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Child Development
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के मूल दर्शन और 'निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009)' के प्रावधानों के संदर्भ में, एक सामान्य कक्षा-कक्ष में विभिन्न प्रकार की विशिष्ट आवश्यकताओं वाले (विशेष रूप से अधिगम अक्षमता और संवेदीबाधित) बालकों के समावेशन को सफल बनाने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी रणनीतिक और शैक्षणिक पहल सबसे अधिक प्रभावी और प्रामाणिक मानी जाएगी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
समावेशी शिक्षा का तात्पर्य सामान्य विद्यालयों में बिना किसी भेदभाव के सभी प्रकार के बच्चों (चाहे वे शारीरिक, मानसिक, सामाजिक या आर्थिक रूप से किसी भी स्थिति में हों) को एक साथ शिक्षा प्रदान करना है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सार्वभौमिक रूप से अधिगम के लिए अभिकल्प (Universal Design for Learning - UDL), विभेदीकृत अनुदेशन और सहयोगात्मक शिक्षण पद्धतियों का उपयोग किया जाता है। शिक्षा के इस अधिकार और दर्शन के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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पाठ्यचर्या विकास में शामिल “नहीं” है :
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केर्स्टशमर (Ernst Kretschmer) और विलियम शेल्डन (William Herbert Sheldon) द्वारा प्रस्तुत शारीरिक प्रकार (Typological Approach) के व्यक्तित्व वर्गीकरण के संदर्भ में, शेल्डन के 'सोमैटोटाइप्स' (Somatotypes) सिद्धांत के अनुसार कौन सा शारीरिक प्रकार उच्च बौद्धिक क्षमता, कलात्मक संवेदनशीलता, अंतर्मुखी स्वभाव और तंत्रिका तंत्र की अत्यधिक सुकुमारता (Sensetivity) के साथ सबसे अधिक गहराई से जुड़ा हुआ है?
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बाल विकास की कौन-सी अवस्था 'गैंग एज' की अवधि को संदर्भित करती है?
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प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के संदर्भ में जॉन डीवी (John Dewey) के 'लर्निंग बाई डूइंग' (Learning by Doing) के सिद्धांत तथा बाल-केंद्रित शिक्षा प्रणाली के दार्शनिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय पारंपरिक शिक्षक-केंद्रित और पाठ्यपुस्तक-आधारित व्यवस्था को पूरी तरह नकारते हुए विद्यार्थियों के अनुभवों, समस्या-समाधान (Problem Solving), सहयोगात्मक अधिगम और लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास को अपने पाठ्यक्रम का केंद्रीय आधार बनाता है, तो इस संपूर्ण शैक्षिक परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों—जैसे 'समान प्रतिमान का सिद्धांत' (Principle of Uniform Pattern), 'निरंतरता का सिद्धांत' (Principle of Continuity), तथा 'व्यक्तिગત विभिन्नता का सिद्धांत' (Principle of Individual Differences)—का गहन विश्लेषण करने पर, विकास की दिशा से जुड़े 'मस्तकोधोमुखी क्रम' (Cephalocaudal Sequence) और 'निकट-दूर क्रम' (Proximodistal Sequence) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक और तात्विक दृष्टि से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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