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Geography
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण, उनकी भौगोलिक अवस्थिति तथा निष्कर्षण क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत में पेट्रोलियम का सबसे बड़ा अपतटीय उत्पादक क्षेत्र 'मुंबई हाई' (Mumbai High) है, जिसकी खोज वर्ष 1974 में तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) द्वारा की गई थी और यहाँ तेल भंडार मुख्य रूप से मियोसीन युग की फॉल्ट-ब्लॉक संरचनाओं और चूना पत्थर (Limestone) संस्तरों में पाए जाते हैं।
- 2. देश का अधिकांश कोकिंग कोयला भंडार गोंडवाना युगीन चट्टानों में स्थित है, जिसमें दामोदर घाटी बेसिन (जैसे झरिया, बोकारो और रानीगंज) मुख्य केंद्र हैं, जबकि टर्शरी कोयला मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों जैसे असम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में पाया जाता है, जिसमें सल्फर की मात्रा उच्च होती है।
- 3. भारत में परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लिए आवश्यक यूरेनियम का खनन झारखंड के सिंहभूम ताम्र मेखला में स्थित 'जादुगुड़ा' खदान से प्रमुखता से किया जाता है, इसके अलावा तेलंगाना के तुम्malapalle क्षेत्र में भी विशाल यूरेनियम भंडार खोजे गए हैं।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में थोरियम का सबसे बड़ा भंडार 'केरल' राज्य के तटीय क्षेत्रों की मोनाज़ाइट बालू में पाया जाता है, जिसका उपयोग देश के त्रि-चरण नाभिकीय ऊर्जा कार्यक्रम (Three-stage Nuclear Power Programme) के द्वितीय और तृतीय चरण में किया जाना प्रस्तावित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों की भौगोलिक अवस्थिति, उनके निक्षेपों की विशेषताओं और निष्कर्षण क्षेत्रों के संबंध में पूर्णतः सत्य हैं। मुंबई हाई भारत का प्रमुख अपतटीय तेल क्षेत्र है जो मियोसीन चूना पत्थर संरचनाओं पर आधारित है। गोंडवाना कोयला दामोदर घाटी में केंद्रित है जबकि टर्शरी कोयला उत्तर-पूर्व में सल्फर-युक्त रूप में मिलता है। जादुगुड़ा यूरेनियम खनन का प्रमुख केंद्र है और केरल की मोनाज़ाइट रेत थोरियम का मुख्य भंडार है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए स्वदेशी थोरियम संसाधनों के उपयोग पर विशेष बल दे रहा है।
Related Questions
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भारत में सिंचाई, विभिन्न कृषि पद्धतियों और प्रमुख फसल प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में सिंचित क्षेत्र का स्रोत-वार वितरण देखने पर पता चलता है कि कुल सिंचित क्षेत्र का सबसे बड़ा भाग नलकूपों (Tube wells) और अन्य कुओं द्वारा सिंचित होता है, जिसके पश्चात दूसरा प्रमुख स्थान नहरों (Canals) का आता है।
2. 'सिस्टम ऑफ राइस इंटेंसिफ़िकेशन' (SRI - धान की गहनता प्रणाली) विधि पारंपरिक धान रोपण की तुलना में प्रति हेक्टेयर कम पानी, कम बीज और कम रासायनिक खादों का उपयोग करती है, जिसमें पौधों के बीच व्यापक अंतराल और मिट्टी में बेहतर वायुवीजन (Aeration) सुनिश्चित किया जाता है।
3. भारत के डेल्टा क्षेत्रों और तटीय मैदानों में जहाँ वर्ष भर प्रचुर मात्रा में जल उपलब्ध रहता है, वहाँ 'धान' को एक प्रमुख निर्वाह और वाणिज्यिक फसल के रूप में उगाया जाता है, और यह देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन का सबसे बड़ा हिस्सा बनाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियाँ (ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई), जो जल उपयोग दक्षता को अधिकतम करती हैं, के अंतर्गत कुल क्षेत्रफल में राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्य अग्रणी स्थिति में हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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ज्वालामुखी विज्ञान (Vulcanology) और भूकंपीय प्रक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'स्ट्रोम्बोली' (Stromboli) ज्वालामुखी को भूमध्यसागर का 'प्रकाशस्तंभ' (Lighthouse of the Mediterranean) कहा जाता है, क्योंकि यहाँ से लगातार गैसों के बुलबुले फूटने और प्रदीप्त लावा के निकलने के कारण रात में आकाश प्रकाशित रहता है, और यह बेसाल्टिक से लेकर एंडेसिटिक मैग्मा के उद्गार का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
2. 'हॉटस्पॉट' (Hotspot) ज्वालामुखी सक्रियता का एक ऐसा प्रकार है जो प्लेट सीमाओं पर स्थित होने के बजाय विवर्तनिक प्लेटों के बीचों-बीच (Intraplate) मेंटल प्लूम (Mantle Plume) के ऊपर उत्पन्न होता है, जिसके क्लासिक उदाहरण के रूप में हवाई द्वीप समूह (Hawaiian Islands) को देखा जाता है।
