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History of India
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अगस्त 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' और सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित 'आज़ाद हिंद फौज' (INA) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी के बाद अरुणा आसफ अली ने बंबई के गोवालिया टैंक मैदान में कांग्रेस का झंडा फहराया था, जबकि उषा मेहता ने भूमिगत कांग्रेस रेडियो का सफल संचालन किया था।
  2. 2. जापान की सहायता से गठित 'आज़ाद हिंद फौज' की प्रथम बटालियन का गठन कैप्टन मोहन सिंह के नेतृत्व में किया गया था, और बाद में सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में 'आज़ाद हिंद सरकार' (Arzi Hukumat-e-Azad Hind) की स्थापना की थी।
  3. 3. सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर से ही महात्मा गांधी के नाम अपने एक रेडियो प्रसारण में उन्हें 'राष्ट्रपिता' (Father of the Nation) कहकर संबोधित किया था और आज़ाद हिंद फौज के सैन्य अभियानों के लिए उनका आशीर्वाद मांगा था।
  4. 4. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देश के कई हिस्सों में समानांतर सरकारों (Parallel Governments) की स्थापना की गई थी, जिनमें बलिया में चित्तू पांडेय के नेतृत्व में, सतारा में 'प्रति सरकार' (यशवंतराव चव्हाण) और ताम्रलिप्ती में 'जातीय सरकार' का गठन शामिल था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

वर्ष 1942 का भारत छोड़ो आंदोलन और सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में भारतीय राष्ट्रीय सेना (विकिपीडिया संदर्भ) का भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक महत्व है। 8 अगस्त 1942 को बंबई में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अधिवेशन में 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव पारित हुआ। आंदोलन की शुरुआत के साथ ही ब्रिटिश सरकार ने 'ऑपरेशन ज़ीरो ऑवर' के तहत सभी प्रमुख नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद अरुणा आसफ अली ने गोवालिया टैंक मैदान में झंडा फहराया और उषा मेहता ने गुप्त रेडियो चलाया। देश में बलिया, ताम्रलिप्ती और सतारा में समानांतर सरकारें बनीं। दूसरी ओर, जापान की मदद से कैप्टन मोहन सिंह द्वारा स्थापित INA की कमान बाद में सुभाष चंद्र बोस को सौंपी गई, जिन्होंने अक्टूबर 1943 में सिंगापुर में 'आज़ाद हिंद सरकार' बनाई और 6 जुलाई 1944 को सिंगापुर से रेडियो प्रसारण के दौरान गांधीजी को 'राष्ट्रपिता' कहा। अतः चारों कथन पूर्ण रूप से सत्य हैं।
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Related Questions

भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन के प्रारंभिक चरण और प्रमुख संगठनों के वैचारिक तथा संगठनात्मक विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 1913 में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में स्थापित 'गदर पार्टी' ने 'गदर की गूंज' नामक प्रकाशन के माध्यम से प्रवासी भारतीयों में राष्ट्रवादी चेतना जगाई और लाला हरदयाल इसके प्रमुख संस्थापकों व विचारकों में शामिल थे। 2. वर्ष 1924 में कानपुर में गठित 'हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HRA) के घोषणापत्र 'रेवोल्यूशनरी' (The Revolutionary) का मुख्य उद्देश्य भारत में संघीय गणराज्य की स्थापना करना था, जिसमें शोषण पर आधारित व्यवस्था को समाप्त कर समाजवाद के सिद्धांतों को अपनाना था। 