BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

General Science
33 views

कोशिका क्या है?

Detailed Explanation

इकाई।
Share:

Related Questions

→ आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों (Periodic properties) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी परमाणु की इलेक्ट्रॉन लब्धि एंथैल्पी (Electron Gain Enthalpy) हमेशा एक ऊष्माक्षेपी प्रक्रिया होती है जिसमें ऊर्जा निकलती है, और आवर्त सारणी में बाएं से दाएं जाने पर इसका मान अधिक ऋणात्मक होता जाता है। 2. लैंथानाइड संकुचन (Lanthanoid Contraction) के कारण, 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों (जैसे हाफ्नियम, Hf) की परमाण्विक और आयनिक त्रिज्याएँ अपने से ठीक ऊपर स्थित 4d श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनियम, Zr) के लगभग समान हो जाती हैं। 3. पॉलिंग पैमाने के अनुसार विद्युतऋणाता (Electronegativity) परमाणु के आकार और उसकी प्रभावी नाभिकीय आवेश पर निर्भर करती है, और आवर्त सारणी में नीचे से ऊपर जाने पर यह घटती है। 4. द्वितीय आवर्त के तत्व (जैसे लीथियम) अपने समूह के अगले तत्वों (जैसे मैग्नीशियम) के साथ रासायनिक गुणों में विकर्ण संबंध (Diagonal relationship) प्रदर्शित करते हैं, जिसका कारण उनके आयनिक विभव (चार्ज-से-रेडियस अनुपात) का लगभग समान होना है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → चार्ल्स नियम? → कौन सा एंजाइम वसा के पाचन में सहायक है? → मानव शरीर में पोषण, वृहत् पोषक तत्वों (Macronutrients) और विटामिनों की जैव रासायनिक क्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'ग््लुकोनियोजेनेसिस' (Gluconeogenesis) वह चयापचय मार्ग है जिसके द्वारा गैर-कार्बोहाइड्रेट अग्रcursers जैसे लैक्टेट, ग्लिसरोल और ग्लूकोजेनिक अमीनो अम्ल से ग्लूकोज का संश्लेषण मुख्य रूप से यकृत और वृक्क में होता है। 2. जल-विलेय विटामिनों में, 'विटामिन B12' (सायनोकोबलामिन) का अवशोषण छोटी आंत के अंतिम भाग (इलियम) में होता है, जिसके लिए आमाशय की पैराइटल कोशिकाओं द्वारा स्रावित 'कैसल का आंतरिक कारक' (Intrinsic factor) अनिवार्य रूप से आवश्यक है। 3. 'विटामिन A' (रेटिनॉल) का सक्रिय रूप '11-सिस-रेटिनॉल' आँखों की शलाकाओं (Rods) में पाए जाने वाले प्रकाश-संवेदी वर्णक 'रैडोप्सिन' का प्रमुख घटक है, जिसकी कमी से वर्णान्ता (Color blindness) नामक आनुवंशिक विकार उत्पन्न होता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective Nuclear Charge) में क्रमिक वृद्धि होती है, जिसके फलस्वरूप परमाणु त्रिज्या में निरंतर कमी आती है, किंतु समूह-18 के उत्कृष्ट गैसों की परमाणु त्रिज्या (वांडरवाल्स त्रिज्या) उनके ठीक पहले आने वाले हैलोजन तत्वों की सहसंयोजक त्रिज्या की तुलना में बड़ी होती है। 2. ऑक्सीजन की तुलना में नाइट्रोजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी (First Ionization Enthalpy) का मान कम होता है, जिसका मुख्य कारण नाइट्रोजन के 2p कक्षकों का अर्ध-पूर्ण (Half-filled) होना है जो अधिक स्थिरता प्रदान करता है। 3. आवर्त सारणी में फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का ऋणात्मक मान क्लोरीन की तुलना में कम होता है, क्योंकि फ्लोरीन का आकार अत्यंत छोटा होने के कारण आने वाला नया इलेक्ट्रॉन पहले से उपस्थित 2p इलेक्ट्रונים से अधिक प्रतिकर्षण अनुभव करता है। 4. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) के कारण 4d और 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनियम और हाफ़िज़ियम) की परमाणु और आयनिक त्रिज्याएँ लगभग समान हो जाती हैं, जिसका मुख्य कारण 4f कक्षकों का दुर्बल आवरण प्रभाव (Shielding effect) है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.