3. भूकंपीय तरंगों में 'P-तरंगें' (Primary Waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंगें होती हैं जो ध्वनि तरंगों की तरह कार्य करती हैं और ये केवल ठोस माध्यम से ही गुजर सकती हैं, जबकि 'S-तरंगें' (Secondary Waves) अनुप्रस्थ (Transverse) तरंगें होती हैं जो तरल और ठोस दोनों माध्यमों में संचरण करने में सक्षम हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रशांत महासागर की परिधि को 'अग्नि वलय' (Ring of Fire) कहा जाता है, जहाँ दुनिया के लगभग 75% सक्रिय ज्वालामुखी और 90% से अधिक भूकंपीय घटनाएँ अभिसारी और विसपारी प्लेट किनारों के कारण घटित होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वायुमंडल की संरचना, तापमान की प्रवणता और वायुदाब पेटियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. क्षोभमंडल में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में होने वाली गिरावट को 'सामान्य ह्रास दर' (Normal Lapse Rate) कहा जाता है, जो औसतन 6.5 डिग्री सेल्सियस प्रति 1,000 मीटर होती है।
2. समतापमंडल (Stratosphere) ओजोन परत की उपस्थिति के कारण गर्म होता है, जो पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करती है, और इसी परत में जेट विमानों के उड़ने के लिए आदर्श दशाएँ पाई जाती हैं।
3. 'डोलड्रम' (Doldrums) भूमध्य रेखा के पास स्थित एक शांत और कम वायुदाब का क्षेत्र है, जहाँ उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक हवाएँ आपस में मिलती हैं, जिसे अंतः उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) भी कहा जाता है।
4. अश्व अक्षांश (Horse Latitudes) उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियों से संबंधित क्षेत्र हैं, जो भूमध्य रेखा के दोनों ओर लगभग 30° से 35° अक्षांशों के मध्य स्थित होते हैं, और यहाँ मौसम अत्यधिक तूफानी तथा लगातार वर्षा वाला होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में, हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं और उनके जल-प्रवाह तंत्र के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ बारहमासी (Perennial) होती हैं क्योंकि उन्हें जल वर्षा के अतिरिक्त हिमनदों (Glaciers) के पिघलने से भी प्राप्त होता है, जबकि अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियाँ अनित्य (Seasonal) या मानसूनी होती हैं जो केवल वर्षा पर निर्भर करती हैं।
2. प्रायद्वीपीय भारत की नदियाँ पुराने पठार पर अपने आधार तल (Base Level) को प्राप्त कर चुकी हैं और परिपक्व अवस्था में होने के कारण विसर्पण (Meandering) जैसी स्थलाकृतियाँ बहुत कम बनाती हैं, जबकि उत्तर भारत के मैदानों में बहने वाली हिमालयी नदियाँ अपने युवा चरण में अत्यधिक विसर्पण और मार्ग परिवर्तन के लिए जानी जाती हैं।
3. 'नर्मदा' और 'तापी' नदियाँ प्रायद्वीपीय पठार की अधिकांश अन्य नदियों के विपरीत पूर्व की ओर बहकर बंगाल की खाड़ी में गिरने के बजाय भ्रंश घाटियों (Rift Valleys) से होते हुए पश्चिम की ओर प्रवाहित होती हैं और अरब सागर में ज्वारनदमुख (Estuary) का निर्माण करती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी गोदावरी है, जिसे 'दक्षिण गंगा' या 'वृद्ध गंगा' भी कहा जाता है, जिसका उद्गम महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर (नासिक) से होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख पर्वतीय क्षेत्रों, पर्वत श्रेणियों और घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मरखा घाटी' (Markha Valley) लद्दाख क्षेत्र में हेमिस राष्ट्रीय उद्यान के भीतर स्थित है, जो लद्दाख और झांसकर श्रेणियों के मध्य एक लोकप्रिय ट्रेकिंग मार्ग है और यहाँ तिब्बती जंगली गधे (किआंग) तथा हिम तेंदुए का प्राकृतिक आवास पाया जाता है।
2. 'जुक्कू घाटी' (Dzükou Valley) नागालैंड और मणिपुर की सीमा पर स्थित एक प्रसिद्ध घाटी है, जो अपनी प्राकृतिक मौसमी फूलों और दुर्लभ 'जुक्कू लिली' के लिए जानी जाती है, और यह बैरल श्रेणी (Barak-Chindwin watershed) के अंतर्गत आती है।
3. 'कुल्लू घाटी' (Kullu Valley) धौलाधार और पीर पंजाल श्रेणियों के मध्य स्थित एक अनुदैर्ध्य (Longitudinal) घाटी है, जिसे 'देवों की घाटी' (Valley of the Gods) भी कहा जाता है और इससे होकर रावी नदी प्रवाहित होती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पीर पंजाल श्रेणी लघु हिमालय (या मध्य हिमालय) की सबसे लंबी और सबसे महत्वपूर्ण श्रेणी है, जो कश्मीर घाटी को दक्षिण में जम्मू क्षेत्र से अलग करती है और इसके आर-पार जाने के लिए 'बनिहाल दर्रा' स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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