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General Science
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प्रकाश गमन?

Detailed Explanation

सरल रेखा।
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→ कोशिका क्या है? → मानव शरीर में उत्पन्न होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों, उनके रोगकारकों (Pathogens) और उनके नैदानिक परीक्षणों (Diagnostic Tests) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. स्वाइन फ्लू (H1N1 इनफ्लूएंजा) एक संक्रामक वायरल बीमारी है, जिसके संपुष्टि परीक्षण के लिए 'रियल-टाइम रिवर्स ट्रांसक्रिपटेस पॉलीमरेज चेन रिएक्शन' (rRT-PCR) विधि का उपयोग किया जाता है। 2. उपदंश (Syphilis) एक यौन संचारित बैक्टीरियल संक्रमण है जो 'ट्रेपोनेमा पैलिडम' नामक स्पिरोकीट जीवाणु के कारण होता है, और इसके निदान के लिए 'वीडीआरएल' (VDRL) परीक्षण किया जाता है। 3. डिप्थीरिया मुख्य रूप से 'कोरिबैक्टीरियम डिप्थिरिया' जीवाणु के संक्रमण से होता है, जिसमें बनने वाला एक्सोटॉक्सिन श्वास नली में एक स्रावी झिल्ली (Pseudomembrane) बनाता है, और इसकी संवेदनशीलता की जांच 'शिस परीक्षण' (Schick test) द्वारा की जाती है। 4. कुष्ठ रोग (Leprosy), जिसे हैनसेन रोग भी कहा जाता है, एक विषाणु जनित संक्रामक बीमारी है जो तंत्रिका तंत्र और त्वचा को प्रभावित करती है, और इसके परीक्षण के लिए 'लीप्रोमिन परीक्षण' (Lepromin test) का उपयोग किया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → मानव शरीर के विभिन्न शारीरिक तंत्रों (पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र) की उन्नत कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आमाशय की 'पैरीटाल याऑक्सिंटिक कोशिकाएँ' (Oxyntic cells) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) के साथ-साथ 'कैसल का आंतरिक कारक' (Intrinsic factor) का स्रावण करती हैं, जो आंत में विटामिन $B_{12}$ के अवशोषण के लिए अनिवार्य रूप से आवश्यक होता है। 2. फुफ्फुसीय वेंटिलेशन के दौरान बाह्य अंतरापर्शुक पेशियों और डायाफ्राम का संकुचन वक्षीय गुहा के आयतन को कम करता है, जिससे फेफड़ों के भीतर का अंतरापोषीय दाब वायुमंडलीय दाब से अधिक हो जाता है और वायु बाहर प्रवाहित होती है। 3. हृदय के चालन तंत्र में विद्युत आवेगों की शुरुआत सिनोट्रायल (SA) नोड से होती है, जिसे हृदय का प्राकृतिक 'पेसमेकर' कहा जाता है, और यह आवेग एट्रियोवेंट्रिकल (AV) नोड, बंडल ऑफ हिस तथा पर्किंजे तंतुओं से होते हुए निलयों के संकुचन को प्रेरित करता है। 4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के अंतर्गत 'मस्तिष्क आवरण' (Meninges) की सबसे बाहरी और कठोर परत 'ड्यूरा मेटर' (Dura mater) होती है, और प्रमस्तिष्क (Cerebrum) का 'लिम्बिक तंत्र' (Limbic system) भावनाओं, स्मृति और प्रेरणा के नियमन में केंद्रीय भूमिका निभाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → विद्युत परिपथों और उससे संबंधित नियमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी चालक तार की लंबाई को खींचकर दोगुना कर दिया जाए, तो उसका प्रतिरोध प्रारंभिक प्रतिरोध का चार गुना हो जाता है, बशर्ते उसका आयतन और तापमान अपरिवर्तित रहें। 2. व्हीटस्टोन सेतु (Wheatstone bridge) का उपयोग अज्ञात प्रतिरोध को अत्यंत उच्च यथार्थता के साथ मापने के लिए किया जाता है, और जब सेतु संतुलित अवस्था में होता है, तो गैल्वेनोमीटर से कोई धारा प्रवाहित नहीं होती है। 3. जब समान क्षमता के कई सेलों को समानांतर क्रम (Parallel combination) में जोड़ा जाता है, तो कुल धारा का मान एकल सेल की तुलना में बहुत अधिक प्राप्त होता है, जो तब सबसे लाभदायक होता है जब बाह्य प्रतिरोध आंतरिक प्रतिरोध की तुलना में बहुत अधिक हो। 4. किसी विद्युत परिपथ में शक्ति क्षय (Power dissipation) केवल धारा के वर्ग ($I^2$) और प्रतिरोध ($R$) के गुणनफल पर निर्भर करता है, और यह परिपथ में जुड़े प्रतिरोधकों के श्रेणी या समानांतर विन्यास से स्वतंत्र होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और उनके यौगिकों के रासायनिक तथा भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. एल्काइन्स (Alkynes) त्रि-आबंध युक्त असंतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं, और अम्लीय प्रकृति प्रदर्शित करते हुए ये सोडियम धातु के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस मुक्त करते हैं, जिसका कारण $sp$ संकरित कार्बन से जुड़े हाइड्रोजन की उच्च अम्लता है। 2. जब एथिलीन ($C_2H_4$) की अभिक्रिया क्षारकिय पोटैशियम परमैंगनेट ($KMnO_4$) के ठंडे और तनु विलयन (बेयर अभिकर्मक) के साथ कराई जाती है, तो यह अभिक्रिया एक चक्रीय मैंगनेट एस्टर मध्यवर्ती के माध्यम से आगे बढ़ती है, जिससे ग्लाइकोल का निर्माण होता है और $KMnO_4$ का गुलाबी रंग गायब हो जाता है। 3. बेंजीन जैसे एरोमैटिक यौगिकों में इलेक्ट्रॉन्सनेही aromatic प्रतिस्थापन (Electrophilic Aromatic Substitution) अभिक्रियाओं के दौरान, नाइट्रोनियम आयन ($NO_2^+$) का जुड़ना एक दर-निर्धारक पद होता है, जो बेंजीन वलय के $\pi$-इलेक्ट्रॉन अभ्र पर आक्रमण करके एक मध्यवर्ती 'सिग्मा संकुल' (Arenium ion) का निर्माण करता है। 4. मार्कोवनिकोव नियम के विपरीत, पेरोक्साइड की उपस्थिति में प्रोपीन की हाइड्रोजन ब्रोमाइड ($HBr$) के साथ संकलन अभिक्रिया 'खराश प्रभाव' या पेरोक्साइड प्रभाव के अंतर्गत होती है, जिसमें मुक्त मूलक क्रियाविधि के कारण ब्रोमीन परमाणु उस कार्बन पर जुड़ता है जिसके पास कम हाइड्रोजन परमाणु होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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