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General Science
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प्रकाश तरंग?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
EM।
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वंशागति के क्रोमोसोमी सिद्धांत (Chromosomal theory of inheritance) और लिंग निर्धारण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सटन और बोवेरी ने यह प्रतिपादित किया कि जीन और गुणसूत्र दोनों जोड़े में होते हैं, और युग्मक निर्माण के दौरान गुणसूत्रों का अलग होना (Segregation) उनके ऊपर स्थित जीनों के विलगन को निर्धारित करता है।
2. 'ZZ-ZW' प्रकार का लिंग निर्धारण तंत्र पक्षियों, कुछ सरसृपों (Reptiles) और तितलियों में पाया जाता है, जिसमें नर विषमयुग्मकी (Heterogametic, ZW) होते हैं और मादा समयुग्मकी (Homogametic, ZZ) होती हैं।
3. ड्रोसोफिला मेलैनोस्टर (फल मक्खी) में लिंग निर्धारण 'गेनिक संतुलन सिद्धांत' (Genic balance theory) पर आधारित है, जिसे काल्विन ब्रिजेस द्वारा प्रतिपादित किया गया था, जिसके अनुसार लिंग का निर्धारण X गुणसूत्रों की संख्या और ऑटोसोम के सेटों के अनुपात द्वारा होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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अम्ल-क्षार सिद्धांतों (Acid-Base Theories) और लवणों के जल-अपघटन (Salt Hydrolysis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रॉन्स्टेड-लॉरी संकल्पना (Bronsted-Lowry concept) के अनुसार, एक अम्ल वह स्पीशीज है जो प्रोटॉन ($H^+$) दान करती है और उसका संयुग्मी क्षार (Conjugate base) उस अम्ल की तुलना में हमेशा एक प्रबल क्षार होता है।
2. 'लुईस अम्ल' (Lewis acid) वे रासायनिक स्पीशीज (अणु या आयन) हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण कर सकते हैं, जैसे कि $BF_3$, $AlCl_3$ और संक्रमण धातुओं के धनायन ($Fe^{3+}, Co^{2+}$ आदि)।
3. जब दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार से बने लवण (जैसे सोडियम एसीटेट, $CH_3COONa$) का जल-अपघटन किया जाता है, तो विलयन की प्रकृति क्षारीय हो जाती है क्योंकि एसीटेट आयन जल के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रॉक्साइड आयन ($OH^-$) उत्पन्न करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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