BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

History of India
18 views

छठी शताब्दी ईसा पूर्व में प्राचीन भारत के 'सोलह महाजनपदों' और उनके राजनीतिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. अंगूत्तर निकाय और भगवती सूत्र जैसे बौद्ध एवं जैन ग्रंथ हमें प्राचीन भारत के सोलह महाजनपदों की स्पष्ट और सबसे पहली व्यवस्थित सूची प्रदान करते हैं।
  2. 2. अधिकांश महाजनपद राजतंत्रात्मक शासन व्यवस्था के अंतर्गत आते थे, किंतु वज्जी और मल्ल जैसे कुछ राज्य 'संघीय या गणतांत्रिक' (Gana-Sangha) शासन प्रणाली द्वारा संचालित होते थे, जिनमें सत्ता राजा के पास न होकर कुलीन संप्रदायों या परिषदों के हाथों में केंद्रित थी।
  3. 3. दक्षिण भारत में स्थित एकमात्र महाजनपद 'अश्मक' (या अस्सक) गोदावरी नदी के तट पर स्थित था, जिसकी राजधानी पोटली या पोतन थी।
  4. 4. मगध के उत्कर्ष से पहले अवंती महाजनपद के राजा चंडप्रद्योत ने वत्स महाजनपद के राजा उदयन के साथ कूटनीतिक और सैन्य संघर्ष किया था, किंतु बाद में दोनों के बीच वैवाहिक और राजनीतिक संबंध स्थापित हो गए थे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

छठी शताब्दी ईसा पूर्व में भारतीय इतिहास में 'द्वितीय नगरीकरण' का उदय हुआ, जिसके तहत उत्तर भारत में सोलह महाजनपदों का विकास हुआ। बौद्ध ग्रंथ 'अंगूत्तर निकाय' और जैन ग्रंथ 'भगवती सूत्र' में इन सोलह महाजनपदों का विस्तृत उल्लेख मिलता है। इनमें अधिकांश राज्य (जैसे मगध, कौशल, वत्स, अवंती आदि) राजतंत्रात्मक थे, जबकि वज्जी (लिच्छवी संघ) और मल्ल जैसे कुछ महत्वपूर्ण राज्य गणतांत्रिक या संघ व्यवस्था वाले थे। गोदावरी नदी के तट पर स्थित 'अश्मक' एकमात्र ऐसा महाजनपद था जो विंध्य पर्वत के दक्षिण में स्थित था। अवंती के शक्तिशाली राजा प्रद्योत (चंडप्रद्योत) ने वत्सराज उदयन के साथ प्रारंभिक संघर्ष के पश्चात मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित किए थे। इस विषय पर विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

