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General Science
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दर्पण का सूत्र?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
1/f = 1/v + 1/u।
Related Questions
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ध्वनि तरंग का माध्यम?
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वायु?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहीकरण (Blood Groups) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आरएच कारक (Rh factor) का नाम 'रीसस' (Rhesus) बंदर के नाम पर रखा गया है, और Rh-ऋणात्मक (Rh-) माता तथा Rh-धनात्मक (Rh+) पिता से उत्पन्न प्रथम Rh-धनात्मक संतान पर इस असंगति का कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है क्योंकि प्राथमिक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया (Primary Immune Response) के दौरान बनने वाली एंटीबॉडी धीमी होती हैं।
2. जब कोई व्यक्ति किसी गंभीर रक्तस्राव से पीड़ित होता है, तो 'बॉम्बे रक्त समूह' ($O_{h}$ phenotype) वाले व्यक्ति को किसी भी मानक ABO रक्त समूह (जैसे $A, B, AB, या O$) का रक्त सुरक्षित रूप से चढ़ाया जा सकता है, क्योंकि इनकी लाल रक्त कोशिकाओं पर कोई भी बाह्य एंटीजन अनुपस्थित होता है।
3. रुधिर स्कंदन (Blood Coagulation) की सामान्य प्रक्रिया में, प्रोथ्रोम्बिन को सक्रिय थ्रोम्बिन में बदलने वाला कैनेज एंजाइम (थ्रॉम्बोप्लास्टिन) कैल्सियम आयनों ($Ca^{2+}$) की उपस्थिति में उत्प्रेरक का कार्य करता है।
4. हीमोग्लोबिन के एक अणु में चार ग्लोबिन श्रृंखलाएं होती हैं, और प्रत्येक हीम समूह के केंद्र में उपस्थित फेरस आयन ($Fe^{2+}$) ऑक्सीजन के एक अणु के साथ अपरिवर्तनीय (Irreversible) रूप से बंध बनाकर ऊतकों तक परिवहन करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक व्यवहार तथा निष्कर्षण प्रक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'झाग उत्प्लवन प्रक्रम' (Froth Flotation Process) का उपयोग मुख्य रूप से सल्फाइड अयस्क के सांद्रण के लिए किया जाता है, जिसमें चीड़ के तेल (Pine oil) का उपयोग 'झाग बनाने वाले' (Frother) के रूप में और सोडियम एथिल जैंथेट का उपयोग 'संवर्धक' (Collector) के रूप में किया जाता है, जो अयस्क के कणों को जल-विरोधी (Hydrophobic) बनाते हैं।
2. जब एल्यूमिना के विद्युत अपघटनी निष्कर्षण (हॉल-हेरोल्ट प्रक्रम) में क्रायोलाइट ($Na_3AlF_6$) और फ्लूएस्पर ($CaF_2$) को मिलाया जाता है, तो यह एल्यूमिना के गलनांक को काफी हद तक कम कर देता है और उसकी विद्युत चालकता को बढ़ा देता है।
3. 'दहन विधि' (Roasting) और 'निस्थापन' (Calcination) दोनों ही अयस्कों के सांद्रण के बाद किए जाने वाले प्रक्रम हैं, जिसमें निस्थापन (Calcination) सीमित वायु या वायु की अनुपस्थिति में कार्बोनेट और हाइड्रेटेड ऑक्साइड अयस्कों को उनके गलनांक से कम तापमान पर गर्म करके वाष्पशील अशुद्धियों को दूर करने के लिए किया जाता है।
4. जब तांबे के निष्कर्षण के दौरान 'मैट' (Matte), जिसमें मुख्य रूप से $Cu_2S$ और थोड़ी मात्रा में $FeS$ होता है, को बेसेमर कनवर्टर में सिलिका अस्तर के साथ धमन भट्टी में गर्म किया जाता है, तो बचा हुआ फेरस सल्फाइड स्लैग के रूप में अलग हो जाता है और अंत में प्राप्त पिघला हुआ तांबा 'फोफोरेदार कॉपर' (Blister Copper) कहलाता है, जिसमें सल्फर डाइऑक्साइड गैस के निकलने के कारण छाले पड़ जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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यांत्रिकी (Mechanics) और ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी संरक्षी बल (Conservative Force) द्वारा किया गया कार्य पथ पर निर्भर नहीं करता है, बल्कि यह केवल प्रारंभिक और अंतिम स्थितियों पर निर्भर करता है, और इस प्रकार के बल के अंतर्गत एक बंद पथ में किया गया कुल कार्य सदैव शून्य होता है।
2. 'कार्य-ऊर्जा प्रमेय' (Work-Energy Theorem) के अनुसार, किसी वस्तु पर सभी बलों द्वारा किया गया कुल कार्य उसकी गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है, और यह प्रमेय केवल संरक्षी बलों के लिए ही मान्य है, असांरक्षी बलों जैसे घर्षण बल के लिए नहीं।
3. जब कोई निकाय प्रत्यास्थ टक्कर (Elastic Collision) से गुजरता है, तो न केवल रैखिक संवेग संरक्षित रहता है, बल्कि कुल गतिज ऊर्जा भी संरक्षित रहती है, बशर्ते इस प्रक्रिया में कोई भी यांत्रिक ऊर्जा ऊष्मा या ध्वनि के रूप में क्षय न हो।
4. अपकेंद्री बल (Centrifugal Force) एक वास्तविक बल है जो जड़त्वीय निर्देश तंत्र (Inertial Frame of Reference) में वृत्ताकार गति कर रहे पिंड पर केंद्र की ओर कार्य करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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