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History of India
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19वीं शताब्दी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों के दौरान स्थापित विभिन्न संगठनों और उनके विशिष्ट योगदान के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. स्वामी विवेकानंद द्वारा वर्ष 1897 में स्थापित 'रामकृष्ण मिशन' ने धार्मिक व आध्यात्मिक सुधार के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा, राहत कार्यों और समाज सेवा को अपने मुख्य एजेंडे में शामिल किया, तथा इसका मुख्यालय बंगाल के बेलूर मठ में बनाया गया था।
- 2. गोपाल कृष्ण गोखले द्वारा वर्ष 1905 में स्थापित 'सर्वेेंट्स ऑफ़ इंडिया सोसाइटी' (भारत सेवक समाज) का मुख्य उद्देश्य देशसेवा के लिए समर्पित प्रचारकों को प्रशिक्षित करना और विभिन्न जातियों व वर्गों के बीच आपसी सद्भाव तथा शिक्षा का प्रसार करना था, जिसके पहले आजीवन सदस्य महात्मा गांधी थे।
- 3. केशव चंद्र सेन के प्रभाव से आत्माराम पांडुरंग द्वारा वर्ष 1867 में स्थापित 'प्रार्थना समाज' ने महाराष्ट्र में सामाजिक सुधारों का नेतृत्व किया, और इसके प्रमुख विचारक न्यायमूर्ती महादेव गोविंद रानाडे ने अंतरजातीय विवाह, विधवा पुनर्विवाह और दलितोद्धार के लिए अथक प्रयास किए।
- 4. यंग बंगाल आंदोलन के प्रणेता हेनरी विवियन डेरोज़ो ने रूढ़िवादी हिंदू समाज की कुरीतियों का कड़ा विरोध करते हुए स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के फ्रांसीसी क्रांति के आदर्शों का प्रचार किया, किंतु उनके अनुयायी जनसमर्थन जुटाने में असफल रहे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि स्वामी विवेकानंद ने 1897 में रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी जिसका मुख्यालय बेलूर मठ था और इसने सामाजिक कल्याण तथा शिक्षा पर विशेष बल दिया। कथन 2 गलत है क्योंकि 'सर्वेंट्स ऑफ़ इंडिया सोसाइटी' के संस्थापक गोपाल कृष्ण गोखले थे, और इसके पहले सदस्य या संस्थापक सदस्य श्रीनिवास शास्त्री आदि थे, जबकि महात्मा गांधी इसके मार्गदर्शक थे किंतु इसके औपचारिक प्रथम आजीवन सदस्य नहीं थे। कथन 3 और 4 सही हैं; आत्माराम पांडुरंग ने प्रार्थना समाज की स्थापना की और एम.जी. रानाडे ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हेनरी विवियन डेरोज़ो के 'यंग बंगाल आंदोलन' ने पश्चिमी विचारों को बढ़ावा दिया। विकिपीडिया संदर्भ
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1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार के विभिन्न क्षेत्रों (पटना, दानापुर, आरा, मुजफ्फरपुर और छपरा) में हुए घटनाक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पटना में 3 जुलाई 1857 को हुए विद्रोह का नेतृत्व पीर अली खान नामक एक पुस्तक विक्रेता ने किया था, जिसे कमिश्नर विलियम टेलर के कठोर दमन चक्र के तहत गिरफ्तार कर सार्वजनिक रूप से फांसी दे दी गई थी।
2. दानापुर छावनी के 7वीं, 8वीं और 40वीं देशी पैदल सेना (Infantry) के सिपाहियों ने 25 जुलाई 1857 को विद्रोह कर दिया और सोन नदी पार कर जगदीशपुर के बाबू कुंवर सिंह से जा मिले।
3. मुजफ्फरपुर और छपरा के क्षेत्रों में यूरोपीय अधिकारियों तथा अफीम एजेंटों के विरुद्ध स्थानीय सिपाहियों, अफीम गोदाम के कर्मचारियों और भूमिहीनों ने अंग्रेजों के संचार साधनों को बाधित करते हुए विद्रोह का झंडा बुलंद किया था।
4. छपरा में विद्रोहियों ने कमिश्नर विलियम टेलर को पराजित कर शहर पर पूर्ण अधिकार कर लिया था और वहां एक समानांतर ब्रिटिश-विरोधी सरकार की औपचारिक स्थापना की घोषणा कर दी थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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गुप्तकालीन अर्थव्यवस्था, भूमि अनुदान प्रणाली और प्रशासनिक शब्दावली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गुप्त काल में भूमि के वर्गीकरण और स्वामित्व के संबंध में 'क्षेत्र' (कृषि योग्य भूमि), 'वापस' (निवास योग्य भूमि), 'अप्राहत' (जंगल या बिना जोती गई भूमि), 'खिल' (चारागाह भूमि) और 'अपरहत' जैसे प्रादेशिक एवं राजकोषीय शब्दों का उल्लेख मिलता है, जिसमें भूमि पर राजा का व्यक्तिगत स्वामित्व सर्वोपरि माना जाता था और किसानों को भूमि बेचने का कोई अधिकार नहीं था।
