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General Science
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निकट दृष्टि दोष (Myopia) को दूर करने के लिए कौन सा लेंस प्रयुक्त होता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
निकट दृष्टि दोष के निवारण हेतु अवतल लेंस चाहिए।
Related Questions
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जीवाश्मों के विकासवादी इतिहास और आनुवंशिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हार्डी-वेनबर्ग साम्यावस्था (Hardy-Weinberg equilibrium) के अनुसार, किसी आदर्श आबादी में अलील (Allele) और जीनोटाइप आवृत्तियां पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रहती हैं, बशर्ते आबादी में उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, आनुवंशिक विचलन (Genetic drift) और जीन प्रवाह का अभाव हो।
2. 'अनुवंशिक अपवाह' (Genetic drift) छोटे आकार की आबादी में अधिक प्रभावशाली होता है, और इसमें 'संस्थापक प्रभाव' (Founder effect) तथा 'बॉटलनेक प्रभाव' (Bottleneck effect) जैसी प्रक्रियाएं शामिल होती हैं जो जीन पूल में विविधता को कम कर सकती हैं।
3. लामार्कवाद (Lamarckism) के 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' के सिद्धांत को अगस्त वीजमैन (August Weismann) द्वारा अपने चूहे की पूंछ काटने वाले प्रयोग के माध्यम से पूरी तरह खारिज कर दिया गया था, जिसमें उन्होंने यह सिद्ध किया कि सोमेटिक कोशिकाओं (कायिक कोशिकाओं) में होने वाले परिवर्तन अगली पीढ़ी में स्थानांतरित नहीं होते हैं।
4. समजात अंग (Homologous organs) वे अंग होते हैं जिनकी मूल संरचना और भ्रूणय उत्पत्ति भिन्न होती है, लेकिन उनके कार्य समान होते हैं, जो कि अभिसारी विकास (Convergent evolution) का प्रत्यक्ष प्रमाण प्रस्तुत करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और हॉर्मोन नियमन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अग्न्याशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं (Islets of Langerhans) में स्थित अल्फा कोशिकाएँ 'ग््लूकागॉन' (Glucagon) हॉर्मोन का स्रावण करती हैं, जो एक हाइपरग्लाइसेमिक (Hyperglycemic) कारक है और यकृत में ग्लाइकोजेनोलिसिस तथा ग्लूकोनियोजेनेसिस को प्रेरित करके रक्त में ग्लूकोज के स्तर को बढ़ाता है।
2. थायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'कैल्सीटोनिन' (Calcitonin) एक पेप्टाइड हॉर्मोन है जो रक्त में कैल्शियम और फॉस्फेट के स्तर को कम करने का कार्य करता है, और यह पैराथाइरॉइड हॉर्मोन (PTH) के विपरीत प्रभाव प्रदर्शित करता है।
3. अधिवृक्क मज्जा (Adrenal Medulla) द्वारा 'एपिनेफ्रिन' और 'नॉरएपिनेफ्रिन' कैटेकोलामाइन्स का स्रावण किया जाता है, जिन्हें 'आपातकालीन हॉर्मोन' या 'लड़ो या भागो' (Fight or Flight) हॉर्मोन कहा जाता है, जो हृदय की धड़कन, श्वसन दर और पुतलियों के फैलाव को त्वरित रूप से बढ़ाते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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कृत्रिम उपग्रहों की कक्षीय गति और भारहीनता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी दीर्घवृत्ताकार कक्षा में चक्कर लगा रहे उपग्रह की कुल यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical energy) ऋणात्मक होती है, जो इस बात का प्रतीक है कि उपग्रह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बंधन से बंधा हुआ है, और जब उपग्रह पृथ्वी के निकटतम बिंदु (Perigee) पर होता है, तब उसकी गतिज ऊर्जा अधिकतम तथा स्थितिज ऊर्जा न्यूनतम होती है।
2. उपग्रह के भीतर स्थित किसी अंतरिक्ष यात्री द्वारा अनुभव की जाने वाली 'भारहीनता' (Weightlessness) का मुख्य कारण यह है कि अंतरिक्ष में पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल पूरी तरह से शून्य हो जाता है, जिससे अंतरिक्ष यात्री पर कोई भी परिणामी बल कार्य नहीं करता है।
3. भू-तुल्यकालिक उपग्रह (Geosynchronous satellite) की घूर्णन अवधि पृथ्वी के अपनी धुरी के चारों ओर घूमने के आवर्त काल के ठीक बराबर होती है, किंतु यह आवश्यक नहीं है कि प्रत्येक भू-तुल्यकालिक उपग्रह विषुवत वृत्त (Equator) के ठीक ऊपर स्थित हो और उसकी कक्षा पूर्णतः वृत्ताकार हो।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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लाल ग्रह?
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रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण (Acids, Bases and Salts) की अवधारणाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आयनिक बंध (Ionic bond) का निर्माण दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों की पूर्ण स्थानांतरण प्रक्रिया द्वारा होता है, और जालक एंथैल्पी (Lattice enthalpy) का उच्च मान आयनिक यौगिक के स्थायित्व को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
2. लुईस अम्ल वे रासायनिक स्पीशीज हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म को ग्रहण करने की क्षमता रखती हैं, जबकि ब्रॉन्स्टेड-लोरी संकल्पना के अनुसार अम्ल वे पदार्थ हैं जो प्रोटॉन ($H^+$) दान करने की प्रवृत्ति रखते हैं।
3. जब किसी प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षार से बने लवण (जैसे अमोनियम क्लोराइड - $NH_4Cl$) का जल अपघटन किया जाता है, तो प्राप्त जलीय विलयन की प्रकृति क्षारीय होती है और इसका pH मान 7 से अधिक होता है।
4. जल का स्व-आयनन (Self-ionization) एक ऊष्माशोषी प्रक्रम है, जिसके कारण तापमान में वृद्धि होने पर जल का आयनिक गुणनफल ($K_w$) बढ़ जाता है, किंतु शुद्ध जल का pH मान 7 से कम हो जाने के बावजूद वह उदासीन ही रहता है क्योंकि उसमें $[H^+]$ और $[OH^-]$ की सांद्रता समान होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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