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History of India
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सिंधु घाटी सभ्यता की कृषि व्यवस्था, शिल्प उत्पादन और दूर-दराज के क्षेत्रों के साथ व्यापारिक संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. हड़प्पा सभ्यता के लोग विभिन्न प्रकार की फसलों का उत्पादन करते थे, जिसमें जौ (Barley) मुख्य फसल थी, इसके अतिरिक्त गेहूँ, मटर, तिल, सरसों और लोथल से प्राप्त चावल के साक्ष्य भी मिलते हैं, किंतु गन्ने की खेती का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
- 2. बनावली और हड़प्पा स्थलों से मिट्टी के बने हल के प्रतिरूप (Terracotta plough) प्राप्त हुए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि खेतों की जुताई के लिए लकड़ी या हल के उपयोग की परंपरा थी, और कालीबंगा से जुते हुए खेत (Ploughed field) के साक्ष्य मिले हैं जहाँ एक ही समय में दो अलग-अलग फसलें उगाई जाती थीं।
- 3. सिंधु घाटी सभ्यता के शिल्पी मनके (Beads) बनाने की कला में अत्यधिक दक्ष थे; चन्हूदड़ो और लोथल मनके बनाने के प्रमुख केंद्र थे, जहाँ कारनेलियन, जैस्पर, शंख, तांबा और स्टीटाइट (सेलखड़ी) जैसी सामग्रियों का उपयोग करके विभिन्न आकार के मनके तैयार किए जाते थे।
- 4. मेसोपोटामिया के अभिलेखों में सिंधु क्षेत्र के लिए 'मेलुहा' (Meluhha) शब्द का प्रयोग किया गया है, और वहाँ से प्राप्त साक्ष्यों के अनुसार मेसोपोटामिया के व्यापारी सिंधु क्षेत्र के साथ प्रत्यक्ष समुद्री व स्थलीय व्यापार करते थे, जिसमें लापिस लाजुली, सोना, चांदी और तांबे का मुख्य रूप से आयात-निर्यात किया जाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन सिंधु घाटी सभ्यता की आर्थिक और व्यापारिक विशेषताओं के संबंध में पूर्णतः सत्य हैं। हड़प्पा सभ्यता के लोग कृषि में उन्नत तकनीक का प्रयोग करते थे। कालीबंगा से जुते हुए खेत के साक्ष्य मिले हैं जिसमें ग्रिड पैटर्न पर दो फसलें उगाई जाती थीं। बनावली और हड़प्पा से टेराकोटा हल मिले हैं। मनके निर्माण के लिए चन्हूदड़ो और लोथल प्रमुख केंद्र थे। मेसोपोटामिया के सुमेरियन लेखों में सिंधु क्षेत्र को 'मेलुहा' कहा गया है, जो इनके बीच गहरे व्यापारिक संबंधों की पुष्टि करता है।
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान दिल्ली में बागियों के नेतृत्व, मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की स्थिति तथा प्रशासनिक और सैन्य संचालन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मेरठ के विद्रोही सिपाहियों के 11 मई 1857 को दिल्ली पहुँचने के बाद, अनिच्छुक मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को सैनिकों द्वारा औपचारिक रूप से 'हिन्दुस्तान का शहंशाह' घोषित किया गया, किंतु जफर ने इस पद को स्वीकार करने से स्पष्ट इनकार कर दिया था और वे पूरी तरह अंग्रेजों के प्रति वफादार बने रहे।
2. दिल्ली में विद्रोह की वास्तविक सैन्य कमान और प्रशासनिक नियंत्रण एक 'कोर्ट ऑफ सोल्जर्स' (सैनिकों की अदालत) के हाथों में था, जिसमें विभिन्न रेजीममेंट्स से आए चुने हुए सिपाही और अधिकारी शामिल थे, और सम्राट की स्थिति केवल एक प्रतीकात्मक प्रमुख जैसी थी।
3. ब्रिटिश सेना ने जॉन निकलसन और हडसन के नेतृत्व में दिल्ली पर पुन: अधिकार करने के लिए कड़ा संघर्ष किया, जिसके दौरान हुमायूं के मकबरे में छिपे बहादुर शाह जफर को गिरफ्तार कर लिया गया और उनके पुत्रों की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
4. दिल्ली के पतन के उपरांत ब्रिटिश सरकार द्वारा मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया गया और उन्हें निर्वासित करके रंगून (बर्मा) भेज दिया गया, जहाँ वर्ष 1862 में उनका निधन हो गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सिंधु घाटी सभ्यता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सैंधव सभ्यता के नगरों में ग्रिड पद्धति (Grid System) का अनुसरण किया जाता था, जहाँ सड़कें एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं।
2. लोथल और चान्हूदरो दोनों ही स्थलों से मनके बनाने के कारखाने (Bead-making factories) के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
3. मोहनजोदड़ो से प्राप्त 'पशुपतिनाथ' की मुहर पर हाथी, बाघ, गैंडा और भैंसा के अतिरिक्त दो हिरणों का अंकन भी मिलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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1857 के महान विद्रोह के दौरान कानपुर में विद्रोह के संचालन और रणनीतिक नेतृत्व के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कानपुर में नाना साहब (पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र) ने विद्रोह का नेतृत्व करते हुए स्वयं को पेशवा घोषित किया तथा अजीमुल्ला खां को अपना मुख्य सलाहकार और राजनीतिक रणनीतिकार नियुक्त किया था।
2. तात्या टोपे ने कानपुर की सेना के वास्तविक सैन्य कमांडर के रूप में अंग्रेजी सेना के खिलाफ उत्कृष्ट सैन्य कौशल का प्रदर्शन किया और बाद में जनरल विंडहैन की ब्रिटिश सेना को कानपुर से खदेड़ने में सफलता प्राप्त की थी।
3. नाना साहब और उनके सहयोगियों द्वारा ब्रिटिश आत्मसमर्पण के उपरांत कानपुर में 'बीबीघर हत्याकांड' (Bibighar Massacre) की घटना घटी, जिसके पश्चात ब्रिटिश सेनापति सर कॉलिन कैंपबेल ने अत्यंत क्रूरतापूर्वक कानपुर पर पुनः अधिकार कर लिया था।
4. ब्रिटिश दमन चक्र के तीव्र होने पर नाना साहब नेपाल की तराई की ओर निकल गए, जबकि तात्या टोपे ने ग्वालियर और मध्य भारत की ओर प्रस्थान कर रानी लक्ष्मीबाई के साथ मिलकर अंग्रेजों के विरुद्ध सफल गोरिल्ला युद्ध जारी रखा था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध के समय भारत का गवर्नर जनरल कौन था जिसने "सहायक संधि" (Subsidiary Alliance) का विस्तार किया?
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किस मराठा सरदार ने तृतीय युद्ध के दौरान "किरकी" (Khirki) के युद्ध में अंग्रेजों का मुकाबला किया था?
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