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Child Development
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शैक्षणिक आकलन (Educational Assessment) की प्रक्रिया में 'नैदानिक आकलन' (Diagnostic Assessment), 'रचनात्मक आकलन' (Formative Assessment) और 'संकलनात्मक आकलन' (Summative Assessment) के उद्देश्यों, समय-सीमा (Timing) और उनके अंतर्निहित शैक्षणिक निहितार्थों का गहन विश्लेषण करते हुए, निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक विश्लेषणात्मक और तार्किक रूप से सही है?

Detailed Explanation

शैक्षणिक आकलन में, 'रचनात्मक आकलन' (Formative Assessment) शिक्षण और अधिगम प्रक्रिया के दौरान निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य छात्रों को सुधारात्मक फीडबैक देना है, वहीं 'नैदानिक आकलन' (Diagnostic Assessment) छात्रों की विशिष्ट कमियों, भ्रांतियों और सीखने में आ रही गंभीर बाधाओं के मूल कारणों की पहचान करने के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया जाता है। संकलनात्मक आकलन आमतौर पर सत्र के अंत में निष्पादन का मूल्यांकन करने के लिए होता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
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सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत के संदर्भ में, यदि कोई व्यक्ति वयस्क होने के बावजूद अत्यधिक स्वच्छतावादी, जिद्दी, कंजूस, अत्यधिक नियम-बद्धता और बात-बात पर नियंत्रण रखने की प्रवृत्ति (Anal-retentive personality) को प्रदर्शित करता है, तो फ्रायड के इस सिद्धांत के अनुसार व्यक्तित्व के इस विकासात्मक ठहराव या फिक्सेशन (Fixation) का मूल कारण किस अवस्था में अनुचित या कठोर अभिभावकीय प्रशिक्षण (Toilet Training) को माना जाएगा? लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'उत्तर-रूढ़िगगत स्तर' (Post-conventional Morality) के अंतिम चरण यानी 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःकरण अभिमुखीकरण' (Universal Ethical Principle Orientation) का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई परिपक्व व्यक्ति किसी सामाजिक कानून, संस्थागत नियम या वैधानिक आदेश का इस आधार पर सचेत रूप से उल्लंघन करता है कि वह नियम मानवाधिकारों, व्यक्तिगत अंतःकरण की स्वतंत्र गरिमा, न्याय और सार्वभौमिक समानता के बुनियादी सिद्धांतों के विरुद्ध है, तो कोहलबर्ग के इस सर्वोच्च नैतिक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है? जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) के दौरान बालकों में पाई जाने वाली 'जीववाद' (Animism) और 'अहंप्रभाव' (Egocentrism) की संकल्पनाओं का गहन विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों संज्ञानात्मक सीमाओं के तात्विक और वैज्ञानिक स्वरूप को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है? समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में 'सार्वभौमिक डिज़ाइन for लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन मुख्य सिद्धांतों—अभिप्रेरणा के बहु-साधन, प्रस्तुतिकरण के बहु-साधन, और अभिव्यक्ति के बहु-साधन—का गहन शैक्षणिक विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक अपनी कक्षा में विभिन्न पृष्ठभूमि, अधिगम शैलियों और क्षमताओं (CWSN सहित) वाले विद्यार्थियों के लिए पाठ्यचर्या को लचीला और सुगम बनाता है, तो UDL के इन तीनों स्तंभों और इसके तात्विक निर्धारकों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है? सिग्मंड फ्रायड के मनोविश्लेषण सिद्धांत (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत व्यक्तित्व की संरचनात्मक प्रणाली—अर्थात 'इदम्' (Id), 'अहम्' (Ego), और 'पराअहम्' (Superego)—तथा उनके द्वारा संचालित होने वाले 'आनंद सिद्धांत' (Pleasure Principle), 'वास्तविकता सिद्धांत' (Reality Principle), और 'नैतिकता सिद्धांत' (Morality Principle) की तात्विक एवं गत्यात्मक अंतःक्रिया का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों तंत्रों के पारस्परिक संघर्ष और संतुलन के संदर्भ में वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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