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Geography
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भूकंपीय तरंगों, ज्वालामुखी उद्गार की क्रियाओं और सुनामी की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'प्राथमिक तरंगें' (Primary Waves या P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं, जो ठोस, तरल और गैस—तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, किंतु तरल माध्यम से गुजरने पर इनका वेग कम हो जाता है तथा ये ध्वनि तरंगों की भाँति व्यवहार करती हैं।
- 2. 'द्वितीयक तरंगें' (Secondary Waves या S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) प्रकृति की होती हैं, जो केवल ठोस माध्यमों के माध्यम से ही संचरित हो सकती हैं और यही तरंगें पृथ्वी के बाह्य क्रोड (Outer Core) के तरल होने की पुष्टि करती हैं क्योंकि ये वहाँ विलुप्त हो जाती हैं।
- 3. 'सुनामी' (Tsunami) शब्द जापानी भाषा से लिया गया है, जिसकी उत्पत्ति सामान्यतः समुद्र के नीचे विवर्तनिक प्लेटों के अचानक अभिसरण या विस्थापन के परिणामस्वरूप उत्पन्न ऊर्ध्वाधर समुद्री जल के विस्थापन से होती है, और महासागरीय गहरे भागों में इसकी गति अत्यधिक तथा तरंग दैर्ध्य (Wavelength) बहुत अधिक होती है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रशांत महासागर की परिधि को 'अग्नि वलय' (Ring of Fire) कहा जाता है, जहाँ दुनिया के कुल सक्रिय ज्वालामुखियों का लगभग 75% हिस्सा पाया जाता है और यह क्षेत्र विश्व के सबसे बड़े भूकंपीय व विवर्तनिक रूप से सक्रिय क्षेत्रों में से एक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। P-तरंगें अनुदैर्ध्य और सभी माध्यमों से गुजर सकती हैं; S-तरंगें अनुप्रस्थ हैं और तरल बाह्य क्रोड में लुप्त हो जाती हैं जिससे क्रोड की अवस्था का पता चलता है; सुनामी गहरे समुद्र में उच्च गति और लंबी तरंगदैर्ध्य वाली होती है; तथा विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रशांत महासागर का 'रिंग ऑफ फायर' दुनिया का सबसे बड़ा ज्वालामुखी और भूकंपीय क्षेत्र है।
Related Questions
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विश्व के महाद्वीपों, देशों की सीमाओं और उनकी प्रमुख राजधानियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण अमेरिका महाद्वीप में भूमध्य रेखा (Equator) कुल तीन देशों—इक्वाडोर, कोलंबिया और ब्राजील से होकर गुजरती है, जबकि मकर रेखा (Tropic of Capricorn) इस महाद्वीप के चिली, अर्जेंटीना, पराग्वे और ब्राजील देशों को पार करती है।
2. 'डूरंड रेखा' (Durand Line) वर्तमान में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच की सीमा रेखा है, जिसका निर्धारण ब्रिटिश भारत के समय वर्ष 1893 में सर मोर्टिमर डूरंड द्वारा किया गया था, जबकि 'मैकमोहन रेखा' (McMahon Line) भारत और चीन के बीच पूर्वी सेक्टर में सीमा का निर्धारण करती है।
3. अफ्रीकी महाद्वीप का देश 'सूडान' क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा देश है, और इसकी राजधानी 'खारतूम' है जहाँ श्वेत नील और नीली नील नदियाँ आपस में मिलकर संयुक्त नील नदी का निर्माण करती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार यूरोप और एशिया की सीमा का निर्धारण करने वाली यूराल पर्वतमाला (Ural Mountains) और यूराल नदी रूस के भीतर उत्तर से दक्षिण की ओर फैली हुई हैं, जो कैस्पियन सागर तक पहुँचती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख पर्वतीय दर्रों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. ज़ोजिला दर्रा (Zoji La) – जाँस्कर श्रेणी (लद्दाख) – यह दर्रा श्रीनगर को लेह से जोड़ता है और सिंधु नदी की सहायक नदी द्वारा निर्मित है।
2. बारालाचा ला दर्रा (Baralacha La) – पीर पंजाल श्रेणी (हिमाचल प्रदेश) – यह दर्रा मनाली को लेह से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है और यहाँ से भागा तथा चंद्र नदियाँ निकलती हैं।
3. नीति दर्रा (Niti Pass) – कुमाऊँ हिमालय (उत्तराखंड) – यह भारत को तिब्बत से जोड़ता है और मानसरोवर तथा कैलाश यात्रा के लिए उपयोग किया जाने वाला एक प्रमुख मार्ग है।
