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General Science
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पीयूष ग्रंथि को क्या कहते हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मास्टर ग्रंथि।
Related Questions
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यांत्रिकी (Mechanics) में गति, बल, कार्य और ऊर्जा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब कोई वस्तु किसी संरक्षी बल (Conservative Force) के प्रभाव के अंतर्गत एक बंद पथ (Closed Path) में गति करती है, तो उस बल द्वारा किया गया कुल कार्य शून्य होता है, क्योंकि संरक्षी बल द्वारा किया गया कार्य पथ पर निर्भर नहीं करता बल्कि केवल प्रारंभिक और अंतिम स्थितियों पर निर्भर करता है।
2. किसी पिण्ड पर लगने वाला परिवर्ती बल (Variable Force) यदि स्थिति पर निर्भर करता है, तो बल-विस्थापन वक्र (Force-Displacement Curve) के अंतर्गत आने वाला क्षेत्रफल उस बल द्वारा किए गए कार्य के परिमाण को निरूपित करता है।
3. यदि किसी गतिशील वस्तु पर आरोपित कुल बाह्य बल उसके वेग सदिश के लंबवत हो, तो उस बल द्वारा वस्तु पर किया गया कार्य शून्य होता है, जिससे वस्तु की गतिज ऊर्जा में परिवर्तन की दर भी शून्य हो जाती है, भले ही उसकी चाल या वेग का परिमाण निरंतर बदल रहा हो।
4. अप्रत्यास्थ टक्कर (Inelastic Collision) के दौरान संवेग का संरक्षण नियम (Conservation of Momentum) लागू नहीं होता है, किंतु कुल यांत्रिक ऊर्जा हमेशा संरक्षित रहती है क्योंकि खोई हुई गतिज ऊर्जा ऊष्मा या ध्वनि ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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द्रवों के यांत्रिक गुणों (Mechanical Properties of Fluids) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव का पृष्ठ तनाव (Surface tension) ताप बढ़ने पर घट जाता है, क्योंकि ताप बढ़ने से अणुओं की ऊष्मीय ऊर्जा बढ़ जाती है और उनके बीच का संसंजन बल (Cohesive force) कमजोर हो जाता है।
2. श्यानता (Viscosity) द्रवों और गैसों दोनों का गुण है, किंतु जहाँ ताप बढ़ने पर द्रवों की श्यानता घट जाती है, वहीं गैसों की श्यानता ताप बढ़ने पर बढ़ जाती है।
3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी द्रव में डुबोया जाता है, तो उस पर ऊपर की ओर लगने वाला उत्प्लावक बल (Buoyant force) वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होता है और यह बल डूबे हुए भाग के गुरुत्व केंद्र पर कार्य करता है।
4. केशिकत्व (Capillarity) की परिघटना के कारण जल किसी केशिका नली में ऊपर चढ़ता है क्योंकि जल के लिए संसंजन बल का मान आसंजन बल (Adhesive force) से अधिक होता है, जिसके विस्तृत विवरण के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव के लिए आइंस्टीन को क्या मिला?
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न आनुवंशिक, संक्रामक तथा अपक्षयी (Degenerative) रोगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'हंटिंगटन रोग' (Huntington's disease) एक ऑटोसोमल प्रभावी (Autosomal dominant) न्यूरोडीजेनेरेटिव विकार है, जो क्रोमोसोम 4 पर स्थित 'HTT' जीन में CAG ट्रिपलेट रिपीट के अत्यधिक विस्तार (Trinucleotide repeat expansion) के कारण होता है।
2. 'प्रियन रोग' (Prion diseases), जैसे क्रूउत्ज़feldt-जैकोब रोग (CJD), संक्रामक विकृत प्रोटीन कणों के कारण होने वाले घातक मस्तिष्क विकार हैं, जिनमें आनुवंशिक सामग्री (DNA या RNA) पूर्णतः अनुपस्थित होती है और ये ऊष्मा तथा सामान्य स्टरलाइज़ेशन विधियों के प्रति अत्यधिक प्रतिरोधी होते हैं।
3. 'फिनाइलकेटोन्यूरिया' (Phenylketonuria) एक एक्स-लिंक्ड अप्रभावी (X-linked recessive) आनुवंशिक विकार है, जो 'फिनाइलएलैनिन हाइड्रॉक्सिलेज़' एंजाइम की कमी के कारण होता है, जिससे फिनाइलएलैनिन का संचय मस्तिष्क में गंभीर मानसिक मंदता (Intellectual disability) का कारण बनता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्मों और रासायनिक उत्प्रेरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर वाष्प दाब में होने वाला आपेक्षिक अवनमन (Relative lowering of vapour pressure) विलेय के मोल प्रभाज के बराबर होता है, और यह राउल्ट के नियम पर आधारित एक ऐसा अणुसंख्यक गुणधर्म है जो विलेय की सांद्रता के साथ-साथ उसकी रासायनिक प्रकृति पर भी निर्भर करता है।
2. क्वथनांक उन्नयन ($\Delta T_b$) और हिमांक अवनमन ($\Delta T_f$) विलायक के मोलल स्थिरांक ($K_b$ और $K_f$) पर निर्भर करते हैं, जो कि विलायक के विशिष्ट भौतिक गुणों से संबंधित होते हैं और विलेय के अणुभार की गणना करने में सहायक होते हैं।
3. विषमांग उत्प्रेरण (Heterogeneous catalysis) में उत्प्रेरक और अभिकारक भिन्न-भिन्न भौतिक अवस्थाओं में होते हैं, और 'अधिशोषणा सिद्धांत' (Adsorption theory) के अनुसार अभिकर्मक उत्प्रेरक की सतह पर अधिशोषित होकर अपनी सक्रियण ऊर्जा को कम कर लेते हैं।
4. एंजाइम उत्प्रेरण (Enzyme catalysis) अत्यधिक विशिष्ट और प्रभावी होते हैं, जिनकी क्रियाविधि 'प्रेरित फिट' (Induced fit) या 'ताला-कुंजी' मॉडल द्वारा समझाई जाती है, तथा ये उत्प्रेरक रासायनिक अभिक्रिया के साम्यावस्था स्थिरांक ($K_{eq}$) को परिवर्तित कर अग्र अभिक्रिया को तीव्र कर देते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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