोनों चट्टानों में अंतर्विष्ट मिल सकते हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी की क्रोड (Core) का निर्माण मुख्य रूप से निकल और लोहे (NIFE) से हुआ है, और यह परत पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) के उत्पन्न होने और उसके रखरखाव में मुख्य भूमिका निभाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पश्चिमी घाट (Western Ghats) को यूनेस्को द्वारा किस श्रेणी में शामिल किया गया है?
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