BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Child Development
23 views

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage - लगभग 11 वर्ष से वयस्कता तक) की सबसे विशिष्ट बौद्धिक और तार्किक विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) है। इस संदर्भ में, यदि एक किशोर को निम्नलिखित समस्या दी जाए: 'यदि सभी पंछी उड़ सकते हैं और पेंगुइन एक पंछी है, तो क्या पेंगुइन उड़ सकता है?', और वह बालक औपचारिक रूप से यह निष्कर्ष निकाले कि 'तार्किक रूप से कथन के अनुसार पेंगुइन को उड़ना चाहिए, भले ही वास्तविक दुनिया में ऐसा न हो', तो पियाजे के इस सिद्धांत के अनुसार यह मानसिक प्रक्रिया किस उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक क्षमता का सबसे स्पष्ट प्रमाण है?

Detailed Explanation

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) सबसे अंतिम चरण है जो लगभग 11 वर्ष की आयु से शुरू होकर वयस्कता तक चलता है। इस अवस्था की सबसे प्रमुख विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और अमूर्त चिंतन है। इस स्तर पर बालक को प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित वस्तुओं या घटनाओं की आवश्यकता नहीं होती है; वे अमूर्त विचारों, काल्पनिक परिस्थितियों और शुद्ध रूप से तार्किक प्रस्तावों (Propositions) के आधार पर निष्कर्ष निकाल सकते हैं—भले ही वे प्रस्ताव वास्तविक जीवन या प्रत्यक्ष अनुभव से मेल न खाते हों। इस विषय में विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

→ वंश सूत्र (आनुवंशिकता) के नियम के प्रतिपादक कौन हैं? → प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के मूल दर्शन के अंतर्गत 'अनुभवजन्य अधिगम' (Experiential Learning) और जॉन डेवी के विचारों के परिप्रेक्ष्य में, निम्नलिखित में से कौन सी शिक्षण रणनीति बाल-केंद्रित कक्षा की वास्तविक आत्मा को सबसे प्रभावी ढंग से दर्शाती है? → राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के बुनियादी सिद्धांतों और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के वैधानिक प्रावधानों का गहन शिक्षण-शास्त्रीय विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों दस्तावेजों के मध्य पाए जाने वाले अंतर्संबंध और बाल-केन्द्रित शिक्षा दर्शन को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? → विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के अंतर्गत 'डिस्ग्राफिया' (Dysgraphia) और 'डिसप्रैक्सिया' (Dyspraxia) के न्यूरोलॉजिकल और गत्यात्मक (Motor) पहलुओं का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी अपने विचारों को लिखित रूप में व्यक्त करने में गंभीर रूप से असमर्थ है, उसका हस्तलेखन अत्यंत अव्यवस्थित, अनियमित आकार का और पढ़ने में कठिन है, तथा इसके साथ ही उसे अपने शरीर की गतिविधियों, बारीक गत्यात्मक कौशल (Fine Motor Skills) जैसे पेंसिल या कैंची को सही ढंग से पकड़ने तथा स्थानिक-दृश्य समन्वय (Visuo-spatial Coordination) में भी लगातार बाधा का सामना करना पड़ता है, तो इन लक्षणों के आधार पर निम्नलिखित में से कौन-सा नैदानिक और उपचारात्मक दृष्टिकोण सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सही है? → सिग्मंड फ्रायड के मनोविश्लेषण सिद्धांत (Psychoanalytic Theory) में व्यक्तित्व की गत्यात्मकता को समझने के लिए रक्षा तंत्र (Defense Mechanisms) की संकल्पना अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब कोई व्यक्ति अपनी अस्वीकार्य इच्छाओं, आवेगों या कुंठाओं को ऐसे सामाजिक रूप से स्वीकृत और उच्च स्तर के रचनात्मक कार्यों में परिवर्तित कर लेता है, जो समाज के लिए उपयोगी होते हैं, तो फ्रायड के अनुसार इस विशिष्ट और परिपक्व रक्षा तंत्र को किस नाम से जाना जाता है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.