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Child Development
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) और 'अपरिवर्तनीयता या विलोमियता का अभाव' (Irreversibility) जैसी मानसिक प्रक्रियाएं बच्चे की संज्ञानात्मक परिपक्वता के किस चरण की सबसे प्रमुख और विशिष्ट विशेषताएं हैं?

Detailed Explanation

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (लगभग 2 से 7 वर्ष) की मुख्य सीमाओं में 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility - क्रिया को उल्टे क्रम में न सोच पाना) और 'केंद्रीयकरण' (Centration - किसी वस्तु के केवल एक ही पहलू पर ध्यान केंद्रित करना, जैसे ऊँचााइ या चौड़ाई) शामिल हैं। इस अवस्था में बच्चे में विकेंद्रीकरण (Decentration) का अभाव होता है, जो कि मूर्त संक्रियात्मक अवस्था में विकसित होता है। इस विषय पर अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की सबसे प्रमुख और विशिष्ट विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) तथा 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) का उभरना है। जब एक adolescent (किशोर) किसी जटिल वैज्ञानिक या तार्किक समस्या का समाधान करते समय केवल प्रत्यक्ष या मूर्त साक्ष्यों पर निर्भर रहने के बजाय, सभी संभावित चर (Variables) की पहचान करता है, मानसिक रूप से परिकल्पनाएँ (Hypotheses) गढ़ता है और फिर तार्किक रूप से निष्कर्षों का परीक्षण करता है, तो पियाजे के अनुसार यह संज्ञानात्मक परिपक्वता बालक की किस मूल मानसिक क्षमता और संरचनात्मक परिवर्तन को दर्शाती है? संरचनावाद (1879) के जनक कौन हैं? शैक्षिक अनुसंधान के अंतर्गत 'क्रियात्मक अनुसंधान' (Action Research) की मूल अवधारणा और शिक्षण विधियों में इसके प्रायोगिक अनुप्रयोग का गहन विश्लेषण करते समय, स्टीफन कोरे (Stephen M. Corey) तथा अन्य शिक्षाविदों के दृष्टिकोण के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस शोध पद्धति के वास्तविक उद्देश्य और इसकी तात्विक प्रकृति को सर्वाधिक सटीक रूप से रेखांकित करता है? लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत, पारंपरिक नैतिकता के स्तर (Conventional Level) के दूसरे चरण यानी 'प्राधिकार और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने के उन्मुखीकरण' (Authority and Social-Order Maintaining Orientation) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक सटीक एवं तार्किक व्याख्या प्रस्तुत करता है? लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, यदि कोई किशोर यह मानता है कि सामाजिक नियमों और कानूनों का पालन केवल इसलिए किया जाना चाहिए क्योंकि वे सामाजिक व्यवस्था को बनाए रखने और 'कानून एवं व्यवस्था' (Law and Order Orientation) के प्रति कर्तव्य का पालन करने के लिए आवश्यक हैं, भले ही वे नियम व्यक्तिगत इच्छाओं के विपरीत हों, तो कोहलबर्ग के इस नैतिक तर्क के विकास की यह विशिष्ट अवस्था किस चरण और स्तर के अंतर्गत आती है?
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