त्वरित लिंक्स
Child Development
1 views
शैक्षणिक मूल्यांकन (Educational Evaluation) की प्रक्रिया में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE) के अंतर्गत 'सततता' (Continuity) और 'व्यापकता' (Comprehensiveness) के आयामों का गहन विश्लेषण करते हुए, निम्नलिखित में से कौन सा कथन इसके वास्तविक स्वरूप और उद्देश्यों को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) शिक्षा प्रणाली का एक अभिन्न अंग है जिसका उद्देश्य छात्र के विकास के सभी पक्षों का निरंतर आकलन करना है। इसमें 'सतत' का अर्थ सीखने की प्रक्रिया के दौरान नियमित रूप से फीडबैक और निदानात्मक परीक्षण प्रदान करना है, जबकि 'व्यापक' का अर्थ शैक्षिक (संज्ञानात्मक) और सह-शैक्षिक (भावनात्मक, सामाजिक, और मनोचालक) दोनों क्षेत्रों का मूल्यांकन करना है। इस विषय के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के अंतर्गत, पारंपरिक नैतिकता (Conventional Level) के दूसरे चरण—जिसे 'अधिकार और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का अभिविन्यास' (Law and Order Orientation) कहा जाता है—के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की वास्तविक मनोवैज्ञानिक और दार्शनिक प्रकृति को सर्वाधिक सटीक रूप से रेखांकित करता है?
→
अब्राहम मास्लो द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) के अंतर्गत 'कमी संबंधी आवश्यकताएँ' (Deficiency Needs - D-needs) और 'विकास संबंधी आवश्यकताएँ' (Growth Needs - B-needs) की तात्विक और प्रेरक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि कोई व्यक्ति अपनी शारीरिक और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति के पश्चात बौद्धिक जिज्ञासा, कलात्मक सौंदर्य की अनुभूति और अपनी पूर्ण क्षमताओं के विकास के लिए प्रेरित होता है, तो मास्लो के इस पदानुक्रम और अभिप्रेरणा के स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की सबसे प्रमुख और विशिष्ट विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) तथा 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) का उभरना है। जब एक adolescent (किशोर) किसी जटिल वैज्ञानिक या तार्किक समस्या का समाधान करते समय केवल प्रत्यक्ष या मूर्त साक्ष्यों पर निर्भर रहने के बजाय, सभी संभावित चर (Variables) की पहचान करता है, मानसिक रूप से परिकल्पनाएँ (Hypotheses) गढ़ता है और फिर तार्किक रूप से निष्कर्षों का परीक्षण करता है, तो पियाजे के अनुसार यह संज्ञानात्मक परिपक्वता बालक की किस मूल मानसिक क्षमता और संरचनात्मक परिवर्तन को दर्शाती है?
→
बुद्धि के मापन के इतिहास और बुद्धि लब्धि (IQ) की अवधारणा के संदर्भ में, लुई टरमन (Lewis Terman) द्वारा संशोधित स्टैनफोर्ड-बिनेट बुद्धि मापनी (Stanford-Binet Intelligence Scale) तथा विलियम स्टर्न (William Stern) द्वारा प्रतिपादित मूल मानसिक आयु (Mental Age) और वास्तविक आयु (Chronological Age) के अनुपात पर आधारित सूत्र का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस वैज्ञानिक तथ्य को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है कि आधुनिक बुद्धि परीक्षणों में 'विचलन बुद्धि लब्धि' (Deviation IQ) को पारंपरिक 'मानसिक आयु/वास्तविक आयु × 100' सूत्र की तुलना में क्यों प्राथमिकता दी जाती है?
→
एरिक्सन का दावा है कि किशोर कुछ समय के लिए अपने शरीर के बारे में असहज महसूस कर सकते हैं, जब कि वे परिवर्तनों को अनुकूलित और “विकसित” नहीं कर सकते। इस चरण में सफलता के गुण की ओर ले जाएगा?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.