त्वरित लिंक्स
History of India
22 views
मुगल कालीन प्रशासनिक और राजस्व व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. जहाँगीर के शासनकाल में मनसबदारी व्यवस्था के अंतर्गत बिना जात पद बढ़ाए अपने आश्वस्त सैनिकों की संख्या बढ़ाने के लिए 'दुअस्पा-सिंहअस्पा' (Du-aspa Sih-aspa) प्रणाली की शुरुआत की गई थी।
- 2. शाहजहाँ के शासनकाल में कृषि और भूमि के क्षेत्रफल के वास्तविक आकलन के लिए 'जब्ती प्रणाली' को और अधिक कठोर बनाते हुए 'माहवार' (Month-scale) और 'खलसा' भूमि के प्रबंधन में बड़े पैमाने पर परिवर्तन किए गए थे।
- 3. औरंगजेब के शासनकाल के दौरान मनसबदारों की संख्या में अत्यधिक वृद्धि हो जाने के कारण उन्हें वेतन भुगतान के लिए पर्याप्त 'जागीरें' उपलब्ध नहीं हो पा रही थीं, जिसे इतिहास में 'जागीर संकट' (Jagir Crisis) कहा जाता है।
- 4. मुगल साम्राज्य के केंद्रीय वित्त विभाग का प्रमुख 'मीर बख्शी' होता था, जो न केवल सैन्य प्रशासन और सैनिकों के वेतन का भुगतान करता था बल्कि साम्राज्य के समस्त आय-व्यय के लेखा-जोखा का सर्वोच्च अधिकारी भी होता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि जहाँगीर ने मनसबदारी व्यवस्था में 'दुअस्पा-सिंहअस्पा' प्रणाली की शुरुआत की थी जिसके तहत मनसबदारों को अपने जात पद को बढ़ाए बिना ही अधिक घुड़सवार (सवार पद) रखने की अनुमति मिल जाती थी। कथन 2 गलत है क्योंकि 'माहवार' (Month-scale) प्रणाली शाहजहाँ के काल में शुरू की गई थी ताकि वेतन और जागीर की आय के बीच संतुलन बनाया जा सके, न कि जब्ती प्रणाली में। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मनसबदारी प्रथा मुगल सैन्य और प्रशासनिक रीढ़ थी। कथन 3 सही है, औरंगजेब के शासनकाल के अंतिम चरणों में दक्कन अभियानों और मनसबदारों की भारी संख्या के कारण 'जागीर संकट' उत्पन्न हो गया था। कथन 4 गलत है क्योंकि केंद्रीय वित्त विभाग का प्रमुख 'दीवान' (या दीवान-ए-आला) होता था, जबकि 'मीर बख्शी' सैन्य विभाग और गुप्तचर विभाग का प्रमुख होता था।
Related Questions
→
मैसूर राज्य की स्थापना 1612 ई. में वाडियार वंश ने किसके समय में की थी?
→
ग़दर पार्टी और क्रांतिकारी आंदोलन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1913 में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में लाला हरदयाल और सोहन सिंह भकना द्वारा 'पैसिफिक कोस्ट हिंदुस्तान एसोसिएशन' की स्थापना की गई थी, जिसके मुखपत्र 'ग़दर' साप्ताहिक अखबार के पहले अंक का प्रकाशन उर्दू भाषा में किया गया था।
2. प्रथम विश्व युद्ध के आरंभ होने पर ग़दर पार्टी के नेताओं ने ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह (ग़दर क्रांति) का आह्वान किया और देश लौटने वाले प्रवासियों के लिए 'कमागाटा मारू' जहाज की घटना एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक साबित हुई थी।
3. वर्ष 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) का गठन किया गया, जिसमें भगवती चरण बोहरा द्वारा रचित घोषणा पत्र 'द फिलॉसफी ऑफ द बॉम्ब' को संगठन का वैचारिक आधार बनाया गया था।
4. भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त द्वारा 8 अप्रैल 1929 को केंद्रीय विधानसभा में फेंके गए बम का मुख्य उद्देश्य किसी की हत्या करना नहीं था, बल्कि बहरों को सुनाना तथा 'ट्रेड डिस्प्यूट बिल' और 'पब्लिक सेफ्टी बिल' जैसे दमनकारी कानूनों का विरोध करना था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों और उनके द्वारा विद्रोह दमन किए गए क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. जनरल जॉन निकलसन - दिल्ली
2. मेजर जनरल हैवलॉक और जेम्स आउट्राम - कानपुर
3. सर कॉलिन कैंपबेल - लखनऊ
4. जनरल ह्यूरोज़ - झाँसी और ग्वालियर
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
→
दिल्ली में 1857 के विद्रोह के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मेरठ के सिपाहियों द्वारा दिल्ली पहुँचने के बाद मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को अनिच्छा से ही सही, इस महान विद्रोह का प्रतीक और सर्वोच्च नेता घोषित किया गया था।
2. यद्यपि बहादुर शाह जफर को सम्राट घोषित किया गया था, परंतु वास्तविक सैन्य नेतृत्व और निर्णय लेने की शक्ति 'कोर्ट ऑफ सोल्जर्स' (सैनिकों की अदालत) के पास थी, जिसमें विभिन्न रेजिमेंटों के निर्वाचित प्रतिनिधि शामिल थे।
3. बख्त खान के नेतृत्व में बरेली से आए सैनिकों ने दिल्ली की सैन्य कमान संभाली और उन्होंने सम्राट तथा सैनिकों के बीच प्रशासनिक एवं वित्तीय समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
4. दिल्ली पर अंग्रेजों द्वारा पुनः अधिकार करने के पश्चात ब्रिटिश जनरल जॉन निकोलसन की इस संघर्ष में मृत्यु हो गई थी, तथा बहादुर शाह जफर को गिरफ्तार कर रंगून (बर्मा) निर्वासित कर दिया गया था जहाँ उनकी मृत्यु हो गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
वर्ष 1857 के विद्रोह की प्रकृति और उसके कारणों के संबंध में विभिन्न इतिहासकारों के प्रसिद्ध मतों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. एस. एन. सेन (S.N. Sen) — "यह तथाकथित प्रथम राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम न तो प्रथम, न ही राष्ट्रीय और न ही स्वतंत्रता संग्राम था।"
2. बेंजामिन डिजराएली (Benjamin Disraeli) — "यह विद्रोह केवल एक सिपाही विद्रोह नहीं था, बल्कि यह राष्ट्रीय विद्रोह था।"
3. वीर सावरकर (V.D. Savarkar) — "यह 1857 का विद्रोह सुनियोजित स्वतंत्रता संग्राम था।"
4. टी.आर. होम्स (T.R. Holmes) — "यह सभ्यता और बर्बरता (Barbarism and Civilization) के बीच का संघर्ष था।"
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.