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General Science
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प्रकाश की कण प्रकृति?

Detailed Explanation

प्रकाश फोटॉन के रूप में चलता है।
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→ विलयन और उत्प्रेरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वाष्प दाब का आपेक्षिक अवनमन (Relative lowering of vapour pressure) एक अणुसंख्यक गुणधर्म है, जो राउल्ट के नियम के अनुसार विलायक में घुले हुए अवाष्पशील विलेय के मोल प्रभाज के बराबर होता है तथा यह विलेय की रासायनिक प्रकृति पर निर्भर नहीं करता है। 2. समांग उत्प्रेरण (Homogeneous catalysis) में उत्प्रेरक और अभिकारक सभी एक ही भौतिक अवस्था में होते हैं, और इसकी क्रियाविधि को मुख्य रूप से 'मध्यवर्ती यौगिक निर्माण सिद्धांत' द्वारा समझाया जाता है। 3. जिग्लर-नट्टा उत्प्रेरक ($TiCl_4 + Al(C_2H_5)_3$) एक विषमांग उत्प्रेरक का प्रमुख उदाहरण है, जिसका उपयोग उच्च घनत्व वाले पॉलीइथिलीन (HDPE) के औद्योगिक उत्पादन में किया जाता है। 4. एंजाइम उत्प्रेरण (Enzyme catalysis) अपनी अत्यधिक विशिष्ट प्रकृति के लिए जाने जाते हैं, और 'ताला-कुंजी' (Lock and Key) मॉडल के अनुसार एंजाइम रासायनिक अभिक्रिया के सक्रियण ऊर्जा को कम करके अभिक्रिया की दर को बढ़ाते हैं, किंतु यह साम्यावस्था स्थिरांक ($K_{eq}$) को परिवर्तित नहीं करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक तथा भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'थर्माइट प्रक्रम' (Thermite Process) में एल्युमिनियम पाउडर का उपयोग अपचायक (Reducing agent) के रूप में किया जाता है, जो भारी संक्रमण धातुओं (जैसे फेरिक ऑक्साइड) को अपचयित करके पिघली हुई अवस्था में धातु निष्कर्षण में सहायता करता है, क्योंकि एल्युमिनियम की ऑक्सीजन के प्रति बंधुता अत्यधिक उच्च होती है। 2. जब सफेद फॉस्फोरस ($P_4$) को कास्टिक सोडा ($NaOH$) के सांद्र जलीय विलयन के साथ अक्रिय वातावरण में गर्म किया जाता है, तो यह असमानुपातन (Disproportionation) अभिक्रिया के माध्यम से फॉस्फीन गैस ($PH_3$) और सोडियम हाइपोफॉस्फाइट का निर्माण करता है। 3. उत्कृष्ट गैसों में केवल क्ज़ेनॉन (Xenon) ही कुछ निश्चित परिस्थितियों में फ्लोरीन और ऑक्सीजन के साथ स्थायी सहसंयोजक यौगिक जैसे $XeF_2$, $XeF_4$ और $XeO_3$ बनाता है, क्योंकि इसकी आयनन एन्थैल्पी का मान भारी आकार के कारण अपेक्षाकृत कम और ध्रुवण क्षमता उच्च होती है। 4. संक्षारण (Corrosion) के दौरान लोहे पर जंग लगने की विद्युत-रासायनिक प्रक्रिया में, एनोड क्षेत्र पर लोहे का ऑक्सीकरण होकर $Fe^{2+}$ आयन बनते हैं, जबकि कैथोड क्षेत्र पर ऑक्सीजन का अपचयन होता है, और वायुमंडल में उपस्थित नमी तथा कार्बन डाइऑक्साइड की उपस्थिति इस पूरी प्रक्रिया को धीमा कर देती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → मानव शरीर के परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र के कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ह्दय की धड़कन का स्वतः नियमन विशेषीकृत पेशीय ऊतकों द्वारा होता है, जिसमें 'सिनोएट्रीअल नोड' (SA Node) को प्राथमिक पेसमेकर कहा जाता है, क्योंकि यह सबसे अधिक दर पर क्रिया विभव (Action potential) उत्पन्न करता है। 