→ वर्ष 1857 के विद्रोह के दौरान दिल्ली में सत्ता के वास्तविक स्वरूप और मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की स्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बहादुर शाह जफर ने स्वेच्छा से कभी भी विद्रोह का नेतृत्व करने की पहल नहीं की थी, बल्कि मेरठ से आए विद्रोही सिपाहियों द्वारा जबरन अपना 'शहंशाह-ए-हिंदुस्तान' घोषित किए जाने के बाद ही वे प्रतीकात्मक रूप से इस विप्लव का केंद्रबिंदु बने। 2. दिल्ली में विद्रोहियों का दैनिक सैन्य और प्रशासनिक नियंत्रण एक 'कोर्ट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स' (Court of Administrators) के अधीन था, जिसके सभी महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुगल सम्राट का सीधा हस्तक्षेप और पूर्ण नियंत्रण रहता था। 3. दिल्ली पर पुनरधिकार करने के लिए ब्रिटिश सेनाओं का नेतृत्व करने वाले जनरल जॉन निकलसन की कश्मीरी गेट पर संघर्ष के दौरान मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद अंग्रेजों ने हुमायूं के मकबरे से जफर को गिरफ्तार कर रंगून निर्वासित कर दिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक और आर्थिक सुधारों के संदर्भ में, 'मलिक काफूर' के दक्षिण अभियानों तथा 'अलाउद्दीन खिलजी' की बाजार नियंत्रण प्रणाली के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अलाउद्दीन खिलजी द्वारा दक्षिण भारत के राज्यों (देवगिरी, वारंगल, होयसल और पाण्ड्य) पर विजय प्राप्त करने के लिए भेजे गए मलिक काफूर ने सबसे पहले वारंगल के काकतीय शासक प्रतापरुद्रदेव द्वितीय को पराजित किया था और वहीं से विश्व प्रसिद्ध 'कोहिनूर हीरा' प्राप्त किया था। 2. अलाउद्दीन खिलजी ने बाजार नियंत्रण प्रणाली को सख्ती से लागू करने के लिए 'दीवान-ए-रियासत' और 'शहना-ए-मंडी' नामक नए अधिकारियों की नियुक्ति की थी, जिनका मुख्य कार्य वस्तुओं के मूल्य निर्धारित करना और जमाखोरों पर कड़ी नजर रखना था। 3. बाजार में अन्न और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अलाउद्दीन ने ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्यान्न की बिक्री पर प्रतिबंध लगाते हुए यह अनिवार्य कर दिया था कि सुल्तान के भंडार गृहों के लिए सीधे किसानों से राजस्व के रूप में अनाज वसूला जाए। 4. अलाउद्दीन खिलजी ने अपने साम्राज्य में शराब और नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था, किंतु शाही दरबारियों और उच्च कुलीन वर्ग के लिए निजी आवासों में शराब पीने की सीमित छूट प्रदान की थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान कानपुर में नाना साहब, तात्या टोपे और अजीमुल्ला खां की भूमिका तथा उनके रणनीतिक निर्णयों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नाना साहब ने कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व संभालते हुए पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र के रूप में स्वयं को पेशवा घोषित किया और मराठा प्रभुसत्ता को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया, तथा ब्रिटिश सेना के विरुद्ध युद्ध संचालन के लिए उन्होंने तात्या टोपे को अपना मुख्य सैन्य कमांडर नियुक्त किया था। 2. अजीमुल्ला खां, जो नाना साहब के एक अत्यंत चतुर और विश्वसनीय सलाहकार थे, ने विद्रोह से पूर्व लंदन जाकर ब्रिटिश संसद के समक्ष नाना साहब की पेंशन का मामला अत्यंत प्रभावशाली ढंग से रखा था, और कानपुर में विद्रोह के समय उन्होंने विद्रोही सैनिकों तथा विदेशी ताकतों के मध्य गुप्त कूटनीतिक समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 3. कानपुर में ब्रिटिश सेना के आत्मसमर्पण के उपरांत 'सतीचौरा घाट' पर घटी दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद, जब अंग्रेजों ने जनरल हैवलॉक और जनरल नील के नेतृत्व में भीषण दमन किया, तब नाना साहब कालपी की ओर प्रस्थान कर गए और अंततः नेपाल की तराई में चले गए, जहाँ उनका अंतिम जीवन इतिहास में अज्ञात रहा। 4. तात्या टोपे ने कानपुर के पतन के पश्चात अपनी सैन्य गतिविधियों का दायरा समेट लिया और अंग्रेजों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप ब्रिटिश सरकार ने उन्हें माफ कर दिया और वे जीवन के अंतिम दिनों तक पेंशन भोगी के रूप में कानपुर में ही रहे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भक्ति और सूफी आंदोलन के विभिन्न संतों, उनकेार्दार्शनिक सिद्धांतों तथा उनके अनुयायियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. शंकराचार्य द्वारा प्रतिपादित 'अद्वैत वेदांत' के अनुसार ब्रह्म ही एकमात्र सत्य है और जगत मिथ्या है, जबकि रामानुजचार्य ने 'विशिष्टाद्वैत' के सिद्धांत का प्रतिपादन किया जिसके तहत जीव और जगत ब्रह्म के ही अंश हैं किंतु उनसे पूर्णतः भिन्न नहीं हैं। 2. सूफी सिलसिलों में 'चिशती सिलसिला' भारत में सबसे अधिक लोकप्रिय हुआ, जिसकी स्थापना ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ने अजमेर में की थी, और इस सिलसिले के संतों ने राज्य के संरक्षण और राजकीय पदों को स्वीकार करने की नीति का कड़ाई से पालन किया। 3. पंद्रहवीं शताब्दी के महान संत कबीर ने मूर्तिपूजा, बाह्य आडंबरों और जाति-प्रथा का तीव्र विरोध किया तथा निर्गुण ब्रह्म की उपासना पर बल दिया, जबकि उनके समकालीन संत रामानंद ने राम भक्ति को आधार बनाते हुए समाज के सभी वर्गों के लिए द्वार खोल दिए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में, ऋग्वैदिक कालीन नदियों के प्राचीन और उनके आधुनिक नामों का कौन सा युग्म सुमेलित नहीं है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.