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History of India
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मराठा साम्राज्य के प्रशासन, राजस्व सुधारों और छत्रपति शिवाजी महाराज की सैन्य व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. शिवाजी ने राजस्व सुधारों के तहत मलिक अंबर की भू-राजस्व प्रणाली के आधार पर भूमि की पैमाइश करवाई और राज्य अधिकारियों को जागीर देने की प्रथा को हतोत्साहित करते हुए उन्हें नकद वेतन देने की नीति अपनाई।
  2. 2. 'चौथ' और 'सरदेशमुखी' मराठा साम्राज्य के आंतरिक क्षेत्रों से वसूले जाने वाले मुख्य कर थे, जबकि बाहरी क्षेत्रों से सुरक्षा प्रदान करने के एवज में कोई कर नहीं लिया जाता था।
  3. 3. शिवाजी की केंद्रीय मंत्रिपरिषद 'अष्टप्रधान' के अंतर्गत प्रत्येक मंत्री प्रशासनिक और सैन्य मामलों में सीधे राजा के प्रति उत्तरदायी होता था, तथा 'अत्याधिक विशेष' रूप से 'पंडितराव' और 'न्यायाधीश' धार्मिक और न्याय संबंधी कार्य देखते थे।
  4. 4. शिवाजी की नौसेना (Navy) का गठन मुख्य रूप से पश्चिमी तट पर कोंकण क्षेत्र की रक्षा और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए किया गया था, तथा कोलाबा और विजयदुर्ग जैसे स्थानों पर मजबूत नौसैनिक अड्डे स्थापित किए गए थे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि छत्रपति शिवाजी महाराज ने दक्कन के प्रसिद्ध प्रशासक मलिक अंबर की भूमि सर्वेक्षण पद्धति का अनुसरण किया और वंशानुगत जागीर प्रथा के स्थान पर अधिकारियों को नकद वेतन देने पर जोर दिया। कथन 2 गलत है क्योंकि 'चौथ' (कुल उपज का 1/4 हिस्सा) और 'सरदेशमुखी' (1/10 हिस्सा) मुख्य रूप से उन पड़ोसी और बाहरी क्षेत्रों से वसूले जाते थे जो मराठा आक्रमण से अपनी रक्षा करना चाहते थे (सुरक्षा शुल्क के रूप में), न कि केवल आंतरिक क्षेत्रों से। कथन 3 सही है, अष्टप्रधान में पंडितराव और न्यायाधीश धार्मिक तथा न्यायिक मामलों के प्रमुख होते थे। कथन 4 सही है, शिवाजी ने एक मजबूत नौसेना का गठन किया था ताकि पश्चिमी तट पर समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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