2. तंत्रिका तंत्र में सिनेप्स के माध्यम से तंत्रिका आवेगों (Nerve impulses) का संचरण मुख्य रूप से रासायनिक न्यूरोट्रांसमीटरों के माध्यम से होता है, और एसिटाइलकोलीन (Acetylcholine) एक प्रमुख उत्तेجक न्यूरोट्रांसमीटर है जो कंकाल पेशियों के संकुचन को प्रेरित करता है। 3. स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (Autonomic Nervous System) के अंतर्गत 'अनुकम्पी तंत्रिका तंत्र' (Sympathetic nervous system) हृदय गति को कम करता है और पाचक ग्रंथियों के स्रावण को उत्तेजित करता है, जबकि 'परानुकम्पी तंत्रिका तंत्र' (Parasympathetic nervous system) आपातकालीन स्थितियों में हृदय गति और रक्तचाप को बढ़ाता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं के भीतर विभिन्न कोशिकांगों (Cell organelles) की संरचना, उनके मार्कर एंजाइमों (Marker enzymes) और अंतःझिल्ली तंत्र (Endomembrane system) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सूत्रकणिका (Mitochondria) की आंतरिक झिल्ली पर पाए जाने वाले ऑक्सीसोम (F$_0$-F$_1$ कण) एटीपी संश्लेषण के लिए उत्तरदायी होते हैं, और इस अंगक का मुख्य मार्कर एंजाइम 'सक्सीनेट डिहाइड्रोजनेज' है जो इसकी आंतरिक झिल्ली पर स्थित होता है। 2. खुरदरी अंतःप्रद्रव्यी जालिका (RER) की सतह पर राइबोसोम को मजबूती से बांधे रखने के लिए 'राइबोफोरिन-I' और 'राइबोफोरिन-II' नामक विशिष्ट ट्रांसमेम्ब्रेन ग्लाइकोप्रोटीन पाए जाते हैं, जो प्रोटीन संश्लेषण और उनके सही वलन (Folding) में मदद करते हैं। 3. गॉल्जी उपकरण (Golgi Apparatus) का 'सिस नेटवर्क' (Cis-face) आमतौर पर परिपक्व या बनाने वाला सिरा (Maturing face) कहलाता है जो प्लाज्मा झिल्ली की ओर उन्मुख होता है, जबकि 'ट्रांस नेटवर्क' (Trans-face) केंद्रक की ओर होता है। 4. लाइसोसोम एकल झिल्ली से घिरा एक ऐसा कोशिकांग है जिसमें अम्लीय फॉस्फेटेज (Acid phosphatase) जैसे हाइड्रोलाइटिक एंजाइम प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो लगभग 4.5 से 5.0 के इष्टतम पीएच ($pH$) पर सर्वाधिक सक्रिय होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → मानव शरीर में कार्बोहाइड्रेट चयापचय, ग्लाइकोजेनोलिसिस और विभिन्न पोषक तत्वों की जैव-रासायनिक भूमिका के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ग्लाइकोजेनेसिस (Glycogenesis) वह प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत यकृत और कंकाल पेशियों में रक्त शर्करा (ग्लूकोज) के आधिक्य को इंसुलिन हार्मोन के प्रभाव से ग्लाइकोजन के रूप में संचित किया जाता है, जबकि उपवास या ऊर्जा की कमी के समय 'ग्लूकोनियोजेनेसिस' (Gluconeogenesis) गैर-कार्बोहाइड्रेट स्रोतों जैसे अमीनो एसिड और ग्लिसरोल से ग्लूकोज का संश्लेषण करता है। 2. 'पेंटोज़ फॉस्फेट मार्ग' (Hexose Monophosphate Shunt), ग्लाइकोलिसिस के समांतर चलने वाली एक वैकल्पिक चयापचय प्रक्रिया है जो मुख्य रूप से साइटोप्लाज्म में संपन्न होती है और इसका प्रमुख उद्देश्य NADPH तथा राइबोज़-5-फास्फेट का उत्पादन करना है, जो न्यूक्लिक अम्ल संश्लेषण और वसा अम्लों के अपचयन के लिए अनिवार्य हैं। 3. आंतों द्वारा कार्बोहाइड्रेट का अवशोषण हमेशा केवल सरल विसरण (Simple diffusion) के माध्यम से होता है, क्योंकि ग्लूकोज और गैलक्टोज जैसे मोनोसैक्राइड्स के अणुओं का आकार बहुत छोटा होता है और इन्हें प्लाज्मा झिल्ली को पार करने के लिए किसी भी विशिष्ट सोडियम-निर्भर ट्रांसपोर्टर (SGLT1) की आवश्यकता नहीं होती है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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