4. बोमडिला दर्रा (Bomdi La) – अरुणाचल प्रदेश – यह दर्रा तवांग को म्यांमार से जोड़ता है और ब्रह्मपुत्र घाटी से तिब्बत की ओर जाने का मार्ग प्रदान करता है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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पवन प्रणालियों, आर्द्रता, वर्षा के प्रकार और चक्रواत (Cyclones) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'टॉर्नेडो' (Tornado) अत्यंत तीव्र गति वाले लघु आवर्ती चक्रवात हैं, जो मुख्य रूप से उत्तरी अमेरिका के मध्यवर्ती मैदानों में 'वेदर फ्रंट' (Weather Front) के सहारे उत्पन्न होते हैं और इनकी तीव्रता को मापने के लिए 'फुजिता स्केल' (Fujita Scale) का उपयोग किया जाता है।
2. 'संवहनीय वर्षा' (Convectional Rainfall) भूमध्यरेखीय क्षेत्रों में प्रतिदिन दोपहर के बाद होने वाली एक सामान्य घटना है, जिसमें अत्यधिक तापमान के कारण हवा गर्म होकर ऊपर उठती है, रुद्धोष्म शीतलन (Adiabatic Cooling) से संघनन होता है और मूसलाधार वर्षा के साथ तड़ित-झंझा (Thunderstorms) उत्पन्न होते हैं।
3. शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात (Temperate Cyclones) केवल महासागरीय सतह पर ही उत्पन्न हो सकते हैं और इनके विकास के लिए समुद्र का तापमान कम से कम 27°C होना आवश्यक होता है, जबकि उष्णकटिबंधीय चक्रवात ठंडी और गर्म हवाओं के अभिसरण से बनते हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के केंद्र को 'चक्रवात की आँख' (Eye of the Cyclone) कहा जाता है, जो एक शांत, कम वायुदाब और मेघ-रहित क्षेत्र होता है, जहाँ से चक्रवात की भयंकर हवाएँ और वर्षा बाहर की भित्ति (Eyewall) से संचालित होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख पर्वतीय शिखरों, पर्वत श्रेणियों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'नंदकोट' और 'कामेत' पर्वत शिखर महान हिमालय (Greater Himalayas) श्रेणी के अंतर्गत उत्तराखंड राज्य में स्थित हैं, जबकि 'नंदा देवी' इस क्षेत्र का सर्वोच्च पर्वत शिखर है।
2. 'गारो, खासी और जयंतिया' पहाड़ियाँ पूर्वोत्तर भारत में मेघालय पठार का हिस्सा हैं, जो वास्तव में प्रायद्वीपीय पठार का ही एक बहिर्विस्तार (Extension) हैं और यहाँ राजमहल-गारो गैप द्वारा ये अलग होती हैं।
3. 'अनामुडी' (Anamudi) दक्षिण भारत और पश्चिमी घाट का सर्वोच्च पर्वत शिखर है, जो अन्नामलाई पहाड़ियों पर स्थित है और इसकी ऊँचाई लगभग 2,695 मीटर है।
4. 'धौलाधार श्रेणी' लघु हिमालय (Lesser Himalayas) का हिस्सा है जो मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में फैली हुई है, और इसके दक्षिण में कश्मीर घाटी स्थित है, जिसके बारे में विकिपीडिया संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारतीय मानसून की उत्पत्ति, वर्षा के स्थानिक वितरण और इसकी क्रियाप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण-पश्चिम मानसून की अरब सागर शाखा पश्चिमी घाट से टकराकर भारी वर्षा करती है, जिसके कारण पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढालों पर अधिक वर्षा होती है, जबकि इसके वृष्टिछाया (Rain-shadow) क्षेत्र होने के कारण पठारी आंतरिक भाग (जैसे दक्कन का पठार) अपेक्षाकृत शुष्क रहता है।
2. 'अल नीनो' (El Nino) की घटना के दौरान मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है, जिससे पेरू के तट के पास निम्न वायुदाब बनता है और यह स्थिति भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून को मजबूत तथा अत्यधिक वर्षा लाने में सहायक होती है।
3. 'मैडेन-जुलियन दोलन' (Madden-Julian Oscillation - MJO) उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पूर्व की ओर बढ़ने वाली बादलों और वर्षा की एक आवधिक प्रणाली है, जिसका भारतीय मानसून के सक्रिय और शुष्क दौर (Active and Break phases) पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मानसून का 'विच्छेद' (Break in Monsoon) तब होता है जब मानसूनी गर्त (Monsoon Trough) उत्तर की ओर हिमालय की तलहटी में खिसक जाता है, जिसके कारण उत्तर भारत के मैदानों में वर्षा अचानक कम हो जाती है और पूर्वोत्तर भारत तथा हिमालयी क्षेत्रों में भारी वर्षा होने लगती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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