2. इस काल में राजाओं और धार्मिक संस्थाओं द्वारा ब्राह्मणों तथा बौद्ध विहारों को दिए जाने वाले कर-मुक्त भूमि अनुदान (अग्रहार) की प्रथा में व्यापक वृद्धि हुई, जिसके परिणामस्वरूप अधीनस्थ कृषक और कारीगर भी भूमि के साथ हस्तांतरित होने लगे, जिसे मध्यकालीन सामंतवाद के शुरुआती लक्षण के रूप में देखा जाता है।
3. गुप्त साम्राज्य की प्रांतीय प्रशासनिक इकाइयों (भुक्ति) के प्रमुख को 'उपरिक' कहा जाता था, जो सीधे सम्राट के प्रति उत्तरदायी होते थे, तथा जिला स्तर (विषय) के प्रशासन का संचालन 'विषयपति' द्वारा स्थानीय प्रशासनिक निकायों (अधिकरण) के सहयोग से किया जाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के उपरांत ब्रिटिश संसद द्वारा पारित 'भारत सरकार अधिनियम 1858' और 1 नवंबर 1858 को इलाहाबाद दरबार में लॉर्ड कैनिंग द्वारा उद्घाटित 'क्वीन विक्टोरिया की घोषणा' के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम द्वारा 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' और 'कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स' की द्वैध शासन प्रणाली को समाप्त कर दिया गया तथा भारत के प्रशासन का पूर्ण नियंत्रण ब्रिटिश कैबिनेट के एक सदस्य 'भारत के राज्य सचिव' (Secretary of State for India) को सौंप दिया गया, जिसकी सहायता के लिए 15 सदस्यीय 'भारतीय परिषद' (India Council) का गठन किया गया।
2. क्वीन विक्टोरिया की घोषणा में ब्रिटिश सरकार द्वारा यह आश्वासन दिया गया कि भविष्य में भारतीय रियासतें ब्रिटिश साम्राज्य में नहीं मिलाई जाएंगी और उनके 'दत्तक पुत्र' लेने के अधिकार (राज्यरोहण और उत्तराधिकार) को आधिकारिक रूप से मान्यता दी गई।
3. घोषणा में यह प्रतिज्ञा की गई कि ब्रिटिश सरकार भारतीय प्रजा की प्राचीन धार्मिक, सामाजिक परंपराओं और रीति-रिवाजों में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी, तथा नस्ल, जाति या धर्म के भेदभाव के बिना योग्यता के आधार पर सभी भारतीयों को उच्च प्रशासनिक सेवाओं में निष्पक्ष रूप से नियुक्त किया जाएगा।
4. विद्रोह की पुनरावृत्ति को रोकने और सेना पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने के लिए गठित 'पील आयोग' (Peel Commission) की सिफारिशों के आधार पर मद्रास और बंबई की सेनाओं में यूरोपीय सैनिकों का अनुपात बढ़ा दिया गया तथा तोपखाने जैसे संवेदनशील विभागों पर पूरी तरह से यूरोपीय सैनिकों का एकाधिकार रखा गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मुगलकालीन प्रशासनिक और सैन्य सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जहाँगीर के शासनकाल में मनसबदारी व्यवस्था के अंतर्गत 'दुस्पासिह-अस्पासिह' (Du-aspa Sih-aspa) प्रणाली की शुरुआत की गई थी, जिसके तहत मनसबदारों को अपने मूल सवार पद में बिना किसी वृद्धि के अतिरिक्त घोड़े रखने की अनुमति दी जाती थी।
2. शाहजहाँ ने मनसबदारी व्यवस्था में 'माहवार' (Month-scale) प्रणाली लागू की, जिसके अनुसार यदि किसी जागीर की आय मनसबदार के 12 महीनों के वेतन के बराबर नहीं होती थी, तो उसके वेतन में आनुपातिक कटौती कर दी जाती थी।
3. औरंगजेब के शासनकाल में जागीरदारी संकट (Jagirdari Crisis) के कारण जागीरों की कमी हो गई थी, जिसे नियंत्रित करने के लिए उसने 'मशरुत' (Conditional) मनसबदारी व्यवस्था को समाप्त कर दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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