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General Science
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ओक?

Detailed Explanation

ऑस्ट्रेलिया।
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→ मानव शरीर में पोषण, जैव अणुओं और विटामिनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विटामिन B5 (पैंटोथैनिक अम्ल) कोएंजाइम-A (Coenzyme A) का एक महत्वपूर्ण संरचनात्मक घटक है, जो शरीर में कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन के उपापचय (Metabolism) में केंद्रीय भूमिका निभाता है। 2. 'ग्लाइकोजेनेसिस' (Glycogenesis) वह जैव-रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें यकृत और पेशियों में ग्लूकोज के अणु आपस में जुड़कर ग्लाइकोजन के रूप में संचित होते हैं, और इस प्रक्रिया को मुख्य रूप से इंसुलिन हॉर्मोन द्वारा प्रेरित किया जाता है। 3. आवश्यक वसीय अम्ल (Essential Fatty Acids), जैसे लिनोलिक अम्ल और लिनोलेनिक अम्ल, मानव शरीर में संश्लेषित नहीं हो सकते हैं, इसलिए इन्हें आहार के माध्यम से प्राप्त करना अनिवार्य होता है। 4. विटामिन B12 (सायानोकोबालामिन) एक जल-विलेय विटामिन है जिसमें कोबाल्ट धातु आयन उपस्थित होता है, और यह मानव शरीर में यकृत के भीतर कई दशकों तक संग्रहीत रह सकता है, जिससे इसकी कमी के लक्षण कई वर्षों बाद प्रकट होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक एवं भौतिक गुणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सोडियम और पोटैशियम जैसी अत्यधिक प्रतिक्रियाशील धातुएँ मिट्टी के तेल (Kerosene) में डुबोकर रखी जाती हैं क्योंकि हवा के संपर्क में आने पर ये कमरे के तापमान पर ही स्वतः प्रज्वलित होकर जल उठती हैं। 2. 'एक्वा रेजिया' (Aqua Regia) सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और सांद्र नाइट्रिक अम्ल का 3:1 के अनुपात में एक ताज़ा मिश्रण होता है, जो स्वर्ण और प्लेटिनम जैसी उत्कृष्ट (Noble) धातुओं को भी घोलने की क्षमता रखता है। 3. सफेद फास्फोरस (White phosphorus) अत्यधिक अभिक्रियाशील और विषैला होता है, जो पानी में घुलनशील होने के कारण पानी के नीचे संग्रहित किया जाता है और अंधेरे में चमकने का गुण (Phosphorescence) प्रदर्शित करता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → परमाणु नाभिक और रेडियोधर्मिता (Radioactivity) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी रेडियोधर्मी नाभिक के क्षय की दर (Rate of decay) किसी भी क्षण उस समय उपस्थित अविघटित नाभिकों की संख्या के सीधे आनुपातिक होती है, और इसका अर्द्ध-आयु काल (Half-life) उस नाभिक के प्रारंभिक द्रव्यमान पर निर्भर करता है। 2. 'द्रव्यमान क्षति' (Mass defect) किसी नाभिक के वास्तविक द्रव्यमान और उसके व्यक्तिगत न्यूट्रॉनों तथा प्रोटॉनों के कुल द्रव्यमान के अंतर को दर्शाती है, और यही ऊर्जा 'नाभिकीय बंधन ऊर्जा' (Nuclear binding energy) के रूप में नाभिक को बांध कर रखती है। 3. नाभिकीय विखंडन (Nuclear fission) की तुलना में नाभिकीय संलयन (Nuclear fusion) में प्रति न्यूक्लियर ऊर्जा मुक्ति अधिक होती है, और यह प्रक्रिया अत्यंत उच्च ताप तथा दाब पर ही संभव होती है क्योंकि समान आवेश वाले धन-आवेशित नाभिकों के बीच का प्रतिकोषण बल पार करना होता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → सुपरकंडक्टिविटी किस तापमान पर प्राप्त होती है? → रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण के सैद्धांतिक पहलुओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लुईस अम्ल (Lewis acid) वे रासायनिक स्पीशीज होती हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म को ग्रहण करने की क्षमता रखती हैं, और सभी धनावेशित आयन तथा वे यौगिक जिनमें केंद्रीय परमाणु का अष्टक अपूर्ण होता है (जैसे $BF_3$), इस श्रेणी में आते हैं। 2. ब्रॉन्स्टेड-लोरी संकल्पना के अनुसार, किसी प्रबल अम्ल का संयुग्मी क्षार (Conjugate base) अत्यधिक दुर्बल होता है, तथा एक संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म में केवल एक प्रोटॉन ($H^+$) का अंतर होता है। 3. जब किसी दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार से बने लवण (जैसे सोडियम एसीटेट) का जल-अपघटन किया जाता है, तो प्राप्त जलीय विलयन की प्रकृति अम्लीय होती है और उसका pH मान 7 से कम होता है। 4. शुद्ध जल का स्व-आयनन (Self-ionization) एक ऊष्माक्षेपी (Exothermic) प्रक्रिया है, जिसके कारण तापमान बढ़ाने पर जल का आयनिक गुणनफल ($K_w$) घट जाता है और शुद्ध जल का pH मान 7 से अधिक हो जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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