3. भगत सिंह और उनके साथियों द्वारा सितंबर 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में स्थापित 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) ने पारंपरिक व्यक्तिगत आतंकवादी कार्रवाइयों से आगे बढ़कर जन-आधारित समाजवादी क्रांति और वैचारिक संघर्ष को अपनी रणनीति का मुख्य हिस्सा बनाया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? बिहार में 1857 के विद्रोह के अन्य प्रमुख केंद्रों (विशेषकर पटना, दानापुर, आरा, मुजफ्फरपुर और छपरा) के घटनाक्रम और नेतृत्व के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पटना शहर में 3 जुलाई 1857 को हुए विद्रोह का नेतृत्व पुस्तक विक्रेता पीर अली खान ने किया था, जिनके घर पर ब्रिटिश ध्वज और कई आपत्तिजनक दस्तावेज मिलने के बाद कमिश्नर विलियम टेलर के आदेश पर उन्हें सार्वजनिक रूप से फांसी दे दी गई थी। 2. दानापुर छावनी के 7वीं, 8वीं और 40वीं रेजिमेंट के भारतीय सिपाहियों ने 25 जुलाई 1857 को विद्रोह कर दिया और सोन नदी पार करके सीधे शाहबाद (आरा) पहुंचे, जहाँ उन्होंने बाबू वीर कुंवर सिंह की सेना के साथ मिलकर ब्रिटिश शासन के विरुद्ध एक मजबूत मोर्चा बनाया। 3. मुजफ्फरपुर और छपरा क्षेत्रों में विद्रोहियों के दमन के लिए ब्रिटिश सरकार ने लॉर्ड डलहौजी के विशेष निर्देश पर सैन्य टुकड़ियाँ भेजी थीं, क्योंकि वहाँ के स्थानीय सैनिकों और जमींदारों ने ब्रिटिश खजाने पर पूरी तरह कब्जा कर लिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? पानीपत के युद्ध में भाग जाने वाले मराठा सरदार, जिन्होंने बाद में मराठा शक्ति को फिर से जीवित किया? महात्मा गांधी के भारत आगमन और उनके शुरुआती तीन प्रमुख सत्याग्रहों (चंपारण, खेड़ा और असहयोग आंदोलन) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 1917 के चंपारण सत्याग्रह के दौरान राजकुमार शुक्ल के निमंत्रण पर गांधीजी ने बिहार के चंपारण का दौरा किया था, जहाँ यूरोपीय नील बागान मालिकों द्वारा अपनाई जाने वाली 'तीनकठिया पद्धति' के विरोध में किसानों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष किया गया, और इसी आंदोलन की सफलता से प्रभावित होकर रविन्द्रनाथ टैगोर ने गांधीजी को 'महात्मा' की उपाधि दी थी। 2. वर्ष 1918 के खेड़ा सत्याग्रह के दौरान, जहाँ फसल बर्बाद हो जाने के बावजूद ब्रिटिश सरकार द्वारा लगान वसूल किया जा रहा था, गांधीजी ने किसानों का नेतृत्व किया और वल्लभभाई पटेल व इंदुलाल याज्ञिक के सहयोग से सरकार को यह आश्वासन देने के लिए विवश किया कि यदि फसल अच्छी नहीं होगी तो उस वर्ष का लगान स्थगित कर दिया जाएगा। 3. वर्ष 1920 में प्रारंभ किए गए असहयोग आंदोलन के दौरान नागपुर अधिवेशन (दिसंबर 1920) में कांग्रेस के संविधान में बदलाव किया गया और यह निर्णय लिया गया कि अब शांतिपूर्ण और वैध तरीकों के साथ-साथ 'स्वराज' की प्राप्ति के लिए किसी भी सीमा तक जनसंघर्ष किया जा सकता है। 4. चौरी-चौरा की घटना (5 फरवरी 1922) के उपरांत असहयोग आंदोलन को अचानक वापस लिए जाने के कारण भारतीय राजनीति में अत्यधिक निराशा फैली, जिसके परिणामस्वरुप चित्तरंजन दास और मोतीलाल नेहरू ने कांग्रेस से अलग होकर 'स्वराज पार्टी' का गठन किया, जबकि गांधीजी को ब्रिटिश सरकार द्वारा गिरफ्तार कर छह वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई गई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? अकबर की मृत्यु के बाद सम्राट:
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