BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Child Development
23 views

लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, उत्तर-पारंपरिक नैतिकता (Post-Conventional Morality) के अंतिम चरण यानी 'विवेक और सार्वभौमिक नीति अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक उपयुक्त और विश्लेषणात्मक है?

Detailed Explanation

लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में, उत्तर-पारंपरिक नैतिकता (Post-Conventional Level) का छठा और अंतिम चरण 'विवेक और सार्वभौमिक नीति अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) कहलाता है। इस चरण में व्यक्ति बाहरी नियमों या सामाजिक समझौतों से बंधा नहीं होता, बल्कि उसके नैतिक निर्णय उसके अपने आंतरिक विवेक, न्याय के सार्वभौमिक सिद्धांतों, समानता और मानवाधिकारों पर आधारित होते हैं। यदि कोई सामाजिक कानून मानवीय गरिमा या न्याय के विरुद्ध है, तो इस चरण का व्यक्ति उस कानून की अवहेलना करने का नैतिक साहस भी रखता है। इस सिद्धांत के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

→ विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के न्यूरोलॉजिकल और संज्ञानात्मक आधारों का विश्लेषण करते हुए, जब हम 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia) के विभिन्न प्रकारों—जैसे मोटर डिसग्राफिया (Motor Dysgraphia), डिस्लेक्सिया-जनित डिसग्राफिया (Dyslexia-induced Dysgraphia), और स्थानिक डिसग्राफिया (Spatial Dysgraphia)—का अध्ययन करते हैं, तो निम्नलिखित में से कौन-सा कथन तात्विक और वैज्ञानिक दृष्टि से सर्वाधिक प्रामाणिक है? → राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के प्रावधानों के तहत, विद्यालयों में बच्चों के मूल्यांकन (Assessment) की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा दृष्टिकोण सबसे अधिक प्रासंगिक और सैद्धांतिक रूप से सही है? → प्रियंका "अपठन" से पीड़ित है। तो, वह निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता दिखाएगी? → लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान या पाड़' (Scaffolding) की तात्विक एवं संज्ञानात्मक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक किसी जटिल समस्या के समाधान के दौरान छात्र को आवश्यकतानुसार अस्थायी, लचीला और घटता हुआ सहयोग प्रदान करता है ताकि छात्र अपने वास्तविक विकास स्तर से संभावित विकास स्तर तक पहुँच सके, तो इस अंतःक्रियात्मक और शैक्षिक प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है? → क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) और विद्यालयी शिक्षण विधियों के सुधार के बीच के तात्विक, सैद्धांतिक तथा व्यावहारिक संबंधों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक कक्षा-कक्षीय शिक्षण प्रक्रिया के दौरान आने वाली विशिष्ट और तात्कालिक समस्याओं (जैसे विद्यार्थियों में गणितीय संक्रियाओं के प्रति उत्पन्न होने वाली भ्रांतियाँ) का वैज्ञानिक समाधान ढूँढने के लिए स्टीफन कोरे (Stephen Corey) या कुर्ट लेविन (Kurt Lewin) द्वारा प्रतिपादित चक्रीय मॉडल—यथा समस्या की पहचान, तथ्यान्वेषण, परिकल्पना निर्माण, हस्तक्षेप (Intervention) और सतत मूल्यांकन—का उपयोग करता है, तो क्रियात्मक अनुसंधान के इस स्वरूप और पारंपरिक मौलिक अनुसंधान (Fundamental Research) के बीच के मौलिक अंतरों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.