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General Science
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किस ग्रह को 'भोर का तारा' कहते हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
शुक्र।
Related Questions
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यूकेरियोटिक कोशिकाओं में पाए जाने वाले 'कोशिकांगों' (Cell Organelles) की संरचना, उनके विशिष्ट कार्यों और झिल्लीगत संगठन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गॉल्जी उपकरण (Golgi Apparatus) में 'cis' (निर्माणकारी) चेहरा आमतौर पर अंतःद्रव्यी जालिका (ER) की ओर और 'trans' (परिपक्व होने वाला) चेहरा प्लाज्मा झिल्ली की ओर स्थित होता है, जहाँ यह ग्लाइकोसिलेशन (Glycosylation) और ग्लाइकोलिपिड के निर्माण में मुख्य भूमिका निभाता है।
2. लाइसोसोम (Lysosomes) एकल झिल्ली से घिरे ऐसे पुटिकाएँ होती हैं जिनमें अम्लीय पीएच (लगभग 4.5 से 5.0) पर सक्रिय हाइड्रोलाइटिक एंजाइम (जैसे कार्बोहाइड्रेटेज, लाइपेस और प्रोटीएज) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो केवल बाह्य कोशिकीय पदार्थों का ही पाचन कर सकते हैं।
3. परॉक्सीसोम (Peroxisomes) अर्ध-स्वायत्त सूक्ष्मकाय हैं जिनमें 'कैटालेज' एंजाइम पाया जाता है जो हाइड्रोजन पेरोक्साइड को जल और ऑक्सीजन में विघटित करता है, और ये पादप कोशिकाओं में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की प्रक्रिया से भी जुड़े होते हैं।
4. राइबोसोम झिल्लीहीन कोशिकांग हैं, जो केवल प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं के साइटोप्लाज्म में 70S प्रकार के पाए जाते हैं, जबकि यूकेरियोटिक कोशिकाओं में ये केवल माइटोकॉन्ड्रिया और हरित लवक के भीतर ही मौजूद होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्रकाशिकी (Optics) के अंतर्गत लेंसों, दर्पणों और प्रकाश के अपवर्तन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब प्रकाश की किरण किसी सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण (Critical angle) से अधिक हो जाता है, तो प्रकाश का अपवर्तन होने के बजाय वह उसी माध्यम में वापस लौट जाता है, जिसे पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) कहते हैं।
2. एक उत्तल लेंस को जब ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो वह लेंस अपनी अभिसारी (Converging) प्रकृति को खो देता है और एक अपसारी (Diverging) लेंस की तरह व्यवहार करने लगता है।
3. गोलीय दर्पणों के लिए, यदि दर्पण की फोकस दूरी $f$ है, तो उत्तल दर्पण की फोकस दूरी परिपाटी के अनुसार ऋणात्मक (-) ली जाती है, जबकि अवतल दर्पण की फोकस दूरी धनात्मक (+) ली जाती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र और हॉर्मोन्स के नियमन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एड्रिनल ग्रंथि का वल्कुट (Adrenal cortex) 'एल्डोस्टेरोन' (Aldosterone) मिनरलोकॉर्टिकोइड का स्राव करता है, जो मुख्य रूप से वृक्क नलिकाओं पर कार्य करके सोडियम आयनों और जल के पुनरअवशोषण को बढ़ाता है तथा पोटेशियम एवं हाइड्रोजन आयनों के उत्सर्जन को प्रेरित करता है।
2. पैराथाइरॉइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'पैराथर्मोन' (PTH) एक हाइपरकैल्सेमिक हॉर्मोन है, जो रक्त में कैल्सियम के स्तर को बढ़ाने के लिए अस्थियों के पुनरावशोषण (Bone resorption) को उत्तेजित करता है और वृक्कों द्वारा कैल्सियम के पुनरअवशोषण को कम करता है।
3. थायराइड ग्रंथि की फॉलिक्युलर कोशिकाएं 'थायरोक्सिन' ($T_4$) और 'ट्रायोआयोडोथायरोनिन' ($T_3$) का संश्लेषण करती हैं, जिनके निर्माण के लिए टायरोसिन अमीनो अम्ल और आयोडीन की अनिवार्य आवश्यकता होती है।
4. पीयूष ग्रंथि का पश्च भाग (Neurohypophysis) स्वयं किसी हॉर्मोन का संश्लेषण नहीं करता है, बल्कि यह हाइपोथैलेमस द्वारा उत्पादित 'वैसोप्रेसिन' (ADH) और 'ऑक्सीटोसिन' को संचयित कर रक्त में विमोचित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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गुरुत्वाकर्षण और उपग्रहों की गति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पृथ्वी की सतह के निकट परिक्रमण करने वाले किसी उपग्रह की कक्षीय चाल ($v_o$) उसके द्रव्यमान पर निर्भर करती है और यदि उपग्रह का द्रव्यमान दोगुना कर दिया जाए, तो उसकी कक्षीय चाल भी दोगुनी हो जाती है।
2. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary satellite) की परिक्रमण अवधि ठीक 24 घंटे होती है और यह पृथ्वी की विषुवत रेखा के तल में पश्चिम से पूर्व की ओर चक्कर लगाता है, जिसकी भू-पृष्ठ से ऊँचाई लगभग 36,000 किलोमीटर होती है।
3. पलायन वेग ($v_e$) का मान पिंड के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता है, और पृथ्वी की सतह के लिए इसका मान लगभग $11.2 \text{ km/s}$ होता है, जो कक्षीय चाल का $\sqrt{2}$ गुना होता है।
4. दीर्घवृत्ताकार कक्षा में चक्कर लगाते हुए उपग्रह की कोणीय चाल और रेखीय चाल अचर (Constant) रहती है, किंतु पृथ्वी से उसकी न्यूनतम दूरी (उपसौर) पर चाल न्यूनतम और अधिकतम दूरी (अपसौर) पर चाल अधिकतम होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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तरंग गति और ध्वनि तरंगों (Wave Motion and Sound) के भौतिक सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी गैस में ध्वनि की चाल गैस के दाब पर निर्भर करती है, और यदि तापमान को स्थिर रखते हुए गैस का दाब दोगुना कर दिया जाए, तो ध्वनि की चाल भी दोगुनी हो जाती है।
2. अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal waves) के संचरण के दौरान माध्यम में संपीडन (Compression) वाले स्थानों पर दाब और घनत्व दोनों का मान अधिकतम होता है, जबकि विरलन (Rarefaction) वाले स्थानों पर न्यूनतम होता है।
3. डॉप्लर प्रभाव (Doppler effect) के अनुसार, जब ध्वनि स्रोत और श्रोता के बीच की दूरी कम होती है, तो श्रोता को सुनाई देने वाली ध्वनि की आवृत्ति वास्तविक आवृत्ति से अधिक प्रतीत होती है, और यह प्रभाव प्रकाश तरंगों के लिए भी मान्य है।
4. अनुप्रस्थ तरंगें (Transverse waves) केवल ठोस और द्रवों की सतह पर ही उत्पन्न की जा सकती हैं, क्योंकि गैसों में अपरूपण प्रत्यास्थता (Shear elasticity) का अभाव होता है, जिसके कारण गैसों के भीतर अनुप्रस्थ तरंगों का संचरण संभव नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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